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रेलगेट में बतौर गवाह आज पेश होंगे पवन बंसल
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली/चंडीगढ़
Updated Tue, 16 Sep 2014 08:43 AM IST
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12 करोड़ रुपये के रेलवे रिश्वत मामले में सोमवार को ट्रायल शुरू हो गया। पहले दिन दो गवाहों के बयान दर्ज किए गए। संभवत: मंगलवार को पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल कोर्ट में बतौर गवाह पेश होंगे। इस मामले में पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला, रेलवे बोर्ड के निलंबित सदस्य महेश कुमार सहित 10 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
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पटियाला हाउस अदालत स्थित सीबीआई की विशेष न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष तत्कालीन रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनय मित्तल के अलावा रेलवे बोर्ड के सदस्य महेश कुमार के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत देने वाले रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी जगमोहन रावत के बयान दर्ज किए गए।
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बंसल को भेजा समन
जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि पवन बंसल को बतौर गवाह मंगलवार को पेश होने के लिए समन दिए गए हैं। सीबीआई का आरोप है कि पूरा मामला रेलवे बोर्ड के सदस्य व अभियुक्त महेश को सदस्य (इलेक्ट्रिकल) बनाने के लिए रचा गया।
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12 करोड़ रुपये की रिश्वत लेकर महेश को लाभदायक पद दिलवाने का वादा किया गया था। हाल ही में अदालत ने आरोपी विजय सिंगला, महेश कुमार के अलावा रेलवे को उपकरण सप्लाई करने वाले बंगलूरू के व्यवसायी नारायण राव मंजूनाथ, उसके सहयोगी पीवी मुरली व वेणुगोपाल, राहुल यादव, समीर संधीर, संदीप गोयल, अजय गर्ग (निवासी चंडीगढ़) व सुशील ढ़ागा (निवासी फरीदाबाद) के खिलाफ अभियोग तय किए थे।
आरोपियों ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए मुकदमा लड़ने का तर्क रखा था। आरोप पत्र के मुताबिक जांच में पाया गया कि पंचकूला के व्यवसायी संदीप गोयल ने महेश को आश्वासन दिया था कि वह उसे सदस्य इलेक्ट्रिकल बनवा देगा।
संदीप ने कहा कि रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनय मित्तल जून 2013 में अवकाश ग्रहण कर रहे हैं और सदस्य इलेक्ट्रिकल कुलभूषण रेलवे बोर्ड का चेयरमैन बन जाएंगे। रिक्त पद को दिलवाने के लिए उसे 10 करोड़ रुपये देने होंगे। इनमें से पांच करोड़ रुपये काम से पहले व पांच करोड़ काम के बाद देने की बात तय हुई।
सीबीआई के अनुसार महेश उक्त पद के अलावा वेस्टर्न रेलवे के महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार भी अपने पास ही रखना चाहता था। इसके लिए संदीप ने महेश से दो करोड़ रुपये अलग से मांगे। इस तरह कुल सौदा 12 करोड़ रुपये में तय हुआ।