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ध्यान दें: पीयू में नॉन टीचिंग की एक हजार पोस्ट खत्म करने की तैयारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 06 Nov 2016 12:48 AM IST
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Panjab University
- फोटो : File Photo
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पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन अब युवाओं के लिए स्थायी नौकरी के रास्ते बंद करने की तैयारी में है। आर्थिक तंगी से गुजर रही पीयू जल्द ही एक हजार से अधिक सी और डी क्लास के पदों को खत्म कर देगी। इस संबंध में प्रशासन ने प्रपोजल तैयार कर लिया है। आगामी 15 नवंबर को बोर्ड ऑफ फाइनेंस और फिर 27 नवंबर को पंजाब यूनिवर्सिटी सिंडीकेट में इस प्रस्ताव पर फैसला लिया जाएगा।
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) और बोर्ड ऑफ फाइनेंस के दिशा-निर्देशों पर नई भर्ती पर पहले ही रोक लग चुकी है। सूत्रों के अनुसार पीयू रजिस्ट्रार दफ्तर की ओर से पीयू में स्वीकृत सी और डी क्लास के 1070 पदों को खत्म करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन पदों पर भविष्य में कांट्रैक्ट(ठेका) और आउससोर्सिंग के जरिए ही कर्मचारी भर्ती किए जाएंगे। पीयू में सी और डी क्लास के मौजूदा समय में भी 400 से अधिक पद खाली हैं।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार और यूजीसी ने पीयू की ग्रांट पर रोक लगा रखी है। यूजीसी ने पीयू प्रशासन को खर्चों में कमी करने और नई भर्ती पर रोक लगानेे को कहा है। ऐसे में पीयू प्रशासन अब नई रेगुलर भर्ती की जगह आउटसोर्स कर्मचारियों से काम चलाएगी। पीयू के स्थायी सी क्लास कर्मचारी को 25 से 30 हजार वेतन मिलता है, जबकि आउटसोर्स से पीयू 8 से 10 हजार में कर्मचारियों की नियुक्ति करेगा।
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यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) और बोर्ड ऑफ फाइनेंस के दिशा-निर्देशों पर नई भर्ती पर पहले ही रोक लग चुकी है। सूत्रों के अनुसार पीयू रजिस्ट्रार दफ्तर की ओर से पीयू में स्वीकृत सी और डी क्लास के 1070 पदों को खत्म करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन पदों पर भविष्य में कांट्रैक्ट(ठेका) और आउससोर्सिंग के जरिए ही कर्मचारी भर्ती किए जाएंगे। पीयू में सी और डी क्लास के मौजूदा समय में भी 400 से अधिक पद खाली हैं।
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गौरतलब है कि केंद्र सरकार और यूजीसी ने पीयू की ग्रांट पर रोक लगा रखी है। यूजीसी ने पीयू प्रशासन को खर्चों में कमी करने और नई भर्ती पर रोक लगानेे को कहा है। ऐसे में पीयू प्रशासन अब नई रेगुलर भर्ती की जगह आउटसोर्स कर्मचारियों से काम चलाएगी। पीयू के स्थायी सी क्लास कर्मचारी को 25 से 30 हजार वेतन मिलता है, जबकि आउटसोर्स से पीयू 8 से 10 हजार में कर्मचारियों की नियुक्ति करेगा।
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कर्मचारियों ने किया विरोध करने का एलान
VC Arun Grover On PU
- फोटो : File Photo
कर्मचारी करेंगे विरोध
पीयू सी क्लास स्टाफ एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी रामानंद का कहना है कि पीयू प्रशासन का सी और डी क्लास की 1070 पदों को खत्म करने का फैसला बिल्कुल गलत है। इस फैसले का खिलाफ कर्मचारी कड़ा विरोध करेंगे।
ठेके पर रखे कर्मचारियों ने किए घोटाले
पीयू के प्रशासनिक कार्यालय का कामकाज अधिकतर सी और डी क्लास कर्मचारियों के भरोसे होता है। एग्जामिनेशन समेत कई विभाग काफी गोपनीयता वाले होते हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों की इन विभागों में नियुक्ति पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। पेंशन सेल में कांट्रैक्ट पर नियुक्त महिला कर्मचारी पूजा बग्गा 2 करोड़ घोटाले में फंस चुकी हैं। पीयू सिंगल विंडो पर तैनात कर्मचारी को पैसे लेकर पास करवाने के आरोप में बर्खास्त किया जा चुका है। पीयू की सीक्रेसी ब्रांच में हर साल 200 से 300 डेलीवेज कर्मचारियों को परीक्षा संबंधी कामों में नियुक्त किया जाता है।
एक तरफ सांसद किरण खेर स्थायी नौकरी के लिए उम्र को 25 से 37 करवाने का दावा कर रही हैं, दूसरी तरफ पीयू प्रशासन अब नॉन टीचिंग पदों पर रेगुलर भर्ती पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है। पीयू द्वारा करीब एक हजार सी और डी ग्रुप की पोस्ट खत्म किया जाना बिल्कुल गलत है। -दीपक कौशिक, पूर्व प्रेसिडेंट, पंजाब यूनिवर्सिटी नॉन टीचिंग एसोसिएशन
पीयू प्रशासन मौजूदा समय में काम कर रहे किसी भी सी और डी कर्मचारी की सेवाएं रिटायरमेंट तक खत्म नहीं करेगा। यह फैसला पंजाब यूनिवर्सिटी अपने स्तर पर नहीं ले रही। पीयू सिर्फ छठे पे कमीशन के नियमों के तहत डी ग्रुप के पदों पर आउटसोर्स से भविष्य में नियुक्ति करेगा। -कर्नल(रिटायर्ड) जीएस चड्ढा, रजिस्ट्रार पंजाब यूनिवर्सिटी
पीयू सी क्लास स्टाफ एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी रामानंद का कहना है कि पीयू प्रशासन का सी और डी क्लास की 1070 पदों को खत्म करने का फैसला बिल्कुल गलत है। इस फैसले का खिलाफ कर्मचारी कड़ा विरोध करेंगे।
ठेके पर रखे कर्मचारियों ने किए घोटाले
पीयू के प्रशासनिक कार्यालय का कामकाज अधिकतर सी और डी क्लास कर्मचारियों के भरोसे होता है। एग्जामिनेशन समेत कई विभाग काफी गोपनीयता वाले होते हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों की इन विभागों में नियुक्ति पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। पेंशन सेल में कांट्रैक्ट पर नियुक्त महिला कर्मचारी पूजा बग्गा 2 करोड़ घोटाले में फंस चुकी हैं। पीयू सिंगल विंडो पर तैनात कर्मचारी को पैसे लेकर पास करवाने के आरोप में बर्खास्त किया जा चुका है। पीयू की सीक्रेसी ब्रांच में हर साल 200 से 300 डेलीवेज कर्मचारियों को परीक्षा संबंधी कामों में नियुक्त किया जाता है।
एक तरफ सांसद किरण खेर स्थायी नौकरी के लिए उम्र को 25 से 37 करवाने का दावा कर रही हैं, दूसरी तरफ पीयू प्रशासन अब नॉन टीचिंग पदों पर रेगुलर भर्ती पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है। पीयू द्वारा करीब एक हजार सी और डी ग्रुप की पोस्ट खत्म किया जाना बिल्कुल गलत है। -दीपक कौशिक, पूर्व प्रेसिडेंट, पंजाब यूनिवर्सिटी नॉन टीचिंग एसोसिएशन
पीयू प्रशासन मौजूदा समय में काम कर रहे किसी भी सी और डी कर्मचारी की सेवाएं रिटायरमेंट तक खत्म नहीं करेगा। यह फैसला पंजाब यूनिवर्सिटी अपने स्तर पर नहीं ले रही। पीयू सिर्फ छठे पे कमीशन के नियमों के तहत डी ग्रुप के पदों पर आउटसोर्स से भविष्य में नियुक्ति करेगा। -कर्नल(रिटायर्ड) जीएस चड्ढा, रजिस्ट्रार पंजाब यूनिवर्सिटी