पांच भारतीयों ने बताई पाक की 'बर्बरता', दर्द भरी है हर दास्तां, एक की कहानी रूह कंपाने वाली
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पाकिस्तान से वतन लौटे 55 मछुआरों और पांच नागरिकों में से एक भारतीय बबली की मानसिक हालत ठीक नहीं है। अमृतसर स्थित रेडक्रॉस भवन में मछुआरों के साथ ठहरे बबली को पाकिस्तान ने इतना टॉर्चर किया है कि उसे कुछ याद नहीं है कि वह कहां का रहने वाला है।
उसके साथ आए मछुआरों ने बताया कि लांडी जेल की एक बैरक में बबली तो कैद था ही, और भी कई भारतीय बंद है, जिनका मानसिक संतुलन बिगड़ा हुआ है। बबली इतना खौफजदा है कि कोई भी सवाल पूछने पर वह एकटक देखने लगता है।
उत्तर प्रदेश के बागपत के वाहिद खान (27) ढाई वर्ष की कैद काटने के बाद वतन पहुंचे। वाहिद ने बताया कि वह कराची में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार को मिलने के लिए समझौता एक्सप्रेस से पाकिस्तान गए थे। वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद वहां की पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
अदालत ने उसे एक हजार रुपये जुर्माने के साथ डेढ़ वर्ष की कैद सुनाई थी। इससे बावजूद उसे ढाई वर्ष तक जेल में रखा गया। वाहिद खान के अनुसार कराची की लांडी जेल में 54 भारतीय कैदी बंद है, जो अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं।
25 वर्ष बाद वतन लौटा मुशर्रफ
25 साल बाद वतन लौटे पश्चिम बंगाल के जिला हुगली निवासी मुशर्रफ अली का कहना है कि वह अटारी सीमा से पैदल ही पाकिस्तान चले गए थे। पाकिस्तान रेंजर ने उन्हें पकड़ लिया था और टॉर्चर किया गया। अदालत ने उसे पांच साल की कैद सुनाई थी लेकिन उसे 25 साल बाद रिहा किया गया है।
इस दौरान उसे पाकिस्तान के हैदराबाद और कराची की जेलों में रखा गया था। जब वह पाकिस्तान गए थे तब उनकी उम्र 40 वर्ष की थी, अब वह 65 वर्ष के हो चुके हैं। उनकी शादी नहीं हुई है। पाकिस्तान क्यों गए, क्या किसी सरकारी एजेंसी ने भेजा था, इन सवालों के जवाब में अली चुप रहे।
अवैध रूप से ईरान जाने की मिली सजा
कोलकाता निवासी कौसर ने बताया कि वह छह साल पहले रोजी-रोटी के लिए दुबई गया था। वहां पर जिस कंपनी में मजदूरी करता था, वह बंद होने के बाद वहां काम करने वाले बांग्लादेशी व पाकिस्तानियों के साथ वह अवैध रूप से ईरान चला गया था। ईरान की पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया।
अदालत द्वारा दी गई सजा पूरी करने के बाद वहां की पुलिस ने सभी को ईरान की सीमा से सटे बलूचिस्तान में छोड़ दिया था जहां पाकिस्तान रेंजर्स ने उनको गिरफ्तार कर लिया था। पाकिस्तान की लांडी जेल में चार साल की सजा काटने के बाद वह रिहा हुआ है।
लड़कियों से दोस्ती होने से चाचा ने पुलिस के हवाले कर दिया
गुजरात के राजकोट के सुहेल ने बताया कि कराची में उनका ननिहाल है। उनके चाचा भी वहीं रहते हैं। वह पाकिस्तान में बसने के लिए गया था। कराची में जब वह अपने रिश्तेदारों के साथ रह रहा था, इसी दौरान आस-पड़ोस में रहने वाली लड़कियों के साथ उनकी दोस्ती हो गई।
जब चाचा को इसकी भनक लगी तो उन्होंने पुलिस को इत्तला कर उसे गिरफ्तार करवा दिया। वह चार वर्ष के बाद घर लौट रहा है। अब वह कभी पाकिस्तान नहीं जाएगा। राजकोट में ही रोजी-रोटी कमाएगा।