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Chandigarh News: पीजीआई नर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन का आंदोलन खत्म
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चंडीगढ़। पीजीआई नर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन ने चल रहा आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी है। यूनियन की ओर से कहा गया है कि लंबी चर्चा के बाद अहम मुद्दों पर सहमति बन गई है जिसके बाद आंदोलन को वापस लेने का निर्णय लिया गया है।
यूनियन की तरफ से बताया गया है कि पीजीआई प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि डिप्टी नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट का खाली पद बिना देरी भरा जाएगा। साथ ही मॉडिफाइड एश्योर्ड कॅरिअर प्रोग्रेशन के तहत योग्य नर्सिंग स्टाफ की पदोन्नति की प्रक्रिया तीन हफ्तों के भीतर पूरी की जाएगी। सीनियर नर्सिंग ऑफिसर्स की प्रमोशन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) का गठन कर दिया गया है जिसमें नर्सिंग कैडर के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे। नाइट ड्यूटी की मौजूदा प्रणाली में सुधार लाने और उसे अधिक न्यायसंगत बनाने के लिए नई नीति निर्माण समिति भी बनाई गई है। एसोसिएशन की अध्यक्ष मंजनिक ने कहा कि हम हमेशा संवाद के लिए तैयार हैं लेकिन जब कोई रास्ता नहीं बचता तभी हम आंदोलन का विकल्प चुनते हैं। हमारा पेशा लोगों की जिंदगी और उनके अपनों से जुड़ा होता है इसलिए हम बेहद जिम्मेदारी के साथ कदम उठाते हैं। अब उम्मीद है कि प्रशासन भी उतनी ही गंभीरता और ईमानदारी से इन फैसलों को अमल में लाएगा।
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यूनियन की तरफ से बताया गया है कि पीजीआई प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि डिप्टी नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट का खाली पद बिना देरी भरा जाएगा। साथ ही मॉडिफाइड एश्योर्ड कॅरिअर प्रोग्रेशन के तहत योग्य नर्सिंग स्टाफ की पदोन्नति की प्रक्रिया तीन हफ्तों के भीतर पूरी की जाएगी। सीनियर नर्सिंग ऑफिसर्स की प्रमोशन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) का गठन कर दिया गया है जिसमें नर्सिंग कैडर के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे। नाइट ड्यूटी की मौजूदा प्रणाली में सुधार लाने और उसे अधिक न्यायसंगत बनाने के लिए नई नीति निर्माण समिति भी बनाई गई है। एसोसिएशन की अध्यक्ष मंजनिक ने कहा कि हम हमेशा संवाद के लिए तैयार हैं लेकिन जब कोई रास्ता नहीं बचता तभी हम आंदोलन का विकल्प चुनते हैं। हमारा पेशा लोगों की जिंदगी और उनके अपनों से जुड़ा होता है इसलिए हम बेहद जिम्मेदारी के साथ कदम उठाते हैं। अब उम्मीद है कि प्रशासन भी उतनी ही गंभीरता और ईमानदारी से इन फैसलों को अमल में लाएगा।
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