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हरियाणाः धान रोपाई पर प्रतिबंध के खिलाफ सड़कों पर कांग्रेस, धरने पर बैठे सैलजा-सुरजेवाला
Wed, 27 May 2020 04:26 PM IST
खुशबू गोयल
अमित रूखाया, फतेहाबाद
अमित रूखाया, फतेहाबाद
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 27 May 2020 04:26 PM IST
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धरने पर बैठे सैलजा-सुरजेवाला
- फोटो : अमर उजाला
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धान रोपाई पर सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ कांग्रेस हरियाणा आखिरकार सड़क पर उतर गई और डीसी दफ्तर के सामने सांकेतिक धरना दिया। फतेहाबाद के लघुसचिवालय में दिए गए इस धरने की अध्यक्षता कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा व आल इंडिया कांग्रेस के मीडिया विंग के अध्यक्ष रणदीप सुरजेवाला ने की।
हालांकि इस धरने में सोशल डिस्टेसिंग का पालन बिल्कुल भी नहीं किया गया और धरने में शामिल आधे से ज्यादा लोगों के मुंह पर ढंग से मास्क तक नहीं लगा हुआ था। फिर भी किसानों द्वारा इस मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन करने के बाद अब विपक्ष के तौर पर कांग्रेस ने इस मसले को भुनाने का फैसला किया है। इसी के चलते बुधवार सुबह 11 बजे ही सांकेतिक धरने की सूचना औपचारिक रूप से दी गई और दोपहर में दोनों कांग्रेस नेता फतेहाबाद पहुंच भी गए।
तकरीबन एक घंटे तक डीसी दफ्तर के बाहर धरना देने के बाद कुमारी सैलजा व रणदीप सुरजेवाला ने डीसी नरहरि सिंह बांगड़ को राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस धरने में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा गुट के दो पूर्व विधायक प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा व रतिया के पूर्व विधायक जरनैल सिंह ने दूरी बनाए रखी। इस मौके पर कांग्रेस महिला अध्यक्ष कृष्णा पूनियां, विधायक शीशपाल केहरवाला, राष्ट्रीय कांग्रेस के मीडिया विंग सचिव विनीत पूनियां, सिरसा के होशियारी लाल शर्मा, विनय शर्मा, कपिल पूनियां, नरेंद्र मग्घर आदि कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
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हालांकि इस धरने में सोशल डिस्टेसिंग का पालन बिल्कुल भी नहीं किया गया और धरने में शामिल आधे से ज्यादा लोगों के मुंह पर ढंग से मास्क तक नहीं लगा हुआ था। फिर भी किसानों द्वारा इस मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन करने के बाद अब विपक्ष के तौर पर कांग्रेस ने इस मसले को भुनाने का फैसला किया है। इसी के चलते बुधवार सुबह 11 बजे ही सांकेतिक धरने की सूचना औपचारिक रूप से दी गई और दोपहर में दोनों कांग्रेस नेता फतेहाबाद पहुंच भी गए।
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तकरीबन एक घंटे तक डीसी दफ्तर के बाहर धरना देने के बाद कुमारी सैलजा व रणदीप सुरजेवाला ने डीसी नरहरि सिंह बांगड़ को राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस धरने में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा गुट के दो पूर्व विधायक प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा व रतिया के पूर्व विधायक जरनैल सिंह ने दूरी बनाए रखी। इस मौके पर कांग्रेस महिला अध्यक्ष कृष्णा पूनियां, विधायक शीशपाल केहरवाला, राष्ट्रीय कांग्रेस के मीडिया विंग सचिव विनीत पूनियां, सिरसा के होशियारी लाल शर्मा, विनय शर्मा, कपिल पूनियां, नरेंद्र मग्घर आदि कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
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सरकार कर रही ‘झूठ की खेती’ व ‘गुमराह’ करने की साजिश
फतेहाबाद के लघुसचिवालय के अंदर धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा व कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने प्रदेश की खट्टर-चौटाला सरकार पर झूठ की राजनीति व प्रदेश की जनता व किसानों को गुमराह करने के आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं ने दो टूक लहजे में कहा कि धानबंदी को मंजूरी नहीं किया जाएगा और प्रदेश की खेती पर हिटलरशाही हुक्मनामे के खिलाफ आखिरी सांस तक लड़ाई लड़ी जाएगी।
इस दौरान कुमारी सैलजा व रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि प्रदेश के खंडों में किसानों की व्यक्तिगत मल्कियत वाली साढ़े चार लाख एकड़ जमीन पर प्रदेश सरकार ने धान लगाने पर रोक लगाकर किसानों के हितों पर कुठाराघात किया है। उन्होंने इसे रतिया, सिरसा, कैथल व कुरु क्षेत्र के किसानों के साथ सीधा-सीधा विश्वासघात करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ इसे स्कीम बताने का ढोंग कर रही है वहीं दूसरी ओर किसानों को धान लगाने पर सरकारी सब्सिडी से रोकने व न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान ना बेचने देने की धमकी दी जा रही है।
ये थी कांग्रेस की मांगें
1. धान की खेती पर पाबंदी लगाने वाला आदेश फौरन खारिज हो।
2. पंचायती जमीन पर धान की रोपाई पर लगे प्रतिबंध को भी वापिस लिया जाए।
3. किसान की सब्सिडी वापिस लेने का आदेश भी वापिस लिया जाए।
4. 50 हार्सपॉवर वाली मोटर के आदेश को भी तुरंत प्रभाव से वापिस लिया जाए।
इस दौरान कुमारी सैलजा व रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि प्रदेश के खंडों में किसानों की व्यक्तिगत मल्कियत वाली साढ़े चार लाख एकड़ जमीन पर प्रदेश सरकार ने धान लगाने पर रोक लगाकर किसानों के हितों पर कुठाराघात किया है। उन्होंने इसे रतिया, सिरसा, कैथल व कुरु क्षेत्र के किसानों के साथ सीधा-सीधा विश्वासघात करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ इसे स्कीम बताने का ढोंग कर रही है वहीं दूसरी ओर किसानों को धान लगाने पर सरकारी सब्सिडी से रोकने व न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान ना बेचने देने की धमकी दी जा रही है।
ये थी कांग्रेस की मांगें
1. धान की खेती पर पाबंदी लगाने वाला आदेश फौरन खारिज हो।
2. पंचायती जमीन पर धान की रोपाई पर लगे प्रतिबंध को भी वापिस लिया जाए।
3. किसान की सब्सिडी वापिस लेने का आदेश भी वापिस लिया जाए।
4. 50 हार्सपॉवर वाली मोटर के आदेश को भी तुरंत प्रभाव से वापिस लिया जाए।