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हरियाणा कैबिनेट के मंत्रियों की अधिक संख्या को चुनौती, हाईकोर्ट में याचिका
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 27 Jan 2017 08:14 PM IST
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हाईकोर्ट
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हरियाणा कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या कुल विधायकों का 15 प्रतिशत से अधिक होने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। एडवोकेट जगमोहन सिंह भट्टी ने याचिका में विधायक ज्ञान चंद गुप्ता को राज्य मंत्री का दर्जा देने को चुनौती देने के साथ ही उन्हें यह पद देने से मंत्रियों की संख्या बढ़ने की दलील दी गई है। हाईकोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई अगले सप्ताह हो सकती है।
मामले में अर्जी दाखिल करते हुए एडवोकेट जगमोहन सिंह भट्टी ने कहा कि हरियाणा में कैबिनेट मंत्रियों की संख्या वर्तमान में 14 है। नियमों के मुताबिक कुल विधायकों की संख्या 90 है और ऐसे में अधिकतम मंत्री 13.5 हो सकते हैं। बावजूद इसके कुछ समय पूर्व एडवोकेट जनरल को कैबिनेट रैंक और विधायक ज्ञान चंद गुप्ता को राज्य मंत्री का दर्जा दे दिया गया।
याची ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से जो मंत्रिपद और कैबिनेट रैंक बांटी जा रही है उसका सीधा दबाव जनता पर पड़ रहा है। विधायकों को खुश करने के लिए ऐसी रैंक बांटी जाती है और उनको भुगतान जनता की गाढ़ी कमाई से किया जाता है। याची ने हाईकोर्ट से अपील करते हुए कहा कि तय संख्या से अधिक मंत्री होने के चलते अतिरिक्त मंत्रियों को हटाया जाए। इसके साथ ही याचिका लंबित रहते उनको मिलने वाले लाभ पर रोक लगाई जाए।
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इस याचिका में ज्ञान चंद गुप्ता को प्रतिवादी बनाया गया है, जबकि एडवोकेट जनरल को प्रतिवादियों की सूची से बाहर रखा गया है। हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई अगले सप्ताह होगी। बता दें कि इससे पूर्व में भी इसी प्रकार की याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में खामियां होने के चलते उसे वापस लेने की छूट देते हुए खारिज कर दिया गया था। उस याचिका में एडवोकेट जनरल को प्रतिवादी बनाने पर भी हाईकोर्ट ने आपत्ति जताई थी। अब नए सिरे से बेहतर याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट से आवश्यक कार्रवाई की अपील की गई है।
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मामले में अर्जी दाखिल करते हुए एडवोकेट जगमोहन सिंह भट्टी ने कहा कि हरियाणा में कैबिनेट मंत्रियों की संख्या वर्तमान में 14 है। नियमों के मुताबिक कुल विधायकों की संख्या 90 है और ऐसे में अधिकतम मंत्री 13.5 हो सकते हैं। बावजूद इसके कुछ समय पूर्व एडवोकेट जनरल को कैबिनेट रैंक और विधायक ज्ञान चंद गुप्ता को राज्य मंत्री का दर्जा दे दिया गया।
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याची ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से जो मंत्रिपद और कैबिनेट रैंक बांटी जा रही है उसका सीधा दबाव जनता पर पड़ रहा है। विधायकों को खुश करने के लिए ऐसी रैंक बांटी जाती है और उनको भुगतान जनता की गाढ़ी कमाई से किया जाता है। याची ने हाईकोर्ट से अपील करते हुए कहा कि तय संख्या से अधिक मंत्री होने के चलते अतिरिक्त मंत्रियों को हटाया जाए। इसके साथ ही याचिका लंबित रहते उनको मिलने वाले लाभ पर रोक लगाई जाए।
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इस याचिका में ज्ञान चंद गुप्ता को प्रतिवादी बनाया गया है, जबकि एडवोकेट जनरल को प्रतिवादियों की सूची से बाहर रखा गया है। हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई अगले सप्ताह होगी। बता दें कि इससे पूर्व में भी इसी प्रकार की याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में खामियां होने के चलते उसे वापस लेने की छूट देते हुए खारिज कर दिया गया था। उस याचिका में एडवोकेट जनरल को प्रतिवादी बनाने पर भी हाईकोर्ट ने आपत्ति जताई थी। अब नए सिरे से बेहतर याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट से आवश्यक कार्रवाई की अपील की गई है।