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पाकिस्तान में मुशर्रफ को सजा-ए-मौत, भारत में नवाज शरीफ के गांव वाले खुश, पढ़ें क्या बोले...

Thu, 19 Dec 2019 09:10 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 19 Dec 2019 09:10 AM IST
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People of Nawaz Sharif's village happy after Pervez Musharraf sentenced to death
नवाज शरीफ के पैतृक गांव के लोग।

पाकिस्तान के पूर्व जनरल परवेज मुशर्रफ को मौत की सजा का पंजाब के तरनतारन के गांव जाति उमरा के लोगों ने समर्थन किया है। यह गांव पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का पुश्तैनी गांव है। यहां के लोगों का कहना है कि तानाशाह का यही अंजाम होना चाहिए।

People of Nawaz Sharif's village happy after Pervez Musharraf sentenced to death
Punjab - फोटो : अमर उजाला

1999 में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर देशद्रोह का मामला दर्जकर मुशर्रफ ने उन्हें देश से निकाला दिया था। इसके बाद नवाज ने सऊदी अरब में शरण ली थी। मुशर्रफ ने तख्तापलट कर पाक की सत्ता अपने हाथ ले ली थी। तब अगर देशद्रोह के मामले में नवाज शरीफ दोषी पाए जाते तो उनको फांसी की सजा तय थी। उस समय गांव जाति उमरा के लोगों ने गुरुद्वारा साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब करके शरीफ की लंबी आयु की अरदास की थी। नवाज शरीफ के बीमार होने पर भी लोगों ने लंबी आयु की प्रार्थना की थी।

People of Nawaz Sharif's village happy after Pervez Musharraf sentenced to death
Punjab - फोटो : अमर उजाला

लोगों का कहना है कि हमारे गांव से जुड़े नवाज शरीफ की सरकार को बर्खास्त करने, पाक से सर्वोच्च न्यायालय के शीर्ष न्यायाधीशों को जेल में डालने वाले तानाशाह को ऐसी ही सजा मिलनी चाहिए थी। पूर्व सरपंच दिलबाग सिंह, जसबीर सिंह, बलजीत सिंह, बीरा सिंह ने बताया कि जिस तरह नवाज शरीफ को देशद्रोही करार दिया गया था आज उसी हाल से परवेज मुशर्रफ को गुजरना पड़ रहा है। गांव के लोग इस फैसले के समर्थन में हैं।

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People of Nawaz Sharif's village happy after Pervez Musharraf sentenced to death
Punjab - फोटो : अमर उजाला

नंबरदार बंसा सिंह, स्वर्ण सिंह, शुबेग सिंह ने कहा कि गांव के लोगों को वाहेगुरु पर भरोसा था कि देशद्रोह के मामले में मुशर्रफ को फांसी की सजा होगी। आज का दिन यहां के लोगों के लिए ऐतिहासिक है। पूर्व सैनिक गुरपाल सिंह ने कहा कि भारत पर कारगिल की जंग थोपने के पीछे परवेज मुशर्रफ का ही हाथ था। उस समय वह कारगिल की चोटियों लड़ रहे थे। 

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People of Nawaz Sharif's village happy after Pervez Musharraf sentenced to death
इन्हीं गलियों में बिता नवाज शरीफ का बचपन। - फोटो : अमर उजाला

जाति उमरा में गुजरा था नवाज का बचपन
विधानसभा हलका बाबा बकाला में स्थित गांव जाति उमरा की आबादी 700 के करीब है। यहां वोटरों की संख्या 514 है। इस गांव की गलियों में नवाज शरीफ का बचपन गुजरा है। उनके परिवार की हवेली में अब गुरुद्वारा साहिब है। गांव के सरपंच जसपाल सिंह ने कहा कि परवेज मुशर्रफ को यहां कारगिल युद्ध का खलनायक माना जाता है। 

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