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नौतपा आज से: और तपेगा पंजाब, प्रचंड गर्मी से जलालाबाद में युवक की मौत, 10 जिलों में रेड अलर्ट जारी

Sat, 25 May 2024 07:41 AM IST
निवेदिता वर्मा अमर उजाला/संवाद, पटियाला/फिरोजपुर (पंजाब)
अमर उजाला/संवाद, पटियाला/फिरोजपुर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 25 May 2024 07:41 AM IST
सार

पंजाब में गर्मी कहर ढा रही है। वहीं मौसम विभाग ने आने वाले चार दिन के लिए पंजाब के 10 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। इस कारण अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला व मानसा में बेहद गर्म हवाएं चलेंगीं।

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One died in Jalalabad due to extreme heat in Punjab, red alert issued
पंजाब में भीषण गर्मी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रचंड गर्मी से देश के ज्यादातर हिस्सों को कोई राहत मिलती नहीं दिख रही। दिन हो या रात गर्मी से लोगों के पसीने छूट रहे हैं। पंजाब में सबसे गर्म बठिंडा रहा। यहां का अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से 2.6 डिग्री ऊपर बना हुआ है। 
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वहीं, जलालाबाद में गर्मी के कारण गश खाकर गिरे युवक की मौत हो गई है। युवक की पहचान पवन कुमार के रूप में हुई है। जानकारों की मानें तो शनिवार से शुरू हो रहे नौतपा के कारण गर्मी के तेवर और तीखे हो सकते हैं।
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पंजाब का न्यूनतम तापमान अब भी सामान्य से 5.9 डिग्री ऊपर है। लुधियाना का न्यूनतम तापमान 30.3 डिग्री दर्ज किया गया है। प्रदेश के अन्य शहरों की बात करें तो अमृतसर में अधिकतम पारा 42.4 डिग्री, लुधियाना में 41.6 डिग्री, पटियाला में 41.6 डिग्री, पठानकोट में 41.5, फरीदकोट में 42.5 डिग्री दर्ज किया गया।
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यह होता है नौतपा
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 25 मई से सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश कर रहा है, जिसके साथ नौतपा शुरू होगा। इस दौरान तापमान में बढ़ोतरी होती है। नौतपा के दौरान अगर बारिश न आए तो अच्छे मानसून के शुभ संकेत होते हैं। अगर नौतपा के दौरान बारिश आ जाए तो नौतपा खंडित हो जाता है तो उसे मानसून के लिए अशुभ संकेत माना जाता है। 


डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार नौतपा के भौगोलिक और वैज्ञानिक मत पर नजर डालें तो इस दौरान पृथ्वी और सूर्य की दूरी कम होने से सूर्य की किरणें सीधे रूप में पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिस कारण इस अवधि में तापमान और सूर्य की तपिश सबसे ज्यादा होती है। जब गर्मी अधिक होती है तो मैदानी क्षेत्रों पर निम्न दबाव का क्षेत्र बनने लगता है। यही क्षेत्र समुद्र की लहरों को आकर्षित करता है, जिसके असर से ठंडी हवाएं मैदानों की ओर बढ़ती हैं। चूंकि समुद्र को उच्च दबाव वाला क्षेत्र माना जाता है इसलिए हवाओं के रुख से अच्छी बारिश का अंदाजा लगाया जाता है।
 
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