{"_id":"62e048903f9f91432510b904","slug":"owners-of-canceled-houses-now-have-time-till-december-31-chandigarh-news-pkl4577455138","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh: रद्द मकानों के मालिकों को अब 31 दिसंबर तक की मोहलत, सीएचबी ने दी बड़ी राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh: रद्द मकानों के मालिकों को अब 31 दिसंबर तक की मोहलत, सीएचबी ने दी बड़ी राहत
Wed, 27 Jul 2022 01:33 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 27 Jul 2022 01:33 AM IST
सार
बैठक में फैसला लिया गया कि आने वाले दिनों में सीएचबी की करीब 100 संपत्तियों की ई-नीलामी की जाएगी। ये सभी लीज होल्ड होंगी। इनका आरक्षित मूल्य भी कम किया जाएगा।
विज्ञापन
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड
विस्तार
उल्लंघन पाए जाने पर मकानों का आवंटन रद्द करने के मामले में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने मालिकों को राहत दे दी है। बोर्ड ने ऐसे मकान मालिकों को 31 दिसंबर तक की मोहलत दी है। इस दौरान कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि बोर्ड ने कहा है कि तब तक आवंटी उल्लंघनों को खुद हटा लें और रिवाइवल राशि जमा करा दें।
विज्ञापन
मंगलवार को सीएचबी की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक सीएचबी के चेयरमैन व सलाहकार धर्मपाल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में फैसला लिया गया कि आने वाले दिनों में सीएचबी की करीब 100 संपत्तियों की ई-नीलामी की जाएगी। ये सभी लीज होल्ड होंगी। इनका आरक्षित मूल्य भी कम किया जाएगा। बोर्ड ने घरों की ट्रांसफर की तत्काल स्कीम को भी बंद कर दिया।
विज्ञापन
बोर्ड के अधिकारियों का दावा है कि ई-ऑफिस मॉड्यूल और ऑनलाइन सिस्टम से लोगों के काम जल्द हो रहे हैं इसलिए तत्काल स्कीम की जरूरत नहीं है। बैठक के बाद सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि चंडीगढ़ एक योजनाबद्ध तरीके से बसा शहर है। हाउसिंग बोर्ड नीड बेस्ड चेंज और चंडीगढ़ के यूनिक कैरेक्टर को मेंटेन करने की कोशिश कर रहा है। कहा कि बोर्ड ने अपनी सभी सुविधाओं को ऑनलाइन कर दिया है ताकि लोगों को कम से कम सीएचबी के दफ्तर में आना पड़े।
विज्ञापन
दिल्ली की तर्ज पर नीड बेस्ड चेंज की नहीं मिली इजाजत
मकानों में नीड बेस्ड चेंज को लेकर राहत की उम्मीद कर रहे लोगों को झटका मिला है। इस मामले को लेकर सीएचबी की तरफ से गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट जमा कर दी है। कमेटी ने रिपोर्ट में दिल्ली की तर्ज पर नीड बेस्ड चेंज लागू करने से इंकार कर दिया है। मंगलवार को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में रिपोर्ट पर चर्चा की गई।
बोर्ड ने लोगों को कुछ राहत दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चंडीगढ़ एक योजनाबद्ध शहर है, जिसकी दिल्ली की साथ तुलना नहीं हो सकती है। भूकंप की अधिक संभावना रहती है, जिसके चलते इस तरह के बदलाव सार्वजनिक संपत्ति व मानव जीवन के लिए खतरा हो सकते हैं।
कमेटी की तरफ से की गई सिफारिश
- इंडिपेंडेंट घरों में 115 एमएम से अधिक मोटी दीवार को हटाने की अनुमति दी जाएगी, पर स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी का सर्टिफिकेट देना होगा।
- एमआईजी/एचआईजी घरों में अतिरिक्त निर्माण के लिए पिछले कोर्ट यार्ड/टेरेस के 50 फीसदी क्षेत्र के पहले के प्रतिबंध को ईडब्ल्यूएस/एलआईजी घरों की तर्ज पर 150 वर्ग फुट की शर्त के अधीन 75 फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है।
- लिफ्ट के निर्माण के लिए ब्लॉक के सभी आवंटियों की सहमति प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं होनी होगी।
- इंडिपेंडेंट मकानों में अतिरिक्त एफएआर की अनुमति दी जा सकती है। मौजूदा कलेक्टर दर के 35 फीसदी के बराबर शुल्क का भुगतान करना होगा।
- सीएचबी के घरों में सामने की ईंट की चारदीवारी को स्लाइडिंग गेट के साथ बदला जा सकता है।
- ब्लॉक के सभी आवंटियों की सहमति के अधीन आवंटियों की तरफ से छत पर सौर पैनल स्थापित किए जा सकते हैं लेकिन इसके लिए स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी का सर्टिफिकेट जरूरी होगा।
- स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी का सर्टिफिकेट देने पर पानी की टंकी की कुल क्षमता को 1000 लीटर तक बढ़ाया जा सकता है।