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सराहनीयः एंबुलेंस ने ग्रीन कॉरिडोर से 18 मिनट में तय की 23 किमी दूरी, एयरपोर्ट पहुंचाया लीवर
Thu, 05 Sep 2019 11:31 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 05 Sep 2019 11:31 AM IST
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कॉरिडोर पार करती एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एंबुलेंस को 23 किलोमीटर की दूरी महज 18 मिनट में पार कराई और लीवर को एयरपोर्ट तक पहुंचाया। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, पीजीआई से जयपुर ट्रांसप्लांट के लिए लीवर पहुंचाना था। इसके लिए पीजीआई ने ट्रैफिक पुलिस से मदद मांगी। ट्रैफिक पुलिस ने वायरलेस से सूचना प्रसारित करते हुए तत्काल ग्रीन कॉरिडोर बनाया और एयरपोर्ट तक लीवर पहुंचाया।
ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को पीजीआई से जानकारी मिली कि ट्रांसप्लांट के लिए लिवर पीजीआई से जयपुर जाना है। ट्रैफिक पुलिस ने इसके लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया। दोपहर 12 बजे पीजीआई के तालमेल के बाद एंबुलेंस से लिवर एयरपोर्ट केलिए रवाना हुआ। ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी ने आगे रास्ता क्लियर कराया। उसके बाद महज 18 मिनट में 23 किलोमीटर का सफर तय कर एंबुलेंस ने एयरपोर्ट लिवर पहुंचाया।
ट्रैफिक एसएसपी शशांक आनंद ने कहा कि आम दिनों में भी शहर के लोगों को सहयोग करना चाहिए। एंबुलेंस को पहले निकलने देना चाहिए। ऐसा न करने पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 194 ई के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसमें कारावास के साथ 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
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पांच साल में 31 बार उपलब्ध कराया ग्रीन कॉरिडोर
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार पिछले पांच साल में 31 बार ऐसा मौका आया है, जब ट्रैफिक पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एंबुलेंस को कम समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचाया है। हालांकि, अंतिम बार ग्रीन कॉरिडोर ढाई साल पहले बनाया गया था। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार आगे जब भी कोई हॉस्पिटल या पीजीआई उनसे कोऑर्डिनेट करेगा, उसे पूरा सहयोग किया जाएगा।
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ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को पीजीआई से जानकारी मिली कि ट्रांसप्लांट के लिए लिवर पीजीआई से जयपुर जाना है। ट्रैफिक पुलिस ने इसके लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया। दोपहर 12 बजे पीजीआई के तालमेल के बाद एंबुलेंस से लिवर एयरपोर्ट केलिए रवाना हुआ। ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी ने आगे रास्ता क्लियर कराया। उसके बाद महज 18 मिनट में 23 किलोमीटर का सफर तय कर एंबुलेंस ने एयरपोर्ट लिवर पहुंचाया।
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ट्रैफिक एसएसपी शशांक आनंद ने कहा कि आम दिनों में भी शहर के लोगों को सहयोग करना चाहिए। एंबुलेंस को पहले निकलने देना चाहिए। ऐसा न करने पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 194 ई के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसमें कारावास के साथ 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
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पांच साल में 31 बार उपलब्ध कराया ग्रीन कॉरिडोर
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार पिछले पांच साल में 31 बार ऐसा मौका आया है, जब ट्रैफिक पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एंबुलेंस को कम समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचाया है। हालांकि, अंतिम बार ग्रीन कॉरिडोर ढाई साल पहले बनाया गया था। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार आगे जब भी कोई हॉस्पिटल या पीजीआई उनसे कोऑर्डिनेट करेगा, उसे पूरा सहयोग किया जाएगा।