{"_id":"5c2c9946bdec2256e741c02e","slug":"patient-missing-from-gmch-32-hospital-after-misbehave-by-senior-doctor","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अवसाद पीड़ित मरीज के साथ डॉक्टर ने किया ऐसा व्यवहार, वो हो गया लापता...मां-बाप सदमे में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवसाद पीड़ित मरीज के साथ डॉक्टर ने किया ऐसा व्यवहार, वो हो गया लापता...मां-बाप सदमे में
Wed, 02 Jan 2019 04:29 PM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 02 Jan 2019 04:29 PM IST
विज्ञापन
असीम अग्रवाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अवसाद से पीड़ित मरीज के साथ वरिष्ठ डॉक्टर ने ऐसा व्यवहार किया कि वह ज्यादा दुखी हो गया और अब लापता हो गया है। इस घटना के बाद से पीड़ित के मां-बाप सदमे में हैं। मामला चंडीगढ़ का है। यहां स्थित सेक्टर-32 मेडिकल कॉलेज में मनोचिकित्सक डिपार्टमेंट में दाखिल 24 वर्षीय असीम अग्रवाल प्राइवेट वार्ड से गायब हो गया है।
वह अवसाद से पीड़ित था। पिछले दो महीने से उसका इलाज चल रहा था। बताया गया है कि हॉस्पिटल से गायब होने से पहले डिपार्टमेंट के एक वरिष्ठ डाक्टर ने उससे बदतमीजी से बात की। उसके बाद से वह ज्यादा दुखी हो गया था। अग्रवाल के पिता संजीव अग्रवाल ने बताया कि असीम फिरोजपुर के रहने वाले हैं। वे बीटेक में सिल्वर मेडिलिस्ट हैं और यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे।
सितंबर 2017 में वह अवसाद और ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसआर्डर से पीड़ित हो गए थे। बीते साल 2018 में वे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इस दौरान उनमें आत्महत्या का विचार आया। 30 अक्तूबर को उन्हें दाखिल कर लिया गया। इलाज के दौरान में उनमें सुधार भी आया, लेकिन पिछले 20-25 दिनों से उनके मन में फिर से आत्महत्या का विचार आने लगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
वह अवसाद से पीड़ित था। पिछले दो महीने से उसका इलाज चल रहा था। बताया गया है कि हॉस्पिटल से गायब होने से पहले डिपार्टमेंट के एक वरिष्ठ डाक्टर ने उससे बदतमीजी से बात की। उसके बाद से वह ज्यादा दुखी हो गया था। अग्रवाल के पिता संजीव अग्रवाल ने बताया कि असीम फिरोजपुर के रहने वाले हैं। वे बीटेक में सिल्वर मेडिलिस्ट हैं और यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे।
विज्ञापन
सितंबर 2017 में वह अवसाद और ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसआर्डर से पीड़ित हो गए थे। बीते साल 2018 में वे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इस दौरान उनमें आत्महत्या का विचार आया। 30 अक्तूबर को उन्हें दाखिल कर लिया गया। इलाज के दौरान में उनमें सुधार भी आया, लेकिन पिछले 20-25 दिनों से उनके मन में फिर से आत्महत्या का विचार आने लगा।
विज्ञापन
डॉक्टर ने आक्रामक अंदाज में बात की थी
संजीव के मुताबिक, 31 दिसंबर को एक वरिष्ठ डॉक्टर ने उन्हें बुलाया था। वह सुबह तक ठीक था। करीब 11 बजकर 45 मिनट पर वह अपनी मां के साथ वरिष्ठ चिकित्सक से मिलने चला गया। उनका आरोप है कि डॉक्टर ने उनके बेटे के साथ आक्रामक अंदाज में बात की। साथ ही कहा कि आप 63 दिन से यहां पर हैं और कोई सुधार नहीं है।
इसका मतलब है कि आप ठीक नहीं होना चाहते। उसके बाद वह रूम में पहुंचा और मां से कहा कि वह उसे फिरोजपुर ले जाए वरना वह आत्महत्या कर लेगा। कुछ ही मिनटों बाद उसने अपनी मां से कॉफी पीने के लिए कुछ पैसे मांगे। उसके बाद वह चला गया और फिर वापस नहीं लौटा। इस मामले में पेरेंट्स ने सेक्टर -34 पुलिस स्टेशन में एक डीडीआर भी दर्ज करवाई है।
मंगलवार को उन्होंने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में भी जाकर देखा, लेकिन वह नहीं मिला। पिछली बार जब वह गायब हुआ था तो वह स्वर्ण मंदिर में मिला था। मेडिकल कॉलेज की यह घटना मानसिक रूप से पीड़ित मरीजों के साथ हो रहे व्यवहार को भी बताती है। पुलिस की ओर से असीम की तलाश की जा रही है।
इसका मतलब है कि आप ठीक नहीं होना चाहते। उसके बाद वह रूम में पहुंचा और मां से कहा कि वह उसे फिरोजपुर ले जाए वरना वह आत्महत्या कर लेगा। कुछ ही मिनटों बाद उसने अपनी मां से कॉफी पीने के लिए कुछ पैसे मांगे। उसके बाद वह चला गया और फिर वापस नहीं लौटा। इस मामले में पेरेंट्स ने सेक्टर -34 पुलिस स्टेशन में एक डीडीआर भी दर्ज करवाई है।
मंगलवार को उन्होंने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में भी जाकर देखा, लेकिन वह नहीं मिला। पिछली बार जब वह गायब हुआ था तो वह स्वर्ण मंदिर में मिला था। मेडिकल कॉलेज की यह घटना मानसिक रूप से पीड़ित मरीजों के साथ हो रहे व्यवहार को भी बताती है। पुलिस की ओर से असीम की तलाश की जा रही है।