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खुलासाः सियासी लोगों के समर्थन के चलते फिरोजपुर में सीमांत गांवों में तैयार हो रही अवैध शराब
Sun, 02 Aug 2020 01:26 PM IST
खुशबू गोयल
अनिल कुमार, फिरोजपुर
अनिल कुमार, फिरोजपुर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 02 Aug 2020 01:26 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
फिरोजपुर के सीमावर्ती जिलों के गांवों में पिछले लंबे समय से सियासी लोगों के समर्थन के चलते जहरीली शराब बनने का सिलसिला जारी है। ये सब कुछ वोट की खातिर है। सीमावर्ती क्षेत्रों में ज्यादातर गरीब लोग बसे हैं, उनके पास रोजगार का कोई साधन नहीं है, इस धंधे में पुरुष ही नहीं महिलाएं भी शामिल हैं। कई बार पुलिस हजारों लीटर अवैध शराब पकड़ चुकी है, फिर भी यह बंद नहीं हुआ।
वर्ष 2001 में फिरोजपुर में भी जहरीली शराब पीने से दस लोगों की मौत हुई थी। कुछ दिन पहले अमर उजाला ने सीमांत क्षेत्रों में जहरीली शराब तैयार होने की खबर प्रकाशित की थी। पुलिस और सियासी लोग इस पर रोक लगाते तो इतने लोगों की मौत नहीं होनी थी। सूत्रों के मुताबिक विधायक, सांसद और मंत्रियों के साथ जुड़े सीमांत क्षेत्र के कुछेक लोग ही अवैध शराब, नशीले पदार्थ और अवैध हथियारों के धंधे से जुड़े हैं।
कुछ दिन पहले ही कपूरथला से पकड़े गए कुख्यात गैंगस्टर ने फिरोजपुर के एक व्यक्ति का नाम लिया था जो सियासी लोगों के साथ जुड़ा था। इसी तरह अवैध शराब तैयार करने वाले कई लोग सियासी नेताओं के संपर्क में है। हुसैनीवाला बार्डर, ममदोट, फाजिल्का, जलालाबाद, तरनतारन, अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट के सीमांत हलके के बहुत से लोग सतलुज व रावी दरिया के पास शराब की भट्टियां लगाकर जहरीली शराब तैयार करने में जुटे हैं।
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कुछ दिन पहले हुसैनीवाला बार्डर से सटे गांव से बीएसएफ ने जहरीली शराब बनाने की सामग्री पकड़ी थी जबकि आरोपी भाग गए थे। ये लोग सतलुज दरिया के बीच बने टापू में शराब बनाते हैं और पुलिस को देख कर निकल जाते हैं।
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वर्ष 2001 में फिरोजपुर में भी जहरीली शराब पीने से दस लोगों की मौत हुई थी। कुछ दिन पहले अमर उजाला ने सीमांत क्षेत्रों में जहरीली शराब तैयार होने की खबर प्रकाशित की थी। पुलिस और सियासी लोग इस पर रोक लगाते तो इतने लोगों की मौत नहीं होनी थी। सूत्रों के मुताबिक विधायक, सांसद और मंत्रियों के साथ जुड़े सीमांत क्षेत्र के कुछेक लोग ही अवैध शराब, नशीले पदार्थ और अवैध हथियारों के धंधे से जुड़े हैं।
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कुछ दिन पहले ही कपूरथला से पकड़े गए कुख्यात गैंगस्टर ने फिरोजपुर के एक व्यक्ति का नाम लिया था जो सियासी लोगों के साथ जुड़ा था। इसी तरह अवैध शराब तैयार करने वाले कई लोग सियासी नेताओं के संपर्क में है। हुसैनीवाला बार्डर, ममदोट, फाजिल्का, जलालाबाद, तरनतारन, अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट के सीमांत हलके के बहुत से लोग सतलुज व रावी दरिया के पास शराब की भट्टियां लगाकर जहरीली शराब तैयार करने में जुटे हैं।
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कुछ दिन पहले हुसैनीवाला बार्डर से सटे गांव से बीएसएफ ने जहरीली शराब बनाने की सामग्री पकड़ी थी जबकि आरोपी भाग गए थे। ये लोग सतलुज दरिया के बीच बने टापू में शराब बनाते हैं और पुलिस को देख कर निकल जाते हैं।