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PGI में अजब खेल, नियुक्तियों पर उठे सवाल

Fri, 24 Apr 2015 02:26 PM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 24 Apr 2015 02:26 PM IST
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objection on appointment in chandigarh pgi

पीजीआई के डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. विपिन कौशल की नियुक्ति सवालों के घेरे में है। ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक नियमों को दरकिनार कर उनकी नियुक्ति हुई है।

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इसी साल 18 फरवरी को ऑडिटर ने पीजीआई से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे थे, जो अब तक नहीं दिए गए हैं। ऑडिट ने एक अन्य डीएमएस डा. आरके शर्मा की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए हैं।
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हालांकि उनकी मौत हो चुकी है। ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक कौशल पद के लिए अनिवार्य योग्यताएं भी पूरी नहीं करते थे। इसके बावजूद नौकरी उन्हें मिली, जो योग्यताएं पूरी करता था उसे वेटिंग में रखा गया।
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डीएमएस की पोस्ट के लिए बोर्ड डिसीप्लिन इन मेडिकल साइंस की डिग्री और एक्सपीरियंस का होना जरूरी था, लेकिन डा. विपिन कौशल के पास न तो इसकी योग्यता है और न ही इसका कोई अनुभव।

उनके पास सिर्फ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन की मास्टर डिग्री है। इसके बावजूद उन्हें नियुक्त कर दिया। यह नियुक्ति साल 1999 में हुई थी। साल 2007 में किसी ने गुपचुप शिकायत कर दी और उसके बाद विजिलेंस जांच भी हुई।

विजिलेंस ने भी पकड़ी थी गड़बड़ी

objection on appointment in chandigarh pgi

ऑ‌डिट रिपोर्ट के मुताबिक गड़बड़ी सामने आने के बाद इस मामले में विजिलेंस इंक्वायरी मार्क कर दी गई। विजिलेंस ने भी अपनी जांच में पाया था कि डा. विपिन कौशल और डा. आरके शर्मा की नियुक्ति नियमों को दरकिनार करके हुई है।

हालांकि जांच रिपोर्ट को बाद में इस आधार पर ड्रॉप कर दिया गया कि दोनों ही डाक्टर को योग्यताओं की छूट तत्कालीन डायरेक्टर ने दी थी। हालांकि नियुक्ति के दौरान की गई कार्यवाही में इस छूट का कोई जिक्र नहीं किया गया है। इस बारे में पीजीआई मैनेजमेंट से जवाब मांगा गया।

पीजीआई मैनेजमेंट ने दिया अजीब तर्क

28 जनवरी 2015 को ऑ‌डिट को दिए गए जवाब में पीजीआई की ओर से कहा गया कि डाक्टर को योग्यताओं में दी गई छूट का जिक्र सेलेक्शन कमेटी और गवर्निंग बाडी की मीटिंग में किया गया था। लेकिन इन मीटिंग के मिनिट्स में इन बातों को रिकार्ड नहीं किया जा सका। यह एडमिनिस्ट्रेटिव स्तर पर गलती हुई है। हालांकि इस तर्क को आडिट ने सिरे से खारिज कर दिया है।

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