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चंडीगढ़ में कोरोना टीकाकरण के लिए आगे नहीं आ रहे फ्रंटलाइनर, जागरूकता का अभाव
Fri, 19 Feb 2021 02:37 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Feb 2021 02:37 AM IST
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चंडीगढ़ मे कोरोना वैक्सीनेशन में जागरूकता की कमी।
- फोटो : फाइल फोटो
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जागरूकता के अभाव में अग्रिम पंक्ति में डटे कर्मचारी कोरोना का टीका लगवाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। पिछले 15 दिनों में चंडीगढ़ नगर निगम के 6000 कर्मचारियों को टीका लगना था, लेकिन अब तक मात्र 115 ने ही टीका लगवाया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे विभागीय अधिकारियों से चर्चा करेंगे।
एक महीने पहले स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना काल के दौरान अग्रिम पंक्ति में डटे कर्मचारियों को सबसे पहले टीकाकरण का निर्णय लिया था। इसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के बाद नगर निगम व पुलिसकर्मियों का टीकाकरण होना था। नगर निगम ने अपने कर्मचारियों का डाटा तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया था। इसके बाद 3 फरवरी से जीएमएसएच-16 में टीकाकरण चल रहा है। रोजाना लगभग 50 कर्मचारियों को मोबाइल पर संदेश भेजने के साथ याद भी दिलाया जा रहा है, लेकिन कर्मचारी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
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एक महीने पहले स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना काल के दौरान अग्रिम पंक्ति में डटे कर्मचारियों को सबसे पहले टीकाकरण का निर्णय लिया था। इसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के बाद नगर निगम व पुलिसकर्मियों का टीकाकरण होना था। नगर निगम ने अपने कर्मचारियों का डाटा तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया था। इसके बाद 3 फरवरी से जीएमएसएच-16 में टीकाकरण चल रहा है। रोजाना लगभग 50 कर्मचारियों को मोबाइल पर संदेश भेजने के साथ याद भी दिलाया जा रहा है, लेकिन कर्मचारी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
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रोग प्रतिरोधक क्षमता वैसे ही बढ़ गई, टीके की क्या जरूरत
संदेश प्राप्त करने वाले कुछ कर्मचारियों का कहना है कि महामारी के दौरान नगर निगम के पास बड़ी जिम्मेदारी थी। संक्रमित मरीजों को क्वारंटीन करने से लेकर उनके घर तक सामान पहुंचाना, गंदगी साफ करना सब निगम के जिम्मे था। इस दौरान संक्रमित हुए नहीं। हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता वैसे ही बढ़ गई। अब टीका लगवाने की क्या जरूरत है।
बीमारी के डर से नहीं जा रहे लोग
जानकारी के अनुसार कुछ कर्मचारियों को अन्य बीमारियां भी हैं। इससे उन्हें डर लगता है कि कहीं वैक्सीन का असर गलत न होने लगे। इससे बेहतर है कि वैक्सीन ही न लगवाई जाए। ज्यादातर कर्मचारियों को हाइपरटेंशन व शुगर की बीमारियां है। वह कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं।
संदेश प्राप्त करने वाले कुछ कर्मचारियों का कहना है कि महामारी के दौरान नगर निगम के पास बड़ी जिम्मेदारी थी। संक्रमित मरीजों को क्वारंटीन करने से लेकर उनके घर तक सामान पहुंचाना, गंदगी साफ करना सब निगम के जिम्मे था। इस दौरान संक्रमित हुए नहीं। हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता वैसे ही बढ़ गई। अब टीका लगवाने की क्या जरूरत है।
बीमारी के डर से नहीं जा रहे लोग
जानकारी के अनुसार कुछ कर्मचारियों को अन्य बीमारियां भी हैं। इससे उन्हें डर लगता है कि कहीं वैक्सीन का असर गलत न होने लगे। इससे बेहतर है कि वैक्सीन ही न लगवाई जाए। ज्यादातर कर्मचारियों को हाइपरटेंशन व शुगर की बीमारियां है। वह कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं।
आयुक्त सहित चार अधिकारियों ने लगवाया है टीका
टीकाकरण के पहले दिन निगम आयुक्त केके यादव, अतिरिक्त आयुक्त एसके जैन, संयुक्त आयुक्त सौरभ अरोड़ा और चीफ इंजीनियर शैलेन्द्र सिंह ने टीका लगवाया था। इसके अलावा दो एक्सईएन ने भी टीका लगवाया था, जिसमें से एक एक्सईएन अगले ही दिन कोरोना संक्रमित हो गए थे।
8500 कर्मचारियों को लगना है टीका
नगर निगम के 8500 कर्मचारियों का टीकाकरण होना है। हालांकि, इसमें घर-घर से कचरा उठाने वाले कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया है। क्योंकि सूची भेजने तक उनका नाम नहीं आ पाया था। पहले दिन तो कर्मचारियों का रुझान अच्छा रहा, उसके बाद से संख्या कम होने लगी। अब निगम आयुक्त केके यादव की अपील पर स्वास्थ्य विभाग निगम के कर्मचारियों को जागरूक करेगा। पहले सेक्टर-23 के सामुदायिक केंद्र में निगम के इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों को जागरूक किया जाएगा। इसी तरह अलग-अलग विभागों को जागरूक किया जाएगा।
टीकाकरण के पहले दिन निगम आयुक्त केके यादव, अतिरिक्त आयुक्त एसके जैन, संयुक्त आयुक्त सौरभ अरोड़ा और चीफ इंजीनियर शैलेन्द्र सिंह ने टीका लगवाया था। इसके अलावा दो एक्सईएन ने भी टीका लगवाया था, जिसमें से एक एक्सईएन अगले ही दिन कोरोना संक्रमित हो गए थे।
8500 कर्मचारियों को लगना है टीका
नगर निगम के 8500 कर्मचारियों का टीकाकरण होना है। हालांकि, इसमें घर-घर से कचरा उठाने वाले कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया है। क्योंकि सूची भेजने तक उनका नाम नहीं आ पाया था। पहले दिन तो कर्मचारियों का रुझान अच्छा रहा, उसके बाद से संख्या कम होने लगी। अब निगम आयुक्त केके यादव की अपील पर स्वास्थ्य विभाग निगम के कर्मचारियों को जागरूक करेगा। पहले सेक्टर-23 के सामुदायिक केंद्र में निगम के इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों को जागरूक किया जाएगा। इसी तरह अलग-अलग विभागों को जागरूक किया जाएगा।
अपेक्षा के अनुरूप टीकाकरण के लिए कर्मचारी कम संख्या में आ रहे हैं। कर्मचारियों को जागरूक करने के लिए हम विभागवार शिविर लगाएंगे ताकि कर्मचारियों को टीकाकरण के फायदे बता सकें। -डॉ. अमनदीप कंग, स्वास्थ्य निदेशक