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बाजवा और दूलो को मिला कांग्रेस से राज्यसभा का टिकट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 11 Mar 2016 04:48 PM IST
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प्रताप सिंह बाजवा
- फोटो : फाइल फोटो
राज्यसभा चुनाव को लेकर नामांकन के आखिरी दिन से पहले आखिर कांग्रेस ने अपने पत्ते खोलते हुए बाजवा और दूलो को टिकट दे दिया। वहीं, भाजपा ने कई दिग्गज नेताओं को झटका देते हुए श्वेत मलिक केरूप में बड़ा सरप्राइज दिया, जिससे सभी हैरान हैं। अमृतसर के पूर्व मेयर श्वेत मलिक को पूर्व सांसद नवजोत सिद्धू का करीबी माना जाता है। इसी नजदीकी के चलते सिद्धू विरोधियों ने पिछले नगर निगम चुनाव में मलिक को हरवा दिया था। पर राज्यसभा के लिए शुरू से ही भाजपा से नवजोत सिद्धू और अविनाश राय खन्ना के नाम चल रहे थे।
श्वेत मलिक केबारे में पंजाब तो क्या भाजपा में भी कोई सोच नहीं सकता था। लेकिन सूत्र बताते हैं कि मलिक को संघ का आशीर्वाद प्राप्त है, संघ ने ही उनके नाम का प्रस्ताव किया। वहीं, सिद्धू को भी उनके नाम पर कोई आपत्ति नहीं थी। सिद्धू खुद पंजाब से राज्यसभा नहीं जाना चाहते थे। क्योंकि यहां उन्हें अकालियों की मदद लेनी पड़ती, जो वह नहीं चाहते थे। माना जा रहा है कि भाजपा किसी और राज्य से सिद्धू को राज्यसभा भेज सकती है।
उधर, टिकट केप्रबल दावेदार माने जा रहे अविनाश राय खन्ना को करारा झटका लगा है। कांग्रेस में बाजवा का टिकट पक्का माना जा रहा था। क्योंकि वह टीम राहुल का हिस्सा हैं, राहुल के कहने पर ही बाजवा ने प्रधानगी छोड़कर कैप्टन अमरिंदर के लिए रास्ता साफ किया था। तभी संकेत मिल रहे थे कि राहुल उन्हें केंद्रीय राजनीति में ले जाएंगे।
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दूसरे कैंडिडेट के लिए बुधवार को गायक हंसराज हंस का नाम फाइनल हो गया था, लेकिन कुछ नेताओं को इस पर आपत्ति थी। पार्टी मन बना चुकी थी कि एक दलित चेहरा लाना है। आखिर वीरवार को शमशेर सिंह दूलो के नाम पर मुहर लगी। दोनों कांग्रेस उम्मीदवार शुक्रवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे विधानसभा में नामांकन करेंगे।
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श्वेत मलिक केबारे में पंजाब तो क्या भाजपा में भी कोई सोच नहीं सकता था। लेकिन सूत्र बताते हैं कि मलिक को संघ का आशीर्वाद प्राप्त है, संघ ने ही उनके नाम का प्रस्ताव किया। वहीं, सिद्धू को भी उनके नाम पर कोई आपत्ति नहीं थी। सिद्धू खुद पंजाब से राज्यसभा नहीं जाना चाहते थे। क्योंकि यहां उन्हें अकालियों की मदद लेनी पड़ती, जो वह नहीं चाहते थे। माना जा रहा है कि भाजपा किसी और राज्य से सिद्धू को राज्यसभा भेज सकती है।
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उधर, टिकट केप्रबल दावेदार माने जा रहे अविनाश राय खन्ना को करारा झटका लगा है। कांग्रेस में बाजवा का टिकट पक्का माना जा रहा था। क्योंकि वह टीम राहुल का हिस्सा हैं, राहुल के कहने पर ही बाजवा ने प्रधानगी छोड़कर कैप्टन अमरिंदर के लिए रास्ता साफ किया था। तभी संकेत मिल रहे थे कि राहुल उन्हें केंद्रीय राजनीति में ले जाएंगे।
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दूसरे कैंडिडेट के लिए बुधवार को गायक हंसराज हंस का नाम फाइनल हो गया था, लेकिन कुछ नेताओं को इस पर आपत्ति थी। पार्टी मन बना चुकी थी कि एक दलित चेहरा लाना है। आखिर वीरवार को शमशेर सिंह दूलो के नाम पर मुहर लगी। दोनों कांग्रेस उम्मीदवार शुक्रवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे विधानसभा में नामांकन करेंगे।