क्रिप्टो करेंसी मामला: 400 करोड़ की ठगी केस में बड़ी कार्रवाई, दो आरोपियों की प्रॉपर्टी अटैच करने का आदेश
क्रिप्टो करेंसी ठगी मामले में दो आरोपियों की संपत्ति को अटैच करने का आदेश दिया गया है। पंजाब में पहली बार बीयूडीएस अधिनियम के तहत संपत्ति कुर्क की जाएगी। 400 करोड़ रुपये की ठगी का यह मामला पंजाब और हिमाचल प्रदेश से जुड़ा। करीब 50 हजार लोगों को शिकार बनाया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
400 करोड़ रुपये के क्रिप्टो करेंसी घोटाले में शामिल दो प्रमुख आरोपियों की संपत्तियों को पंजाब वित्त विभाग ने मंगलवार को अनियमित जमा योजनाओं (बीयूडीएस) अधिनियम, 2019 पर प्रतिबंध के तहत अस्थायी रूप से अटैच करने की अनुमति दे दी। इस घोटाले ने हिमाचल प्रदेश और पंजाब को हिलाकर रख दिया क्योंकि आरोपियों ने करीब 50 हजार लोगों से ठगी की।
अधिकारियों के अनुसार यह पहली बार है कि पंजाब में उक्त अधिनियम के तहत संपत्तियां कुर्क की जाएगी। बता दें कि इससे पहले बीओआई और गृह विभाग ने पिछले महीने मुख्य साजिशकर्ता सुभाष शर्मा और हेम राज की संपत्तियों की कुर्की की मंजूरी दे दी थी। अधिकारियों के अनुसार अब वित्त विभाग, पंजाब के प्रशासनिक सचिव अजॉय कुमार सिन्हा से हरी झंडी मिलने के बाद इस संबंध में रिपोर्ट पूर्ण कुर्की आदेश पारित करने के लिए मोहाली में जिला न्यायाधीश के पास जाएगी।
अदालत दोनों आरोपियों को यह साबित करने का आखिरी मौका देगी कि ये संपत्तियां क्रिप्टोकरेंसी के जरिए कमाए गए मुनाफे से नहीं खरीदी गई हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हम जल्द ही दोनों आरोपियों की संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई शुरू करेंगे।
जमीन, पेट्रोल पंप और होटलों में निवेश किया था पैसा
बता दें कि डेराबस्सी पुलिस ने करीब 25 करोड़ रुपये की 10 संपत्तियों की पहचान की है जो सुभाष शर्मा और हेम राज की हैं। ये संपत्तियां जीरकपुर में वीआईपी रोड और नाभा साहिब रोड पर स्थित हैं। सिन्हा ने 9 जनवरी, 2024 को एक लिखित आदेश में राजस्व अधिकारियों से इन 10 संपत्तियों की बिक्री पर रोक लगाने को कहा है। करोड़ों रुपये के क्रिप्टोकरेंसी घोटाले के शातिरों ने लोगों से ठगा पैसा पेट्रोल पंप और होटलों आदि में लगाया था।
अब तक गिरफ्तार हो चुके हैं 11 संदिग्ध
डेराबस्सी पुलिस ने अब तक 11 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और गिरोह के कई फरार सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिनमें हिमाचल प्रदेश के मंडी का कथित मास्टरमाइंड सुभाष शर्मा भी शामिल है। वह जीरकपुर में रह रहा था लेकिन वर्तमान में उसके दुबई में होने का संदेह है।
क्या है बीयूडीएस अधिनियम
बीयूडीएस अधिनियम के तहत संपत्तियां स्टेशन हाउस अधिकारी (एसएचओ), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), जांच ब्यूरो (बीओआई), गृह विभाग, वित्त विभाग (प्रशासनिक सचिव) के पत्राचार के माध्यम से संलग्न की जाती हैं।