पटाखे न चलाने के आदेश से लोगों में आक्रोश, बोले- योजना का नहीं किया मंथन, थोप दिए आदेश

Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 14 Oct 2021 02:18 AM IST
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चंडीगढ़। शहर में पटाखे न चलाने के आदेश से लोगों में काफी आक्रोश है। रामलीला कमेटियों के पदाधिकारियों का कहना है कि एक दिन पहले पटाखे न चलाने का आदेश हमारे ऊपर थोपा जा रहा है। अधिकारियों को पता है कि लगभग 7 से 8 दिन पहले रावण का पुतला बनना शुरू हो जाता है, ऐसे में पुतले में लगाने के लिए जो पटाखे खरीद लिए, उनका क्या करें। पहले पता होता तो पटाखों पर इतना खर्च न करते।
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यह कहते हैं रामलीला कमेटी के पदाधिकारी
ढाई लाख खर्च कर पुतले बनकर तैयार, अब क्या करें
हमारा रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद का पुतला तैयार है। पुतले पर ढाई लाख रुपये का खर्च आया है। पचास हजार रुपये की तो केवल आतिशबाजी भरी गई है। अब अंतिम समय में पटाखा न जलाने की बात का फरमान जारी किया गया है, यह ठीक नहीं है। तीनों पुतलों में पटाखे भरे हैं। इसे हटाने में तो पुतले खराब हो जाएंगे। इससे बड़ा घाटा होगा। पहले से ही रामलीला कमेटी आर्थिक संकट से गुजर रहा है। प्रशासन रामलीला कमेटियों की बातों पर गौर करे।

-गुलशन कुमार, प्रधान आजाद ड्रामाटिक क्लब रामलीला एवं दशहरा कमेटी, सेक्टर- 20 चंडीगढ़
पटाखे निकालने में पुतले खराब हुए
अखबार में खबर पढ़कर होश उड़ गए। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद का पुतला बनकर तैयार है। उसमें एक सौ बम भरा हुआ है। रावण में 40 और कुंभकर्ण और मेघनाद में 30-30 बम भरे हैं। इस बम पर करीब तीन हजार रुपये का खर्च आया है। गनीमत यह है कि ये पुतले खड़े नहीं किए गए थे। यदि खड़े होते तो बहुत बड़ा घाटा होता। प्रशासन को समय से पहले ही बता देना चाहिए था। दो दिन दशहरा में बचा है। अब हमारा सारा रौनक खराब हो गया है। पटाखे निकालने पर खराब हुए पुतलों को मरम्मत किया गया।
-संजय जखमोला, प्रधान, उत्तरांचल रामलीला मंडली रामलीला एवं दशहरा कमेटी, सेक्टर- 40 चंडीगढ़
पुतले का कद घटाया, अब महज प्रतीकात्मक रूप से मनेगा दशहरा
मोगा में रावण का पुतला बन रहा था। सूचना मिली कि रावण के पुतले में पटाखे नहीं चलेंगे तो फोन कर कारीगर को बताया कि अब बिना पटाखे के 25 फीट का केवल रावण का पुतला ही तैयार करे। लोग रावण में जलते समय आतिशबाजी देखने आते हैं। प्रशासन के नियमों का पालन करना है। दशहरा के दिन 75 फीट का रावण जलाना था। अब तो केवल प्रतीकात्मक रूप से ही दशहरा मनेगा और केवल रावण का पुतला जलेगा।
-सुशील सोबत, महासचिव श्री सनातन धर्म दशहरा कमेटी, सेक्टर- 46 चंडीगढ़

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