ऐतिहासिक पहल: चंडीगढ़ में पहली बार होगी सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की पासिंग परेड, मानदेय भी देने की तैयारी
इस वर्ष मई महीने में भारत-पाक के बीच बने युद्ध के माहौल में यूटी प्रशासन की अपील पर सहयोग के लिए करीब 6000 युवाओं ने सिविल डिफेंस वालंटियर बनने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें से 450 युवाओं ने पूरी ट्रेनिंग पूरी की है।
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चंडीगढ़ प्रशासन जल्द ही एक ऐतिहासिक पहल करने जा रहा है। हजारों युवाओं में से चुनकर और ट्रेनिंग पूरी कर सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स बने युवाओं के लिए पहली बार पासिंग परेड आयोजित की जाएगी।
इस मौके पर वालंटियर्स को औपचारिक मान्यता मिलेगी। प्रशासन ने यह योजना भी बनाई है कि जब इन वालंटियर्स को ड्यूटी दी जाएगी तो 700 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय भी दिया जाएगा।
छह हजार युवाओं ने करवाया था रजिस्ट्रेशन
इस वर्ष मई महीने में भारत-पाक के बीच बने युद्ध के माहौल में यूटी प्रशासन की अपील पर सहयोग के लिए करीब 6000 युवाओं ने सिविल डिफेंस वालंटियर बनने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें से 450 युवाओं ने पूरी ट्रेनिंग पूरी की है। इन्हें पहचान पत्र और ड्रेस भी उपलब्ध करवाई गई है। साथ ही, चंडीमंदिर स्थित सेना मुख्यालय में ले जाकर सेना के कार्यों के बारे में बारीकी से बताया था। उनकी जिम्मेदारियों की जानकारी भी दी गई थी।
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डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि अभी फिलहाल वालंटियर्स को कोई नियमित ड्यूटी नहीं दी गई है लेकिन अगर भविष्य में महीने के कुछ दिनों में इनकी सेवाओं की आवश्यकता पड़ी, तो इन्हें 700 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिया जा सकता है। वहीं, पासिंग परेड को लेकर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया से समय मांगा गया है।
पहली जिम्मेदारी में दिखाया जज्बा
ट्रेनिंग पूरी करने के बाद सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स ने हाल ही में चंडीगढ़ में हुई तेज बारिश के दौरान अपनी पहली ड्यूटी निभाई। करीब 50 वॉलंटियर्स ने सुखना लेक फ्लड गेट, किशनगढ़, बापूधाम और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में तैनात होकर राहत कार्यों में मदद की। इस दौरान उन्होंने प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
गाइडलाइन के लिए बनेगी हैंडबुक वालंटियर्स को बेहतर तरीके से गाइड करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने सेक्टर-26 स्थित महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन को एक हैंडबुक तैयार कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। इस हैंडबुक में यह बताया जाएगा कि आपदा, युद्ध जैसी आपात स्थिति या किसी अन्य संकट के समय वॉलंटियर्स को किस तरह लोगों की सहायता करनी होगी। इसमें उनकी जिम्मेदारियों के बारे में बताया जाएगा।
अन्य राज्यों में भी लागू हो सकती है पहल
चंडीगढ़ प्रशासन की यह पहल केवल शहर तक सीमित नहीं रह सकती। हैंडबुक को केंद्र सरकार को भी भेजा जाएगा ताकि जरूरत पड़ने पर इसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सके। अधिकारियों का मानना है कि यह मॉडल पूरे देश में काम आ सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने मन की बात कार्यक्रम में चंडीगढ़ में वॉलंटियर्स की भारी संख्या में भागीदारी की सराहना कर चुके हैं।