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लॉकडाउन : जरूरतमंदों की मदद के लिए खोल दिए थे दिल के दरवाजे, किसी ने बांटे मास्क तो किसी ने पिलाया जूस 

Fri, 26 Mar 2021 09:28 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 26 Mar 2021 09:28 AM IST
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People helped others in many ways during lockdown in Chandigarh
चंडीगढ़ में लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों को मदद की गई। - फोटो : फाइल फोटो
चंडीगढ़ में लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों की मदद के लिए लोगों ने अपने दिल के दरवाजे खोल दिए। तमाम ऐसे लोग थे, जिन्होंने मदद के लिए अपनी जमापूंजी तक लगा दी और बिना किसी स्वार्थ के दिन-रात जुटे रहे। जगह-जगह लंगर लगे। कई जरूरतमंदों को राशन किट बांटी। कई ऐसे बच्चे भी थे, जिन्होंने अपनी गुल्लक तक तोड़ दी। जिसकी जितनी क्षमता थी, उतनी मदद की। लॉकडाउन को पूरे एक साल होने पर कुछ ऐसी मिसालें, जिन्होंने समाजसेवा कर लोगों का दिल जीत लिया।
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60 फीसदी झुलसने के बावजूद पांच महीने बांटा राशन
मोहाली के फेज दो निवासी प्रदीप कुमार नवाब कोरोना से पहले दुकान में लगी आग में करीब 60 फीसदी झुलस गए थे। डॉक्टरों ने उन्हें हिदायत दी थी कि वे धूप में न निकलें, लेकिन जब उन्हें पता चला कि लॉकडाउन की वजह से कई लोगों के पास राशन नहीं है तो वे अपनी गाड़ी उठाकर लोगों को राशन बांटने निकल गए। पांच महीने तक वह रोजाना लोगों को राशन बांटने जाते थे। उन्होंने एक राशन किट तैयार की थी, जिनमें दस किलो आटा, चाय पत्ती, चीनी, छह किलो दाल, मसाले व दूध का पैकेट रहता था। बेजुबान जानवरों व पक्षियों को भी उन्होंने दाना-पानी दिया।

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कोरोना काल में पांच हजार मास्क बनाकर लोगों में बांटे

People helped others in many ways during lockdown in Chandigarh
लाडी पन्नू - फोटो : अमर उजाला

गांव मलोया के लाडी पन्नू और उनके परिवार ने कोरोना काल के दौरान लगभग पांच हजार मास्क बनाए और जरूरतमंदों में बांटे। लाडी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उन्होंने पाया कि कई लोगों के पास मास्क नहीं थे। पहले अपनी जमापूंजी से मास्क बांटे। इसके बाद लोगों से मदद मांगकर घर पर बहन और मां ने मास्क बनाए। उसके बाद वे और उनके पिता जगह-जगह जाकर मास्क बांटते थे। मजदूरों के पलायन के दौरान भी उन्होंने लोगों की मदद की।

कोरोना काल से चल रहा जूस का लंगर
सेक्टर-20-सी स्थित गुरुद्वारा कलगीधर खेड़ी में कोरोना काल से जूस का लंगर चल रहा है। गुरुद्वारा साहिब के प्रधान गुरिंदर बीर सिह हैप्पी ने बताया कि कोरोना से लड़ने में शरीर की इम्युनिटी बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए रोजाना एक से डेढ़ घंटे के लिए जूस का लंगर लगाया जाता है, ताकि लोग अपने शरीर को अंदर से मजबूत कर सकें। इसके अलावा गुरुद्वारा साहिब की ओर से जीएमएसएच-16, जीएमसएच-32, बुड़ैल जेल, पुलिस मुख्यालय व नगर निगम के कोरोना योद्धाओं को जूस, दलिया व ओट्स दिए, ताकि योद्धा भी कोरोना से लड़ सकें।

 

पैरा ओलंपिक खिलाड़ी ने डेढ़ लाख रुपये की राशि दी
पैरा ओलंपिक टेबल टेनिस खिलाड़ी मुकेश और उनकी पत्नी पूनम ने खेल में जीती करीब डेढ़ लाख रुपये की राशि पीएम केयर फंड में दान दे दी। दोनों ही दिव्यांग हैं। उनका बेटा यजत (11) टेबल टेनिस का स्टेट चैंपियन है। उसने भी लोगों की मदद के लिए अपनी गुल्लक में जमा पांच हजार की राशि राहत कोष में दी। राशि देने के अलावा दंपती ने जगह-जगह सैनिटाइजर, साबुन और मास्क बांटे। इसके अलावा उन्होंने कई एनजीओ की भी मदद की।

पीपीई किट, मास्क व सैनिटाइजर बांटे
इंडस्ट्री एसोसिएशन पंचकूला के प्रधान रमेश अग्रवाल ने कोरोना योद्धाओं को पीपीई किट, मास्क, सैनिटाइजर उपलब्ध करवाया। उन्होंने बताया कि कोरोना काल के दौरान वह सुबह सात बजे घर से निकल जाते थे और सारा काम करने के बाद रात को सात बजे घर लौटते थे। लॉकडाउन के दौरान वे अपने परिचितों के घर से रोटी, सब्जी इकट्ठा करते थे और एक सेंटर में ले जाते थे। वहां पैकिंग होती थी। इसके बाद वहीं से खाना सभी में वितरित होता था।

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