50 लाख की बैंक लूट मामले में आरोपियों ने किए 8 चौंकाने वाले खुलासे, कई करोड़ लूट चुके हैं
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पंजाब के पटियाला में बैंक के बाहर कैश वैन के सिक्योरिटी गार्ड को गोली मारकर 50 लाख रुपये लूटने के मामले में अहम खुलासा हुआ है। आरोपियों ने आठ चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पटियाला के नाभा में स्टेट बैंक आफ इंडिया की अनाज मंडी ब्रांच के बाहर बैंक के सिक्योरिटी गार्ड को गोली मार 50 लाख की लूट करने वाले संगरूर के रहने वाले दोनों लुटेरे शातिर अपराधी निकले। दोनों आरोपियों ने नाभा लूटकांड से पहले भी संगरूर व नाभा में ही बैंकों के तीन सिक्योरिटी गार्डों को गोलियां मार उनसे लाखों रुपये की लूट की थी।
लुटेरों ने तीन कत्ल, दो लोगों को गंभीर जख्मी करने समेत एक करोड़ से ज्यादा की राशि की लूटपाट की है। यह सनसनीखेज खुलासा आरोपियों से पूछताछ में हुआ है। साथ ही लूटपाट की वारदात से की गई कमाई के साथ आरोपियों द्वारा विभिन्न बैंक खातों में जमा किए करीब 24 लाख रुपये भी पुलिस ने फ्रीज करा दिए हैं।
साथ ही आरोपियों की ओर से लूटपाट की कमाई के साथ डाले चार तेल वाले टैंकर समेत बनाए अन्य साजो सामान की भी गहराई के साथ जांच की जाएगी। एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू, एसपी (डी) मनजीत सिंह बराड़ ने गुरुवार बाद दोपहर पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि लुटेरे अमनजीत सिंह गुरी व जगदेव सिंह तारी से नाभा बैंक डकैती दौरान गार्ड से छीनी 12 बोर की बंदूक, नकदी वाला बक्सा, जिसको आरोपियों ने खेतों में छिपा दिया था, बरामद कर लिया है। साथ ही एक लाइसेंसी रिवाल्वर भी बरामद कर ली गई है।
आरोपियों ने कीं ये वारदात
एसएसपी ने बताया कि अब तक जो सामने आया है कि आरोपियों ने 14 मई 2018 को संगरूर में सीएल टावर के नजदीक सुरक्षा गार्ड लीला सिंह के गोली मार कर 9 लाख रुपये नकद व 12 बोर डबल बैरल राइफल लूटी थी। इस संबंधी थाना सिटी संगरूर में पर्चा दर्ज है। आगे बताया कि आरोपियों ने नाभा में ही एक फरवरी 2014 को अलौहरां गेट पर एक अन्य बड़ी वारदात को अंजाम दिया था।
इसमें सिक्योरिटी गार्ड रणधीर सिंह को गोलियां मार कर उससे 37 लाख रुपये नगद व एक 12 बोर दुनाली राइफल छीनी थी। इस संबंधी थाना कोतवाली नाभा में मुकदमा दर्ज है। इस वारदात में इनका एक तीसरा साथी हरदेव सिंह लवली पुत्र गुरदास सिंह निवासी गांव गगड़पुर जिला संगरूर भी शामिल था। जिसकी साल 2015 में गुर्दों की बीमारी करके मौत हो चुकी है।
इसी गैंग ने 13 जुलाई 2018 को मेन रोड घाबदा पटियाला-भवानीगढ़ रोड संगरूर से गनमैन सुखपाल सिंह के गोली मार कर उसे जख्मी कर पांच लाख रुपये, एक एटीएम, एक पैन कार्ड व बैंक की चाबियां छीनी थीं। इस संबंध में थाना सदर संगरूर में केस दर्ज है। इसके अलावा 26 अक्तूबर 2018 को इन्होंने गेट नंबर 55 बहादुर सिंह वाला रेलवे स्टेशन धुरी से रवि निवासी दलखेड़ी थाना उचाना जिला जींद हरियाणा से दिन-दिहाड़े पिस्तौल की नोक पर एक बुलेट बाइक व एक मोबाइल छीना था। इस संबंध में थाना जीआरपी संगरूर में केस दर्ज है। एसएसपी ने बताया कि इस छीने मोटरसाइकिल का इस्तेमाल आरोपियों ने नाभा की वारदात में किया था।
नाभा में अंडों की खरीद के लिए आता था, तभी बैंक को बना लिया निशाना
एसएसपी ने बताया कि नाभा बैंक लूट का मुख्य आरोपी अमनजीत सिंह गुरी नाभा में देसी अंडों की खरीद के लिए आता था। तभी उसने बैंक को निशाना बनाने की योजना बना ली थी। जगदेव सिंह तारी तो मुख्य आरोपी अमनजीत सिंह का हेल्पर था, जिसे वह कुछ पैसे दे देता था। इन दोनों ने जल्द अमीर बनने की लालसा में जुर्म का रास्ता अपनाया।
वारदात के लिए हमेशा कच्चे रास्तों का इस्तेमाल करते थे
एसएसपी ने बताया कि पूछताछ से सामने आया है कि आरोपी लूटपाट को अंजाम देने के लिए किसी टोल रोड का इस्तेमाल करने के बजाय हमेशा कच्चे रास्तों का इस्तेमाल करते थे। क्योंकि संगरूर वारदात में सीसीटीवी फुटेज नहीं मिली। लुटेरों ने एक कमरा किराये पर लिया हुआ था। जिसमें से बाइक व नकदी वाली बोरी भी बरामद हुई थी। साथ ही आरोपी पुलिस से बचने के लिए वारदात के वक्त अपना हुलिया बदल लेते थे।