{"_id":"5c4f4d55bdec2273673664cf","slug":"pgi-chandigarh-sexual-harassment-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ः यौन शोषण के आरोपी प्रोफेसर को चार्जशीट जारी, रिसर्च ऑफिसर ने लगाया था आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ः यौन शोषण के आरोपी प्रोफेसर को चार्जशीट जारी, रिसर्च ऑफिसर ने लगाया था आरोप
Tue, 29 Jan 2019 09:24 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 29 Jan 2019 09:24 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
पीजीआई चंडीगढ़ ने यौन शोषण के आरोपी प्रोफेसर को चार्जशीट जारी कर दी है। अब प्रोफेसर को एक और अवसर दिया जाएगा। उनसे पूछा जाएगा कि आखिर आपके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। हालांकि, इससे पहले नई दिल्ली में आयोजित गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने प्रोफेसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। उन पर रिसर्च ऑफिसर ने छेड़खानी के आरोप लगाए थे। आरोपी प्रोफेसर डॉ. विकास गौतम मेडिकल माइक्रोबायोलाजी डिपार्टमेंट में कार्यरत है।
विज्ञापन
बीते साल मई में एक रिसर्च ऑफिसर ने इंटरनल कंप्लेंट कमेटी (आईसीसी) की चेयरपर्सन प्रो. सविता कुमारी को शिकायत देकर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। शिकायत के मुताबिक 14 मई 2018 को उसके साथ छेड़खानी हुई थी। अक्तूबर 2018 को आईसीसी ने अपनी जांच रिपोर्ट दाखिल की। उसके बाद यह मामला गवर्निंग बॉडी में भी गया।
विज्ञापन
मीटिंग में आईसीसी की रिपोर्ट को रखा गया और विस्तार से चर्चा हुई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि यौन शोषण मामले में जीरो टालरेंस नीति अपनाई जाए। यदि दिए गए अवसर में प्रोफेसर की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिलता है या फिर कमेटी संतुष्ट नहीं होती तो प्रोफेसर के खिलाफ तीन तरह की कार्रवाई की जा सकती है।
विज्ञापन
पहली श्रेणी के तहत डिमोशन किया जा सकता है। आरोपी इस समय में प्रोफेसर के पद पर नियुक्त है। उसे प्रोफेसर से हटाकर एडिशनल प्रोफेसर बनाया जा सकता है। दूसरी श्रेणी में पीजीआई से निकाला जा सकता है। तीसरी श्रेणी के तहत किसी भी सरकारी संस्थान में नौकरी पर नहीं रखा जाएगा। आरोपी के खिलाफ तीनों श्रेणी में कार्रवाई की जा सकती है।