फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Pakistan released 55 indian fishermen and 5 civilians via attari wagah

पांच भारतीयों ने बताई पाक की 'बर्बरता', दर्द भरी है हर दास्तां, एक की कहानी रूह कंपाने वाली

Wed, 01 May 2019 06:20 PM IST
ajay kumar अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 01 May 2019 06:20 PM IST
विज्ञापन
Pakistan released 55 indian fishermen and 5 civilians via attari wagah
पाकिस्तान से वतन लौटे भारतीय

पाकिस्तान से वतन लौटे 55 मछुआरों और पांच नागरिकों में से एक भारतीय बबली की मानसिक हालत ठीक नहीं है। अमृतसर स्थित रेडक्रॉस भवन में मछुआरों के साथ ठहरे बबली को पाकिस्तान ने इतना टॉर्चर किया है कि उसे कुछ याद नहीं है कि वह कहां का रहने वाला है।

विज्ञापन


उसके साथ आए मछुआरों ने बताया कि लांडी जेल की एक बैरक में बबली तो कैद था ही, और भी कई भारतीय बंद है, जिनका मानसिक संतुलन बिगड़ा हुआ है। बबली इतना खौफजदा है कि कोई भी सवाल पूछने पर वह एकटक देखने लगता है।  
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश के बागपत के वाहिद खान (27) ढाई वर्ष की कैद काटने के बाद वतन पहुंचे। वाहिद ने बताया कि वह कराची में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार को मिलने के लिए समझौता एक्सप्रेस से पाकिस्तान गए थे। वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद वहां की पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अदालत ने उसे एक हजार रुपये जुर्माने के साथ डेढ़ वर्ष की कैद सुनाई थी। इससे बावजूद उसे ढाई वर्ष तक जेल में रखा गया। वाहिद खान के अनुसार कराची की लांडी जेल में 54 भारतीय कैदी बंद है, जो अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं।

25 वर्ष बाद वतन लौटा मुशर्रफ 

Pakistan released 55 indian fishermen and 5 civilians via attari wagah

25 साल बाद वतन लौटे पश्चिम बंगाल के जिला हुगली निवासी मुशर्रफ अली का कहना है कि वह अटारी सीमा से पैदल ही पाकिस्तान चले गए थे। पाकिस्तान रेंजर ने उन्हें पकड़ लिया था और टॉर्चर किया गया। अदालत ने उसे पांच साल की कैद सुनाई थी लेकिन उसे 25 साल बाद रिहा किया गया है।

इस दौरान उसे पाकिस्तान के हैदराबाद और कराची की जेलों में रखा गया था। जब वह पाकिस्तान गए थे तब उनकी उम्र 40 वर्ष की थी, अब वह 65 वर्ष के हो चुके हैं। उनकी शादी नहीं हुई है। पाकिस्तान क्यों गए, क्या किसी सरकारी एजेंसी ने भेजा था, इन सवालों के जवाब में अली चुप रहे। 

अवैध रूप से ईरान जाने की मिली सजा
 

कोलकाता निवासी कौसर ने बताया कि वह छह साल पहले रोजी-रोटी के लिए दुबई गया था। वहां पर जिस कंपनी में मजदूरी करता था, वह बंद होने के बाद वहां काम करने वाले बांग्लादेशी व पाकिस्तानियों के साथ वह अवैध रूप से ईरान चला गया था। ईरान की पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया।

अदालत द्वारा दी गई सजा पूरी करने के बाद वहां की पुलिस ने सभी को ईरान की सीमा से सटे बलूचिस्तान में छोड़ दिया था जहां पाकिस्तान रेंजर्स ने उनको गिरफ्तार कर लिया था। पाकिस्तान की लांडी जेल में चार साल की सजा काटने के बाद वह रिहा हुआ है।

लड़कियों से दोस्ती होने से चाचा ने पुलिस के हवाले कर दिया 

Pakistan released 55 indian fishermen and 5 civilians via attari wagah
Amritsar

गुजरात के राजकोट के सुहेल ने बताया कि कराची में उनका ननिहाल है। उनके चाचा भी वहीं रहते हैं। वह पाकिस्तान में बसने के लिए गया था। कराची में जब वह अपने रिश्तेदारों के साथ रह रहा था, इसी दौरान आस-पड़ोस में रहने वाली लड़कियों के साथ उनकी दोस्ती हो गई। 

जब चाचा को इसकी भनक लगी तो उन्होंने पुलिस को इत्तला कर उसे गिरफ्तार करवा दिया। वह चार वर्ष के बाद घर लौट रहा है। अब वह कभी पाकिस्तान नहीं जाएगा। राजकोट में ही रोजी-रोटी कमाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed