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पेक में होंगी स्थायी शिक्षकों की भर्तियां, शोध को मिलेगा बढ़ावा
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चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के नवनियुक्त निदेशक प्रो. बलदेव सेतिया ने संकाय सदस्यों की पहली बैठक में अपनी प्राथमिकताएं सामने रखीं और पेक को आगे ले जाने के लिए शिक्षकों का साथ मांगा।
उन्होंने कहा कि वह एक टीम के सदस्य हैं। सभी मिलकर काम करेंगे, तभी पेक को आगे ले जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्थायी शिक्षकों की भर्तियां करेंगे। इसके लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। साथ ही शोध में पेक को आगे बढ़ाना है। पास के शिक्षण संस्थानों में आईआईटी, एनआईटी आदि हैं। इन शिक्षण संस्थानों की उपलब्धियां व पेक की उपलब्धियां लगभग एक जैसी हैं। पेक बेहतर कार्य कर रहा है, लेकिन शोध के क्षेत्र में पीछे है। अभी पेटेंट बहुत कम हैं, इस पर सभी को मिलकर काम करना होगा। शोध पत्रों की संख्या बढ़ानी होगी। इसके साथ ही पेटेंट बढ़ाने होंगे। इसके लिए प्रयोगशालाओं को उच्चीकृत किया जाएगा। बैठक में संकाय की कमी का मुद्दा भी उठा। इस पर प्रो. सेतिया ने कहा कि संकाय की कमी लगभग सभी जगहों पर है, लेकिन पेक में स्थायी भर्तियां करने के लिए योजना बनेगी और भर्तियां की जाएंगी। विद्यार्थियों को शोध व पेटेंट के बारे में सभी को जागरूक करने को कहा।
कैंपस खोलने का फैसला उच्चाधिकारी लेंगे
पेक की ओर से कैंपस खोलने के लिए योजना बन रही है, लेकिन उस पर पूरी तरह मुहर नहीं लग पा रही है। सूत्रों का कहना है कि पेक के अधिकारी इस प्रस्ताव को उच्चाधिकारियों के सामने रखेंगे। इसके बाद ही कुछ निर्णय लिया जा सकेगा। कैंपस खोलने से पहले कोरोना दिशानिर्देशों का पालन कराने से लेकर छात्रों के लिए छात्रावास आवंटन पर काम होगा। शोधार्थियों का कैंपस में आना हो रहा है। इसी तरह अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों को भी रोस्टर के मुताबिक बुलाया जा सकता है। हालांकि यह पूरी योजना में शामिल किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि वह एक टीम के सदस्य हैं। सभी मिलकर काम करेंगे, तभी पेक को आगे ले जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्थायी शिक्षकों की भर्तियां करेंगे। इसके लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। साथ ही शोध में पेक को आगे बढ़ाना है। पास के शिक्षण संस्थानों में आईआईटी, एनआईटी आदि हैं। इन शिक्षण संस्थानों की उपलब्धियां व पेक की उपलब्धियां लगभग एक जैसी हैं। पेक बेहतर कार्य कर रहा है, लेकिन शोध के क्षेत्र में पीछे है। अभी पेटेंट बहुत कम हैं, इस पर सभी को मिलकर काम करना होगा। शोध पत्रों की संख्या बढ़ानी होगी। इसके साथ ही पेटेंट बढ़ाने होंगे। इसके लिए प्रयोगशालाओं को उच्चीकृत किया जाएगा। बैठक में संकाय की कमी का मुद्दा भी उठा। इस पर प्रो. सेतिया ने कहा कि संकाय की कमी लगभग सभी जगहों पर है, लेकिन पेक में स्थायी भर्तियां करने के लिए योजना बनेगी और भर्तियां की जाएंगी। विद्यार्थियों को शोध व पेटेंट के बारे में सभी को जागरूक करने को कहा।
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कैंपस खोलने का फैसला उच्चाधिकारी लेंगे
पेक की ओर से कैंपस खोलने के लिए योजना बन रही है, लेकिन उस पर पूरी तरह मुहर नहीं लग पा रही है। सूत्रों का कहना है कि पेक के अधिकारी इस प्रस्ताव को उच्चाधिकारियों के सामने रखेंगे। इसके बाद ही कुछ निर्णय लिया जा सकेगा। कैंपस खोलने से पहले कोरोना दिशानिर्देशों का पालन कराने से लेकर छात्रों के लिए छात्रावास आवंटन पर काम होगा। शोधार्थियों का कैंपस में आना हो रहा है। इसी तरह अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों को भी रोस्टर के मुताबिक बुलाया जा सकता है। हालांकि यह पूरी योजना में शामिल किया जाएगा।
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