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Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchayat Minister Kuldeep Dhaliwal accused former minister Tript Rajinder Bajwa of scam 

Punjab: पूर्व मंत्री तृप्त बाजवा पर भ्रष्टाचार का आरोप, 32.16 कनाल भूमि मात्र सवा करोड़ रुपये में बेचने का दावा  

Sat, 11 Jun 2022 10:08 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 11 Jun 2022 10:08 PM IST
सार

पंजाब सरकार ने इस पूरे स्कैंडल की जांच के लिए संयुक्त विकास कमिश्नर अमित कुमार, संयुक्त निदेशक ग्रामीण विकास सरबजीत सिंह और सीनियर विधि अधिकारी जोहरइंदर सिंह आहलुवालिया की सदस्यता में एक टीम बना दी है।  

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Panchayat Minister Kuldeep Dhaliwal accused former minister Tript Rajinder Bajwa of scam 
मंत्री कुलदीप धालीवाल। - फोटो : फाइल

विस्तार

कांग्रेस सरकार के पूर्व वन मंत्री साधू सिंह धर्मसोत और संगत सिंह गिलजियां के बाद एक और पूर्व मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने पूर्व मंत्री तृप्त राजिंदर बाजवा पर गांव भगतपुरा की करोड़ों रुपये की जमीन कौड़ियों के भाव में बेचकर घोटाले के आरोप लगाए हैं। 

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धालीवाल ने गदावा किया कि गोल्डन गेट के पास स्थित अल्फा इंटरनेशनल सिटी कालोनी में पंचायत के 32 कनाल 16 मरले की जमीन सवा करोड़ रुपये में बेच दी, जबकि इसकी कीमत करीब 28 करोड़ रुपये के आसपास थी। अहम पहलू यह है कि कांग्रेस सरकार के चुनाव हारने के अगले दिन ही यह जमीन बेची गई है। 
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उन्होंने कहा कि अमृतसर जिले के इस गांव के पास बनाई गई अल्फा वन सिटी, जिसके लिए पंचायती रास्तों और अन्य भूमि को बेचने संबंधी 2015 में अकाली दल के सरपंच की ओर से प्रस्ताव दिया गया था, इसे अमलीजामा तृप्त बाजवा ने 2022 में चुनाव आचार संहिता के दौरान पहनाया। उन्होंने बताया कि अल्फा इंटरनेशनल सिटी कॉलोनी का कुल क्षेत्रफल लगभग 150 एकड़ है और इस जमीन में पंचायती रास्ते और खाले थे, जिनसे इस प्रोजेक्ट में अड़चन आ रही थी। 
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उन्होंने बताया कि तृप्त बाजवा ने खुलेआम कॉलोनाइजर के साथ मिलीभगत कर पंचायती रास्तों और खालों की जमीन केवल 43 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से जारी कर दी, जबकि इसका मार्केट रेट 7.5 करोड़ प्रति एकड़ था। रास्तों और खालों का कुल क्षेत्रफल 32 कनाल 16 मरले बनता है और इस अवैध बिक्री से राज्य सरकार को 28 करोड़ का नुकसान हुआ है।

जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित

धालीवाल ने बताया कि उनकी सरकार ने इस पूरे स्कैंडल की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है, जो एक हफ्ते में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। तीन सदस्यीय समिति में संयुक्त विकास कमिश्नर अमित कुमार, संयुक्त निदेशक ग्रामीण विकास सरबजीत सिंह और सीनियर विधि अधिकारी जोहरइंदर सिंह आहलुवालिया शामिल किए गए हैं।

पूरे सूबे में 15 वर्षों में काटी गई सभी कालोनियों की होगी जांच

धालीवाल ने कहा कि बीते पूरे सूबे 15 वर्षों के दौरान जितनी भी कॉलोनियां काटी गई हैं, उनकी पूरी जांच करवाई जाएगी और सरकारी रास्तों से कब्जा छुड़वाया जाएगा। पत्रकारों के सवाल के जवाब में धालीवाल ने स्पष्ट किया कि सरकार को हुए नुकसान की भरपाई दोषियों से की जाएगी।

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