अभय चौटाला बोले- 500 में बिकी 100 रुपये की शराब की बोतल, 1.20 करोड़ बोतल की हुई तस्करी
- विपक्ष ने सरकार को घेरा, सीबीआई जांच की मांग, कांग्रेस विधायक वत्स बोले- विज नाम के ही गब्बर, हुआ हंगामा
- आईएएस, आईपीएस अफसरों पर नहीं हुई कार्रवाई, सदन में सरकार की खिंचाई, विज बोले- किसी दोषी को नहीं बख्शूंगा
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हरियाणा में लॉकडाउन के दौरान हुआ शराब घोटाला सदन में खूब गूंजा। इनेलो-कांग्रेस विधायकों की ओर से लाए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर एक घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई। इस दौरान अनेक मौके ऐसे आए जब सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक टकरा गए। गृह मंत्री अनिल विज ने साफ किया कि किसी दोषी को नहीं बख्शूंगा। विजिलेंस की जांच रिपोर्ट का इंतजार है, उनके शब्दकोष में माफी नाम का शब्द ही नहीं है।
शराब घोटाले में संलिप्त आईएएस, आईपीएस अफसरों पर एसईटी की रिपोर्ट के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर विपक्ष ने सदन में सरकार की खिंचाई करने के साथ ही सीबीआई जांच की मांग जोरशोर से उठाई। इनेलो विधायक अभय चौटाला ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत किया। चर्चा में कांग्रेस विधायक किरण चौधरी, सुरेंद्र पंवार व कुलदीप वत्स ने हिस्सा लिया।
अभय चौटाला ने कहा कि जब सड़क पर निकलने की अनुमति नहीं थी, बिना परमिट आवागमन नहीं कर सकते थे। लोगों के पास हुक्का पीने के लिए तंबाकू तक खत्म हो चुकी थी। ऐसे में एक करोड़ 20 लाख बोतल शराब की तस्करी कैसे हो गई। गांवों में इतनी अवैध शराब की बिक्री हुई कि 100 की बोतल पांच सौ में बिकी।
गृह मंत्री को सरकार ने अनदेखा किया। उनकी एसआईटी गठित करने की सिफारिश पर एसईटी बना दी गई। अगर सरकार वास्तव में शराब कारोबार के भ्रष्टाचार को खत्म करना चाहती है तो सीबीआई से मामले की जांच कराए। बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने शराब घोटाले पर सरकार को घेरा।
वत्स ने कहा कि गृह मंत्री अनिल विज खुद को गब्बर बताते हैं लेकिन कार्रवाई शराब घोटाले में कुछ नहीं कर पाए। वह नाम के ही गब्बर हैं। सरकार की नाक के नीचे शराब का घोटाला हुआ लेकिन सरकार कुछ नहीं कर पाई। इस पर भाजपा विधायक हरविंद्र कल्याण व वत्स में झड़प हो गई। कल्याण ने वत्स की शब्दावली पर एतराज जताया।
विज ने कहा कि जिस अशोक जैन को कोई हाथ नहीं लगाता था, वह आज सलाखों के अंदर है। इस पर चौटाला ने कहा कि पूरा सदन शराब घोटाले की सीबीआई जांच चाहता है, इस पर कांग्रेस ने मेज थपथपाकर अभय का समर्थन किया। अभय बोले, मुख्यमंत्री ने कमजोरी दिखाते हुए एसआईटी गठित कर दी, जबकि वह अक्सर हिम्मत से काम करते रहते हैं। मुख्यमंत्री को जनता के बीच संदेश देना चाहिए कि उन्होंने शराब घोटाले में भ्रष्टाचार के सामने आत्मसमर्पण नहीं किया।
सबके खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई : विज
गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि शराब की अवैध बिक्री में शामिल पाए जाने वाले अधिकारी, कर्मचारी, ठेकेदार व शराब माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मामले की जांच में एसईटी ने सराहनीय कार्य किया है। एसईटी ने पुलिस व आबकारी विभाग के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों के उनकी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन नहीं करने संबंधी जानकारी भी दी है। एडीजीपी कला रामचंद्रन की अध्यक्षता में एक कमेटी विभिन्न अधिकारियों की संलिप्तता की जांच कर रही है।