फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   PGI is claiming to operate the physical OPD, the patient is still upset

पीजीआई कर रहा फिजीकल ओपीडी संचाजलन का दावा, मरीज अब भी परेशान

Wed, 30 Jun 2021 03:00 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 30 Jun 2021 03:00 AM IST
विज्ञापन
PGI is claiming to operate the physical OPD, the patient is still upset
चंडीगढ़। पीजीआई प्रशासन का दावा है कि 21 जून से उन्होंने शारीरिक ओपीडी शुरू कर दी है। हालांकि जमीनी हकीक त कुछ और ही है। अब भी दर्द से कराहते मरीजों को ओपीडी में आने पर परामर्श देने की बजाय लौटाने का सिलसिला जारी है। स्थिति यह है कि पीजीआई प्रशासन जिस शारीरिक ओपीडी को शुरू करने का दावा कर रहा है, वह प्रक्रिया महीनों पहले से यहां चल रही है। मरीजों को पहले की ही तरह अब भी डॉक्टर से मिलकर परामर्श लेने के लिए टेलीकंसल्टेशन के नंबरों के जरिए पहले पंजीकरण कराना पड़ रहा है।
विज्ञापन

ऐसे में उन्हें अब भी इलाज मिलने में 10 से 15 दिन का समय लग जा रहा है। इतना ही नहीं ज्यादातर मरीजों की शिकायत अब भी यही है कि पंजीकरण के लिए दिए गए नंबर लगते ही नहीं, जबकि पीजीआई प्रशासन प्रतिदिन एक से डेढ़ हजार मरीजों को शारीरिक ओपीडी में देखे जाने की बात कर रहा है।
विज्ञापन

उधर, इलाज का इंतजार कर रहे मरीज इस अव्यवस्था की शिकायत करने से भी डर रहे हैं। पंजीकरण न होने पर इलाज के लिए इंतजार कर रहे मरीजों को डर है कि कहीं शिकायत के बाद पीजीआई में उन्हें इलाज नहीं मिला तब वह क्या करेंगे। ऐसे में प्रतिदिन पंजीकरण के लिए दिए गये नंबरों पर कॉल करने के अलावा उनके पास कोई दूसरा चारा नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बॉक्स
पंजीकरण के नंबरों के साथ समय सीमा भी बढ़ी, पर नहीं मिल रही पूरी राहत
पीजीआई प्रशासन का कहना है कि शारीरिक ओपीडी में मरीजों की संख्या को ध्यान में रखते हुए पंजीकरण की समय सीमा और फोन लाइनों की संख्या बढ़ा दी गई है। अकेले न्यू ओपीडी के लिए 18 अलग-अलग लाइनों का संचालन किया जा रहा है जबकि पंजीकरण की कम की गई समय सीमा को फिर से सुबह 8 बजे से 9.30 बजे तक कर दिया गया है। हालांकि इससे भी मरीजों को पूरी राहत नहीं मिल पा रही है।
बॉक्स
12 दिन से मिला रहा फोन, अब तक नहीं लगा
सेक्टर-25 निवासी हरिकेश यादव का कहते हैं कि मेरे भतीजे को न्यूरो के डॉक्टर को दिखाना है। उसकी स्थिति बहुत गंभीर है, लेकिन बिना पूर्व पंजीकरण कराये पीजीआई की ओपीडी में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा। 12 दिन से पंजीकरण के लिए फोन लगा रहा हूं लेकिन कॉल ही लगती ही नहीं। पीजीआई प्रशासन को अन्य मरीजों के हित को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए। कहीं ऐसा न हो इलाज के इंतजार में देर हो जाए।

कोट
कोरोना संक्रमण दर कम होने के साथ ही अन्य मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखकर शारीरिक ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दे दिया गया है। इसके लिए मंगलवार को बैठक कर इस संबंध में दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। अगर जरूरत पड़ी तो पंजीकरण के फोन नंबरों की लाइनें और बढ़ाई जाएंगी।
-प्रो. जगतराम, पीजीआई निदेशक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed