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पंचायत चुनाव: झूठ बोले तो आजीवन नहीं लड़ सकेंगे चुनाव

Tue, 15 Dec 2015 12:49 PM IST
अंकित चौहान/अमर उजाला, रोहतक।
अंकित चौहान/अमर उजाला, रोहतक। Updated Tue, 15 Dec 2015 12:49 PM IST
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panchayat election, new guidline release at haryana government

पंचायत चुनाव में राज्य सरकार ने प्रत्याशियों के लिए पांच शर्तों को लागू कर दिया है, लेकिन उनके शपथ पत्र के दावों की तत्काल जांच न करवाकर प्रत्याशियों पर ही विश्वास किया जाएगा।

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चुनाव से पहले या बाद में कोई शिकायत करता है तो ही जांच करवाई जाएगी और झूठे तथ्य पेश करने वाले प्रत्याशी पर केस दर्ज करवाकर उसके जिंदगी भर चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी जाएगी।
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प्रत्याशी को बिजली निगम और सहकारी बैंक से बकाया नहीं होने की एनओसी तो लेनी पड़ेगी, परंतु नामांकन में शिक्षा और शौचालय के शपथ पत्र को ही प्रमाण माना जाएगा।
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प्रदेश सरकार की ओर से लागू की गई तीन शर्तों को पूरी करने का दावा करने वाले प्रत्याशी की ओर से नामांकन पत्र के साथ दिए गए शपथ पत्र पर ही विश्वास किया जाएगा।

शपथ पत्र में प्रत्याशी का शिक्षा, शौचालय और आपराधिक रिकॉर्ड शामिल रहेगा। इस शपथ पत्र की प्रशासन अपनी ओर से कोई छानबीन नहीं करवाएगा, लेकिन चुनाव से पहले या बाद में कभी भी कोई उनकी शिकायत कर देता है या प्रशासन को किसी अन्य तरह से ऐसी शिकायत मिलती है तो उसकी जांच करवाई जाएगी।

जांच में तथ्य मिथ्या पाए जाने पर संबंधित प्रत्याशी/जनप्रतिनिधि के खिलाफ कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं मिथ्या शपथ पत्र देने वाले प्रत्याशी के गारंटर के खिलाफ भी मामला दर्ज होगा।

जांच के चक्कर में उलझना नहीं चाहता प्रशासन
दरअसल प्रशासन प्रत्याशियों के शपथ पत्र की चलाकर जांच करने की उलझन से बचना चाहता है। चुनावों में उम्मीदवारी के लिए हजारों नामांकन होंगे और इन सभी के साथ संलग्न शपथ पत्रों की जांच करवाने में महीनों लग जाएंगे। ऐसे में प्रशासन ने इस उलझन से बचने के लिए नियम बना दिया कि जांच केवल शिकायत होने पर ही की जाएगी, वो चाहे चुनाव से पहले हो या पूरे कार्यकाल में कभी भी।  


क्या हैं शर्तें

- सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार 10 वीं और महिला व अनुसूचित जाति के पुरुष 8 वीं पास तथा पंच पद के लिए अजा महिला 5वीं पास होनी चाहिए।
- उम्मीदवार पर बिजली बिल बकाया नहीं होना चाहिए।
- उम्मीदवार पर सहकारी बैंक का कर्ज नहीं होना चाहिए।
- घर में शौचालय होने का देना पड़ेगा शपथ पत्र।
- ऐसे अपराध जिनमें कम से कम 10 साल कैद की सजा का प्रावधान हो, उसमें चार्जशीट किए व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।

पंचायत चुनाव में नामांकन करने वाले प्रत्याशियों से कर्ज के मामले में एनओसी लेंगे तो शिक्षा, शौचालय व अपराध की शर्तों में शपथ पत्र भरवाया जाएगा। उस शपथ पत्र में वैसे कोई झूठी जानकारी नहीं देगा, क्योंकि उसकी कोई न कोई शिकायत कर देगा। फिर भी कोई झूठी सूचना शपथ पत्र में देता है तो शिकायत मिलने पर जांच करके कार्रवाई की जाएगी और ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा।
ओ. पी. धनखड़, पंचायती राज मंत्री।

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