फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Pension Scam: After the strictness of the High Court, the sword of action hangs against 30 officers.

पेंशन घोटाला : हाईकोर्ट की सख्ती के बाद 30 से अधिकारियों पर लटकी कार्रवाई की तलवार

Thu, 07 Mar 2024 08:54 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Mar 2024 08:54 PM IST
विज्ञापन
Pension Scam: After the strictness of the High Court, the sword of action hangs against 30 officers.
विभाग के प्रधान सचिव दो दिन से कर रहे मैराथन बैठकें
विज्ञापन

जिलों से पुराना रिकार्ड और अधिकारियों का ब्योरा मांगा
15 मार्च से पहले गाज गिरनी तय, अधिकारियों के छूटे पसीने
चंडीगढ़। करीब 162 करोड़ रुपये के पेंशन घोटाले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सख्त रवैये के बाद घोटाले के आरोपी 30 से अधिक अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। 12 साल लंबित मामले में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं किए जाने पर कड़ा संज्ञान लेते हुए विभाग के प्रधान सचिव ने रिकार्ड तलब कर लिया है। साथ ही सभी जिलों से पुराना रिकार्ड और संबंधित अधिकारियों के बारे में ब्योरा मांगा गया है। 15 मार्च से पहले हरियाणा सरकार को हाईकोर्ट में शपथ पत्र देना है। संभावना है कि अगले सप्ताह विभाग के अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। इनमें चार्जशीट से लेकर, रिकवरी और अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई शामिल हैं।
हाईकोर्ट ने इस मामले में विभाग के प्रधान सचिव और महानिदेशक को अवमानना का नोटिस भेजा है। साथ ही तत्कालीन सभी प्रधान सचिवों और महानिदेशकों को अदालत की अवमानना का दोषी माना है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद से विभाग में हलचल तेज हो गई है। विभाग के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल लगातार दो दिनों में अधिकारियों के साथ मैराथन बैठकें कर रहे हैं। पंकज अग्रवाल ने तत्कालीन अधिकारियों को लेकर अब तक की गई कार्रवाई का रिकार्ड भी तलब किया है। साथ ही पूरे मामले को लेकर प्रदेश के सभी जिलों से जिला समाज कल्याण अधिकारियों के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि क्योंकि हाईकोर्ट की अवमानना का नोटिस मिलने के बाद अधिकारियों की सांसें फूली हुई हैं और हर हाल में 15 मार्च से पहले संबंधित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करके सरकार हाईकोर्ट में शपथ पत्र देगी। इसके अलावा, शपथ पत्र में ये भी हवाला दिया जाएगा कि पहले कितने अधिकारियों पर कार्रवाई की गई और कितने रुपये की रिकवरी की गई है।
विज्ञापन

गौरतलब है कि सामाजिक कार्यकर्ता राकेश बैंस की शिकायत पर यह मामला सामने आया था। मृतकों के नाम पर पेंशन हड़पने के साथ-साथ अपात्र लोगों को भी पेंशन दी गई। सीबीआई ने मामले की स्टेट्स रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की है। इसमें साफ कहा कि इतने साल बीतने के बाद भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed