संक्रमण का डर: हेल्पलाइन पर ऑक्सीजन, रेमडेसिविर के बारे में पूछे जा रहे सबसे ज्यादा सवाल, तेजी से बढ़ रहा तनाव
स्वास्थ्य विभाग और अन्य संस्थाओं की ओर से चलाए जा रहे कोविड-19 के हेल्पलाइन नंबरों पर इलाज की व्यवस्था को लेकर सबसे ज्यादा कॉल आने लगे हैं।
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चंडीगढ़ में कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के साथ ही इसके इलाज की व्यवस्था को लेकर लोगों के मन में तनाव बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह है कि स्वास्थ्य विभाग और अन्य संस्थाओं की ओर से चलाए जा रहे कोविड-19 के हेल्पलाइन नंबरों पर इलाज की व्यवस्था को लेकर सबसे ज्यादा कॉल आने लगे हैं।
हेल्पलाइन संचालकों का कहना है कि मौजूदा समय में लोग सबसे ज्यादा ऑक्सीजन और रेमडेसिविर और टोसीलिजुमाब इंजेक्शन की उपलब्धता के बारे में सवाल पूछ रहे हैं। इतना ही नहीं लोगों को इस बात का डर सताने लगा है कि कहीं देश के अन्य शहरों में हो रही ऑक्सीजन की कमी वाली स्थिति चंडीगढ़ में भी न हो जाए। उनके इस तनाव को दूर करने के लिए हेल्पलाइन के जरिए विशेषज्ञ उन्हें दवा और इंजेक्शन के साथ ही ऑक्सीजन की भरपूर उपलब्धता होने की जानकारी दे रहे हैं।
रोज आ रहे हैं लगभग 500 कॉल
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार कोविड हेल्पलाइन पर प्रतिदिन 400 से 500 कॉल आ रहे हैं, जिनमें से लगभग 200 कॉल इंजेक्शन और ऑक्सीजन से संबंधित है। वही, क्राफ्ट द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन से जुड़े आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रमणीक सिंह बेदी ने बताया कि प्रतिदिन 200 से ज्यादा कॉल आ रहे हैं।
महज 3 दिनों में 300 से ज्यादा कॉल इंजेक्शन, ऑक्सीजन और आईसीयू की बेड की उपलब्धता से संबंधित आ चुके हैं। ऐसे में कॉल करने वालों को यह समझाया जा रहा है कि कोरोना के प्रत्येक मरीज के लिए रेमडेसिविर, टोसीलिजुमाब इंजेक्शन और ऑक्सीजन की जरूरत नहीं होती। इसलिए इसे लेकर किसी प्रकार का तनाव लेने की जरूरत नहीं है।
ये हैं स्वास्थ्य विभाग के हेल्प डेस्क के नंबर
जीएमएसएच 16 2752038, 9779558282
0172-2720105, 0172-2728703
सिविल अस्पताल सेक्टर 22 7087577447
ईस्ट जोन सिविल हॉस्पिटल सेक्टर 45 0172-2634074
एक जोन सिविल हॉस्पिटल मनीमाजरा 01722738087
ईस्ट जोन जीएमसीएच 32 9646121642
चंडीगढ़ रेजिडेंट्स एसोसिएशन वेलफेयर फेडरेशन (क्राफ्ड ) द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर - 9781999550 और 7009262024
कोरोना के मरीजों को दवा, इंजेक्शन और ऑक्सीजन जैसी चीजों की कमी को लेकर तनाव में रहने की जरूरत नहीं है। मरीजों की स्थिति को देखते हुए शहर में इसके पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। -डॉ. वीके नागपाल, चिकित्सा अधीक्षक, जीएमएसएच- 16