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शहर में पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत है, वकील अजय जग्गा ने गृह सचिव को लिखा शिकायती पत्र
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चंडीगढ़। शहर की पार्किंग व्यवस्था को लेकर गृह सचिव अरुण कुमार गुप्ता को शिकायत दी गई है। अपनी शिकायत में वकील अजय जग्गा ने कहा है कि शहर के सभी पेड पार्किंग में कर्मचारी एंट्री पर पर्ची काटते हैं। इसके बाद चालक कहां गाड़ी पार्क कर रहा है, उसको क्या समस्या आ रही है, यह देखने वाला कोई नहीं होता।
वकील अजय जग्गा ने शिकायत में यह भी कहा है कि पार्किंग में काम करने वाले कर्मचारियों का रवैया भी ठीक नहीं होता है। उन्होंने कहा कि पार्किंग ठेकेदारों द्वारा पार्किंग के अंदर कर्मचारियों की तैनाती नहीं की जाती है। वाहन चालक ने एक बार पार्किंग फीस भर दी तो उसके बाद पार्किंग कर्मी का काम खत्म हो जाती है। उसके बाद वाहन चालक को खुद ही पार्किंग के लिए जगह ढूंढने में मशक्कत करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि सेक्टर-19 व 22 में दो पार्किंगों को स्थानीय मार्केट एसोसिएशन की तरफ से खुद ही संभाला जा रहा है और वह सही रूप से इसे चला भी रहे हैं। वैसी ही व्यवस्था शहर की अन्य पार्किंगों में भी अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सिर्फ मल्टीलेवल पार्किंग के लिए पार्किंग शब्द का इस्तेमाल किया जा सकता है, क्योंकि वहां वाहनों को पार्क करने के लिए तय जगह है, जहां लोग बिना किसी परेशानी के अपने वाहन पार्क कर सकते हैं।
वकील अजय जग्गा ने एक अन्य मामले का जिक्र करते हुए कहा कि सेक्टर-35 की पार्किंग में उन्होंने 8.15 बजे पार्किंग पर्ची ली और 8.30 बजे तक टिकट काटने के बाद कर्मी वहां से गायब हो गए। उनका कहना था कि उनकी ड्यूटी इतने समय तक के लिए ही थी, जिसके बाद पार्किंग में खड़े वाहनों को बिना गार्ड के ऐसे ही छोड़ दिया गया और उसके बाद पार्किंग में अटेंड करने वाला भी कोई नहीं रहा। उन्होंने कहा कि इस पूरे सिस्टम में ही सुधार करने की जरूरत है।
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वकील अजय जग्गा ने शिकायत में यह भी कहा है कि पार्किंग में काम करने वाले कर्मचारियों का रवैया भी ठीक नहीं होता है। उन्होंने कहा कि पार्किंग ठेकेदारों द्वारा पार्किंग के अंदर कर्मचारियों की तैनाती नहीं की जाती है। वाहन चालक ने एक बार पार्किंग फीस भर दी तो उसके बाद पार्किंग कर्मी का काम खत्म हो जाती है। उसके बाद वाहन चालक को खुद ही पार्किंग के लिए जगह ढूंढने में मशक्कत करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि सेक्टर-19 व 22 में दो पार्किंगों को स्थानीय मार्केट एसोसिएशन की तरफ से खुद ही संभाला जा रहा है और वह सही रूप से इसे चला भी रहे हैं। वैसी ही व्यवस्था शहर की अन्य पार्किंगों में भी अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सिर्फ मल्टीलेवल पार्किंग के लिए पार्किंग शब्द का इस्तेमाल किया जा सकता है, क्योंकि वहां वाहनों को पार्क करने के लिए तय जगह है, जहां लोग बिना किसी परेशानी के अपने वाहन पार्क कर सकते हैं।
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वकील अजय जग्गा ने एक अन्य मामले का जिक्र करते हुए कहा कि सेक्टर-35 की पार्किंग में उन्होंने 8.15 बजे पार्किंग पर्ची ली और 8.30 बजे तक टिकट काटने के बाद कर्मी वहां से गायब हो गए। उनका कहना था कि उनकी ड्यूटी इतने समय तक के लिए ही थी, जिसके बाद पार्किंग में खड़े वाहनों को बिना गार्ड के ऐसे ही छोड़ दिया गया और उसके बाद पार्किंग में अटेंड करने वाला भी कोई नहीं रहा। उन्होंने कहा कि इस पूरे सिस्टम में ही सुधार करने की जरूरत है।
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