बड़ी राहत: हरियाणा में पानी के बकाया बिल पर जुर्माना व ब्याज माफ, हर जिले में हजारों उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि कई सालों से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पानी के बिल बकाया थे। विभाग ने बकाया बिलों की राशि पर जुर्माना व ब्याज लगाकर बिल भेज दिए थे। इससे हर उपभोक्ता का 15 हजार से लेकर 40 हजार रुपये तक का बिल बना दिया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा सरकार ने पानी के बिलों पर लोगों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को महेंद्रगढ़ में जनस्वास्थ्य विभाग के उपभोक्ताओं के बकाया बिलों के जुर्माना व ब्याज को माफ करने का एलान किया। उपभोक्ताओं को अब सिर्फ बिल भरने होंगे। बिल के ऊपर लगा जुर्माना व ब्याज राशि को सरकार ने माफ कर दिया है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि हर जिले में लगभग 15 से 20 हजार ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्होंने पानी का बिल नहीं भरा है। प्रत्येक जिले में पानी के करीब 25 से 40 करोड़ रुपये तक बकाया है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि कई सालों से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पानी के बिल बकाया थे। विभाग ने बकाया बिलों की राशि पर जुर्माना व ब्याज लगाकर बिल भेज दिए थे। इससे हर उपभोक्ता का 15 हजार से लेकर 40 हजार रुपये तक का बिल बना दिया था। विभाग की ओर से टंकियां भी बांटी गई थी लेकिन किसी से बिल नहीं मांगे नहीं गए थे। विभाग की ओर से वसूली का दबाव था। सीएम ने कहा कि इस बारे में जानकारी मिलते ही विभाग को इस पर राहत देने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने अब निर्णय लिया है कि उपभोक्ता को अब सिर्फ पानी का बकाया बिल भरना है। कोई भी जुर्माना व ब्याज नहीं वसूला जाएगा।
सामान्य श्रेणी के लोगों को सिर्फ 40 रुपये प्रति माह देना होगा
पानी के बिल के लिए अनुसूचित जाति के लोगों के लिए 20 रुपये प्रति माह और सामान्य श्रेणी के लोगों के लिए 40 रुपये प्रति माह की दर निर्धारित है। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि यदि एक घर का 15 सालों का हिसाब लगाएं तो निर्धारित दरों के अनुसार अनुसूचित जाति के नागरिकों को अधिकतम 3800 रुपये और सामान्य श्रेणी के नागरिकों को अधिकतम 7600 रुपये का भुगतान करना है। सरकार ने इसमें सहूलियत दी है कि यदि कोई व्यक्ति एकमुश्त भुगतान नहीं कर सकता तो उसे किस्तों में भी देने की सुविधा दी जाएगी।