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बीमारी से लाचार हुईं टीचर की मदद करने आए उनके पढ़ाए विद्यार्थी, व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े लाखों
Tue, 23 Apr 2019 10:56 AM IST
खुशबू गोयल
अमन वर्मा, अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
अमन वर्मा, अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 23 Apr 2019 10:56 AM IST
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बीमारी से लाचार हुईं लक्ष्मी
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एक निजी स्कूल की उपप्राचार्या लक्ष्मी इन दिनों गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं और उनकी मदद के लिए उनके पढ़ाए विद्यार्थी आगे आए हैं। उन्होंने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया, जिससे लाखों स्टूडेंट जुड़ गए हैं। लक्ष्मी की किडनी खराब है। डॉक्टरों ने डायलिसिस कराने के लिए कहा है। इसमें हर माह 20-30 हजार रुपये खर्च आ रहा है, लेकिन लक्ष्मी के पास खाने तक के पैसे नहीं हैं।
बीमारी के चलते उन्होंने 2018 में स्कूल से इस्तीफा दे दिया था। इसकी जानकारी होने पर स्कूल में उनके पढ़ाए कई विद्यार्थी सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाकर यह लोग लक्ष्मी की मदद कर रहे हैं। अब तक करीब तीन लाख रुपये जोड़कर लक्ष्मी का इलाज फिर से शुरू करा दिया गया है।
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बीमारी के चलते उन्होंने 2018 में स्कूल से इस्तीफा दे दिया था। इसकी जानकारी होने पर स्कूल में उनके पढ़ाए कई विद्यार्थी सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाकर यह लोग लक्ष्मी की मदद कर रहे हैं। अब तक करीब तीन लाख रुपये जोड़कर लक्ष्मी का इलाज फिर से शुरू करा दिया गया है।
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बीमारी के बारे में फेसबुक पोस्ट से पता चला
लक्ष्मी के पढ़ाए विद्यार्थियों का कहना है कि मैडम की हालत के बारे में जानकारी उन्हें उनके पड़ोसी की फेसबुक पोस्ट से मिली। इसके बाद उन्होंने व्हाट्सएप पर बने टेगौर स्कूल नामक ग्रुप में यह पोस्ट शेयर की। पोस्ट शेयर होने के बाद स्कूल के और भी पास आउट बच्चे जुड़ गए।
सभी ने मैडम की सहायता करने का संकल्प लिया। चंद दिनों में 100 से ज्यादा बच्चों ने नकदी और चेक से 2-3 लाख रुपये जोड़ लिए। अब मैडम का इलाज फिर से शुरू हो गया है, लेकिन इसके लिए हर महीने 20-30 हजार रुपये चाहिए। लक्ष्मी की मदद को द हेल्पिंग हेंड संस्था भी आगे आई है।
सभी ने मैडम की सहायता करने का संकल्प लिया। चंद दिनों में 100 से ज्यादा बच्चों ने नकदी और चेक से 2-3 लाख रुपये जोड़ लिए। अब मैडम का इलाज फिर से शुरू हो गया है, लेकिन इसके लिए हर महीने 20-30 हजार रुपये चाहिए। लक्ष्मी की मदद को द हेल्पिंग हेंड संस्था भी आगे आई है।
अपनी कमाई से पति और बेटे का करवाती थीं इलाज
मैडम लक्ष्मी के पति गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। वहीं उनका 25 वर्षीय बेटा जन्म से पैरालाइज है। दोनों की दवाइयों सहित घर का खर्च मैडम चलाती थीं। एक साल पहले अपनी किडनी डायलिसिस के लिए मैडम को नौकरी छोड़नी पड़ी। उनके इलाज में भी काफी खर्च आ गया। जिसमें जमा पूंजी खर्च हो गई। पैसे नहीं होने से तीनों का इलाज रुक गया था। अध्यापिका लक्ष्मी के मदद के लिए 8684900777 पर संपर्क किया जा सकता है।