{"_id":"6abecf6990c9db9ab80b1112","slug":"outsourcing-of-42-x-ray-and-lab-technician-posts-at-pgi-put-on-hold-chandigarh-news-c-16-pkl1079-1138571-2026-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: पीजीआई में एक्स-रे और लैब टेक्नीशियन के 42 पदों की आउटसोर्सिंग पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: पीजीआई में एक्स-रे और लैब टेक्नीशियन के 42 पदों की आउटसोर्सिंग पर रोक
विज्ञापन
चंडीगढ़। पीजीआई में आठ एक्स-रे और 34 लैब टेक्नीशियन समेत 42 पदों को आउटसोर्सिंग से भरने के मामले में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट), चंडीगढ़ बेंच ने फिलहाल रोक लगा दी है। कैट ने 23 सितंबर 2026 के उस आदेश को अगली सुनवाई तक अबेयांस में रखने के निर्देश दिए हैं, जिसके तहत इन पदों पर आउटसोर्सिंग के जरिये मैनपावर लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी थी।
मामला पीजीआई मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट यूनियन चंडीगढ़ की ओर से दायर याचिका से जुड़ा है। यूनियन ने आउटसोर्सिंग के फैसले पर रोक की मांग करते हुए कैट में आवेदन किया था। कैट के अनुसार, 21 सितंबर को मूल आवेदन (ओए) और संबंधित आवेदन पर नोटिस जारी कर अगली सुनवाई 5 अक्तूबर तय की गई थी।
इसी बीच आवेदकों ने एमए नंबर 3080/2026 दाखिल कर 23 सितंबर के आदेश के संचालन पर रोक लगाने की मांग की। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से वरिष्ठ केंद्रीय सरकारी स्थायी अधिवक्ता संजय गोयल पेश हुए और नोटिस स्वीकार किया। अधिकरण ने प्रतिवादियों को अगली सुनवाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कैट ने 5 अक्तूबर को अगली सुनवाई तय करते हुए स्पष्ट किया कि तब तक 23 सितंबर का संबंधित आदेश प्रभावी नहीं रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामला पीजीआई मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट यूनियन चंडीगढ़ की ओर से दायर याचिका से जुड़ा है। यूनियन ने आउटसोर्सिंग के फैसले पर रोक की मांग करते हुए कैट में आवेदन किया था। कैट के अनुसार, 21 सितंबर को मूल आवेदन (ओए) और संबंधित आवेदन पर नोटिस जारी कर अगली सुनवाई 5 अक्तूबर तय की गई थी।
विज्ञापन
इसी बीच आवेदकों ने एमए नंबर 3080/2026 दाखिल कर 23 सितंबर के आदेश के संचालन पर रोक लगाने की मांग की। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से वरिष्ठ केंद्रीय सरकारी स्थायी अधिवक्ता संजय गोयल पेश हुए और नोटिस स्वीकार किया। अधिकरण ने प्रतिवादियों को अगली सुनवाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। कैट ने 5 अक्तूबर को अगली सुनवाई तय करते हुए स्पष्ट किया कि तब तक 23 सितंबर का संबंधित आदेश प्रभावी नहीं रहेगा।
विज्ञापन