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Chandigarh News: झगड़े की सूचना पर पहुंची पीसीआर, दो युवकों को उठाया तो हंगामा
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मनीमाजरा। इंदिरा कॉलोनी में रात को झगड़े की सूचना मिलने पर पहुंची पीसीआर के कर्मचारी दो युवकों को लेकर जाने लगे तो परिजनों और मोहल्ले के लोग इकट्ठा हो गए। इससे गुस्साए लोगों ने पीसीआर को घेर लिया और गाड़ी के अंदर शराब की बोतल, खाने-पीने का सामान देखकर वीडियो बनानी शुरू कर दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पीसीआर गाड़ी में बैठकर अंदर शराब पी जा रही थी। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बुधवार रात पुलिस की ओर से युवकों को ले जाने और वीडियो बनाने के दौरान पीसीआर कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के बीच हाथापाई भी हुई है। इसके बाद आईटी पार्क थाना पुलिस के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। हालांकि, रात को पुलिस ने शिकायत लेकर कार्रवाई करनी चाहिए लेकिन बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। आईटी पार्क थाना पुलिस वीरवार सुबह 11 बजे फिर बुधवार की रात के मामले में हीरा लाल और गोपाल को पकड़ कर थाने ले आई। आईटी पार्क थाना में दोनों के खिलाफ पुलिस कर्मचारियों से मारपीट में धारा 107, 151 के तहत मामला दर्ज कर लिया। इस खबर मिलते ही परिवार के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। हीरा लाल की मां माया और गोपाल की मां ऊषा ने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ पुलिस ने अपने कर्मचारियों को बचाने के लिए उनके बेटों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जबकि रात को दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। मामले बढ़ने पर कॉलोनी के लोग जुट गए और थाने के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पुलिस के इस रवैये के खिलाफ पंजाब जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन एवं चंडीगढ़ सह-प्रभारी डाॅ. एसएस आहलूवालिया के नेतृत्व में चंडीगढ़ से आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रेम गर्ग, पार्षद सुमन शर्मा, पार्षद दमनप्रीत सिंह, अंजू कत्याल, जसविंदर कौर, पूनम कुमारी, जसबीर सिंह लाडी, कुलदीप कुमार, सुखराज संधू, राजिंदर हिंदुस्तानी और रवि मैणी, कुलदीप कुकी लोगों के साथ थाने के सामने धरना लगा दिया। उन्होंने मांग की कि हीरा लाल और गोपाल के खिलाफ दर्ज मामले को तुरंत रद्द कर पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इस मौके पर डीएसपी पी. अभिनंदन से इंदिरा कॉलोनी की पार्षद सुमन शर्मा ने कहा कि आखिर रात को क्यों नहीं पुलिस कर्मचारियों और दोनों युवकों का मेडिकल क्यों नहीं करवाया गया। रात को पुलिस मुलाजिमों ने शराब पी रखी थी। इसका सबूत सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पीसीआर गाड़ी रखी शराब की बोतल है। हीरा लाल की मां माया और गोपाल की मां ऊषा ने आरोप लगाया कि पीसीआर के कर्मचारियों ने उन पर लातें बरसाईं जबकि उन्होंने सिर्फ इन यही पूछा कि उनके बच्चों को क्यों इस तरह उठाकर ले जा रहे हैं।
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पुलिस ने क्यों नहीं की रात को एफआईआर
डाॅ. एसएस आहलूवालिया ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस अपने कर्मचारियों को बचा रही है। वहीं दो गरीब बच्चों पर जुल्म किया जा रहा है। मामूली बहस में दोनों को उठाकर थाने में बंद कर दिया। इंदिरा कॉलोनी में बुधवार की रात को भी दो महिलाओं में झगड़ा हुआ था, जिसमें किसी कोई मारपीट भी नहीं हुई। उसके बाद पीसीआर आई और दो युवकों उठाकर ले जाने लगी। उन्होंने कहा कि पीसीआर में अंदर पड़ी शराब, सोड़े की बोतल और मीट, मछली मिलने के बाद रात को पुलिस कर्मचारियों ने समझौता कर लिया और अब दो युवकों पर कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया। लोग दोपहर दो बजे से थाने का घेराव कर बैठ हैं लेकिन पुलिस सुनवाई नहीं कर रही। शाम सात बजे एक बार पुलिस ने जोर जबरदस्ती कर लोगों को उठाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने।
रात को आठ बजे एसपी सिटी मृद़ल लोगों से बात करने आईटी पार्क थाना पहुंचे थे। उन्होंने धरने पर बैठे लोगों से कहा कि दोनों युवकों के खिलाफ पुलिस की ओर से लड़ाई झगड़े का कलंदरा बनाया गया है। इसकी शुक्रवार को एसडीएम से जामनत मिल जाएगी। यह भी आश्वासन दिया था कि पीसीआर पुलिस कर्मचारियों के मामले में जांच की जाएगी। आरोप सही पाए जाने पर उन पर भी कार्रवाई की होगी लेकिन लोग डटे रहे। उधर, लोगों के नहीं मानने पर पुलिस ने देर रात एसडीएम के सामने पेश कर दोनों को जमानत पर छोड़ दिया। इसके बाद 10.30 बजे स्थानीय लोगों के साथ आईटी पार्क थाने के बाहर बैठे राजनीतिक दलों के लोग हटे।
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पुलिस के इस रवैये के खिलाफ पंजाब जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन एवं चंडीगढ़ सह-प्रभारी डाॅ. एसएस आहलूवालिया के नेतृत्व में चंडीगढ़ से आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रेम गर्ग, पार्षद सुमन शर्मा, पार्षद दमनप्रीत सिंह, अंजू कत्याल, जसविंदर कौर, पूनम कुमारी, जसबीर सिंह लाडी, कुलदीप कुमार, सुखराज संधू, राजिंदर हिंदुस्तानी और रवि मैणी, कुलदीप कुकी लोगों के साथ थाने के सामने धरना लगा दिया। उन्होंने मांग की कि हीरा लाल और गोपाल के खिलाफ दर्ज मामले को तुरंत रद्द कर पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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इस मौके पर डीएसपी पी. अभिनंदन से इंदिरा कॉलोनी की पार्षद सुमन शर्मा ने कहा कि आखिर रात को क्यों नहीं पुलिस कर्मचारियों और दोनों युवकों का मेडिकल क्यों नहीं करवाया गया। रात को पुलिस मुलाजिमों ने शराब पी रखी थी। इसका सबूत सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पीसीआर गाड़ी रखी शराब की बोतल है। हीरा लाल की मां माया और गोपाल की मां ऊषा ने आरोप लगाया कि पीसीआर के कर्मचारियों ने उन पर लातें बरसाईं जबकि उन्होंने सिर्फ इन यही पूछा कि उनके बच्चों को क्यों इस तरह उठाकर ले जा रहे हैं।
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पुलिस ने क्यों नहीं की रात को एफआईआर
डाॅ. एसएस आहलूवालिया ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस अपने कर्मचारियों को बचा रही है। वहीं दो गरीब बच्चों पर जुल्म किया जा रहा है। मामूली बहस में दोनों को उठाकर थाने में बंद कर दिया। इंदिरा कॉलोनी में बुधवार की रात को भी दो महिलाओं में झगड़ा हुआ था, जिसमें किसी कोई मारपीट भी नहीं हुई। उसके बाद पीसीआर आई और दो युवकों उठाकर ले जाने लगी। उन्होंने कहा कि पीसीआर में अंदर पड़ी शराब, सोड़े की बोतल और मीट, मछली मिलने के बाद रात को पुलिस कर्मचारियों ने समझौता कर लिया और अब दो युवकों पर कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया। लोग दोपहर दो बजे से थाने का घेराव कर बैठ हैं लेकिन पुलिस सुनवाई नहीं कर रही। शाम सात बजे एक बार पुलिस ने जोर जबरदस्ती कर लोगों को उठाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने।
रात को आठ बजे एसपी सिटी मृद़ल लोगों से बात करने आईटी पार्क थाना पहुंचे थे। उन्होंने धरने पर बैठे लोगों से कहा कि दोनों युवकों के खिलाफ पुलिस की ओर से लड़ाई झगड़े का कलंदरा बनाया गया है। इसकी शुक्रवार को एसडीएम से जामनत मिल जाएगी। यह भी आश्वासन दिया था कि पीसीआर पुलिस कर्मचारियों के मामले में जांच की जाएगी। आरोप सही पाए जाने पर उन पर भी कार्रवाई की होगी लेकिन लोग डटे रहे। उधर, लोगों के नहीं मानने पर पुलिस ने देर रात एसडीएम के सामने पेश कर दोनों को जमानत पर छोड़ दिया। इसके बाद 10.30 बजे स्थानीय लोगों के साथ आईटी पार्क थाने के बाहर बैठे राजनीतिक दलों के लोग हटे।