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Haryana: हुड्डा ने उठाया सरसों खरीद का मुद्दा, टूटी सड़कें, सरपंचों पर लाठीचार्ज पर विधायकों ने सरकार को घेरा

Sat, 18 Mar 2023 01:31 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 18 Mar 2023 01:31 AM IST
सार

बजट सत्र के दौरान यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास ने स्कूलों से बच्चों के ड्रापआउट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ योजना में अग्रणी बनने वाले राज्य हरियाणा में अभी भी लड़कियों के लिए शिक्षा प्राप्त करना मुश्किल है, क्योंकि प्रदेश में लड़कियां पांचवी कक्षा के बाद से ही पढ़ाई से दूर होना शुरू हो जाती हैं। 

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Opposition parties raised many issues in budget session of Haryana Vidhan sabha
पंजाब विधानसभा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरसों की खरीद नहीं होने से किसानों को हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया है। हुड्डा ने बताया कि सरकारी एलान के बावजूद अब तक मंडियों में सरसों की खरीद शुरू नहीं हुई है। इसकी वजह से किसान बेहद परेशान हैं। उन्हें एमएसपी से 1000-1500 रुपये कम रेट पर अपनी फसल बेचनी पड़ रही है। स्थिति यह है कि कहीं खरीद के लिए एजेंसी नहीं पहुंच रही तो कहीं पोर्टल ही नहीं खुल रहा। ऊपर से मंडी में फसल लेकर पहुंचे किसानों को मौसम बिगड़ने का डर भी सता रहा है।

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इससे पहले भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षा में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। इसमें विधानसभा के भीतर उठाए जाने वाले तमाम मुद्दों पर चर्चा की गई। कांग्रेस ने ई-टेंडरिंग के विरोध में आंदोलनरत सरपंचों के समर्थन का एलान करते हुए इसे खत्म करने की मांग उठाई। हुड्डा ने दोहराया कि कांग्रेस सरकार बनने पर पंचायतों के अधिकारों पर कुठाराघात करने वाली ई-टेंडरिंग जैसी व्यवस्था को खत्म किया जाएगा। साथ ही पंचायतों के फंड में वृद्धि करके ग्रामीण विकास को रफ्तार दी जाएगी। 
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यमुनानगर के विधायक ने उठाया लड़कियों के ड्रापआउट का मुद्दा
बजट सत्र के दौरान यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास ने स्कूलों से बच्चों के ड्रापआउट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बेटी-बचाओ, बेटी-पढ़ाओ योजना में अग्रणी बनने वाले राज्य हरियाणा में अभी भी लड़कियों के लिए शिक्षा प्राप्त करना मुश्किल है, क्योंकि प्रदेश में लड़कियां पांचवी कक्षा के बाद से ही पढ़ाई से दूर होना शुरू हो जाती हैं। 

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आठवीं कक्षा तक पहुंचते-पहुंचते ड्रापआउट की दर में वृद्धि हो रही है। इस पर स्कूल शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने वर्ष 2021-2022 की रिपोर्ट सदन में पेश की। उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान पहली से लेकर पांचवीं कक्षा तक लड़कियों की ड्रापआउट दर शून्य प्रतिशत रही। इसके बाद छठी से लेकर आठवीं कक्षा तक की ड्रापआउट दर जहां 0.2 प्रतिशत थी। वहीं नौवीं से दसवीं कक्षा तक की ड्रापआउट दर 4.9 प्रतिशत रही है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चों को पीपीपी डेटा के साथ मैप किया है। इस डेटा के अनुसार जो बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं, उनकी पहचान करके विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से औपचारिक स्कूलों में नामांकित किया जाएगा।

सदन में उठा टूटी सड़कें, खेतों में जमा पानी और सरपंचों पर लाठीचार्ज का मुद्दा
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण में प्रदेश में टूटी सड़कों और खेतों में जमा पानी का मुद्दा छाया रहा। साथ ही सरपंचों पर लाठीचार्ज का मामला भी गूंजा। विपक्षी विधायकों के साथ-साथ सत्ताधारी विधायकों ने भी हलकों में टूटी सड़कों का जिक्र किया और मांग रखी कि सड़कों में इतने गड्ढे हैं कि रोजाना हादसे हो रहे हैं। बादली से कुलदीप वत्स, महेंद्रगढ़ से राव दान सिंह, झज्जर से गीता भुक्कल समेत जजपा के गुहला से विधायक ईशवर सिंह ने कहा कि हलके में सड़कों के हालात बहुत खराब है। महम से आजाद विधायक बलराज कुंडू ने कहा कि विधायकों को सड़कों के मरम्मत के लिए 25 करोड़ रुपये देने के केवल दावे किए जा रहे हैं। 

महम के बड़े गांवों की सड़कें टूटी पड़ी है। हर बार सदन में वह मांग रखते हैं लेकिन इसका कोई असर नहीं हो रहा है। सरपंचों पर लाठीचार्ज को लेकर भी कुंडू ने सरकार को घेरा और कहा कि छोटी सरकार पर लाठीचार्ज का नतीजा 2024 में मिलेगा। कैथल से भाजपा विधायक लीला राम ने ग्योंग ड्रेन का मुद्दा उठाया और कहा कि जब भी विधानसभा सत्र आता है तो अधिकारी फोन करते हैं, इसके बाद फिर से मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।

मुख्यमंत्री बोले- यह विधायक के इंट्रेस्ट का मामला, मेरे पास आई हैं शिकायतें
लाडवा से विधायक मेवा सिंह ने सरस्वती नदी पर अवैध कब्जों का मामला उठाया और कहा कि नौ अवैध पुल बनाए जाने से खेतों में पानी जमा है। इसके अलावा, सेक्टरों में भी पानी भर जाता है। विधायक ने कहा कि कुछ प्रापर्टी डीलर्स ने इसके आसपास अवैध कालोनियां काट रखी हैं, वे इन पुलों को नहीं टूटने देते। जब विधायक कृषि मंत्री जेपी दलाल के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए तो मुख्यमंत्री मनोहर लाल खड़े हुए। मनोहर लाल ने कहा कि इस मामले में विधायक का व्यक्तिगत इंस्ट्रेस्ट लगता है। सरकार के पास ऐसी मौखिक शिकायत आई है, लिखित शिकायत आने के बाद वह सदन को बताएंगे।

सरस्वती में पानी सुचारू रखना प्राथमिकता: मनोहर लाल
मनोहर लाल ने कहा कि सरस्वती नदी पर जीटी रोड, कुरुक्षेत्र से झांसा रोड तक बने पुलों में से अधिकतर पुल अवैध हैं। 8 पुल तो वर्ष 2010 से पहले के बने हुए हैं। एक पुल तो वर्ष 2014-15 में बना। यह पुल ग्रामीणों की मांग पर ही बनाये गए थे लेकिन अब कहीं यदि पानी के प्रवाह में बाधा आ रही है और क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है तो उसे ठीक किया जाएगा और ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मांगों को भी ध्यान में रखा जाएगा।

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