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Nuh Violence : नूंह में तनाव बरकरार...धार्मिक स्थल पर फिर किया गया हमला, अब तक 176 आरोपी गिरफ्तार, 93 FIR

Fri, 04 Aug 2023 06:28 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नूंह/गुरुग्राम/चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, नूंह/गुरुग्राम/चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 04 Aug 2023 06:28 AM IST
सार

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचीं दमकल की पांच गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। बुधवार रात करीब 11:30 बजे हुई दोनों ही घटनाओं में जान का कोई नुकसान नहीं हुआ है। कल हिंसा से जुड़े छह अलग-अलग मामलों में कुल 23 लोगों को अदालत में पेश किया गया और पुलिस को घटनाओं के मुताबिक रिमांड दी गई। 

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Nuh Violence: Tension continues in Nuh...Religious place attacked again
नूंह के खलीलपुर गांव में हिंसक झड़प के बाद तनाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शोभायात्रा के दौरान हुई हिंसा के बाद दो दिनों से शांत रहे नूंह में फिर एक धार्मिक स्थल को आग लगाने की घटना सामने आई है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचीं दमकल की पांच गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। बुधवार रात करीब 11:30 बजे हुई दोनों ही घटनाओं में जान का कोई नुकसान नहीं हुआ है। कल हिंसा से जुड़े छह अलग-अलग मामलों में कुल 23 लोगों को अदालत में पेश किया गया और पुलिस को घटनाओं के मुताबिक रिमांड दी गई। 

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नूंह एसपी वरुण सिंगला ने बताया कि विजय चौक और पुलिस थाने के पास स्थित धार्मिक स्थल में कुछ नुकसान हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया। सीसीटीवी फुटेज की मदद से आग लगाने वालों की पहचान की जा रही है। इस बीच, नूंह की आंच पानीपत पहुंच गई। बृहस्पतिवार देर रात यहां के धमीजा कॉलोनी में कुछ लोगों ने कारों में तोड़फोड़ की और धार्मिक नारे लगाए।
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उधर, प्रशासन ने नूंह में बृहस्पतिवार को कर्फ्यू में तीन घंटे की ढील दी। हरियाणा के अपर मुख्य सचिव (गृह) टीवीएसएन प्रसाद ने बताया कि हिंसा में अब तक 176 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक 93 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें नूंह में 46, गुरुग्राम में 23, फरीदाबाद में तीन, रेवाड़ी में तीन और पलवल में 18 हैं।
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घर से अदा की जाएगी जुमे की नमाज
सांप्रदायिक माहौल सुधारने के लिए मुस्लिम समुदाय ने शुक्रवार को गुरुग्राम में जुमे की नमाज घर से अदा करने का एलान किया। जमीयत उलमा के अध्यक्ष मुफ्ती सलीम कासमी ने वीडियो संदेश से लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर नमाज के लिए इकट्ठा होने से परहेज करने को कहा। वहीं, नूंह में उलमाओं ने आश्वासन दिया कि सार्वजनिक स्थल पर नमाज नहीं अदा की जाएगी।

जलाभिषेक हिंसा में सात घंटे तक मौत के साये में रहे सैकड़ों लोग
नूंह में जलाभिषेक यात्रा से लौटे घायल सैनिक काॅलोनी निवासी अशोक कुमार पंवार तीन दिन बाद भी सदमे से नहीं उबर सके हैं। फरीदाबाद से सैकड़ों महिलाएं और पुरुष कार्यक्रम में शामिल हुए और घंटों फंसे रहे। उनके साथ करीब 15-20 लोग छह-सात घंटे तक मौत के साये में नूंह के पास एक श्रीराम मंदिर में रहे। अशोक ने बताया कि उपद्रवी वाहनों से ऐसे पत्थर फेंक रहे थे, जैसे ओले पड़ रहे हों। करीब दस किलोमीटर के एरिया में उपद्रवी पत्थर और हथियारों से लैस थे। पवार ने बताया कि नल्हड़ महादेव मंदिर काफी प्रसिद्ध है और वह तीन साल से जलाभिषेक करने जाते रहे हैं। हर बार पुलिस सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं था। उनके साथ पांच अन्य लोग पहली बार जलाभिषेक यात्रा में शामिल होने वाले आए थे।

नूंह में प्रवेश के समय से ही हो रही थी रेकी-
अशोक ने बताया कि उनके साथ कुछ कारें और बस थी। जैसे ही सोहना से आगे बढ़े तो देखा कि 500-500 मीटर की दूरी पर पत्थर रखे हुए हैं। उन्होंने बताया कि ऐसा लगा कि वाहन खराब होने से आधा डंपर पत्थर उतारा गया होगा, यह सोचकर हम लोगों ने ध्यान नहीं दिया। इस दौरान करीब पांच-छह बाइक सवारों ने वाहनों का पीछा किया। वे वीडियो बना रहे थे। लोगों ने इस बात पर भी ध्यान नहीं दिया और सोमवार दोपहर करीब 12 बजे मंदिर पहुंचे। हिंसा होने के बाद पूरी बात समझ में आने लगी।

अचानक पथराव होने से मची भगदड़
अशोक ने बताया कि मंदिर से दर्शन करने के बाद करीब एक बजे वह लोग वापस फरीदाबाद लौटने लगे। वाहन के साथ एक डीजी और 10-15 बाइकें आगे चल रही थी और पीछे बस थी। दर्शन करने के बाद मंदिर से करीब एक किलोमीटर चले थे कि अचानक दोनों ओर से युवक पत्थर फेंकने लगे। इससे टीम में भगदड़ मच गई। बाइक सवार तो तुरंत भागने में सफल रहे, लेकिन कार को यूटर्न लेकर भागने में देर लगी। इस दौरान एक पत्थर कार पर पड़ा और शीशा तोड़कर उनके कान पर लगा। ऐसा लगा कि अब जान नहीं बचने वाली है। दोनों ओर से लगातार पत्थरबाजी हो रही थी। ऐसे लगा रहा था कि जैसे ओले गिर रहे हो। जिसे, जिधर मौका मिला, वाहन लेकर भागने लगा।

श्रीराम मंदिर में बची जान
अशोक समेत अन्य वाहन लेकर भागने लगे। उपद्रवियों ने उनका पीछा किया। करीब एक-दो किलोमीटर जाने पर 10-15 युवक मिले। उन्होंने कहा कि आगे भी खतरा है और हम हिंदू है। पहले उन लोगों पर विश्वास नहीं हो रहा था। हालांकि, उनसे बातचीत के बाद गांव के श्रीराम मंदिर पहुंचे और रात नौ बजे तक पुलिस के आने का इंतजार करते रहे। इस दौरान करीब 15-20 लोग छह-सात घंटे तक मौत के साये में रहे। इसी बीच उपद्रवियों ने गांव में भी हमला कर दिना। उन्हें गांव के युवकों ने खदेड़ दिया। आरोपी एक दुकान लूटने आए थे। दूसरी ओर सैकड़ों लोग नल्हड मंदिर में फंसे रहे। लोग मोबाइल से एक दूसरे का हाल जानने में लगे रहे। अन्य लोगों ने बताया कि तीन दिन बाद भी लोग इस खौफ से उबर नहीं पाए हैं।

अर्धसैनिक बल के साथ निकाला पैदल मार्च
डीसीपी एनआईटी नरेंद्र कादयान ने बृहस्पतिवार को अर्धसैनिक बलों के साथ एनआईटी क्षेत्र में पैदल मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने और भाईचारे की भावना को बढ़ाने का संदेश दिया। डीसीपी मार्केट में लोगों से मिले और दुकानदारों से भी बातचीत की।

पैदल मार्च का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच तालमेल बिठाकर समाज में भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना रहा। इसके साथ ही आपराधिक किस्म के लोगों के मन में पुलिस का खौफ पैदा होगा। मार्च के दौरान डीसीपी ने लोगों को शांति व्यवस्था कायम रखने और भाईचारे की भावना बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज में लोग पुलिस का सहयोग करके शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहायता कर सकते हैं। पुलिस से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना तुरंत 112 पर दें ताकि पुलिस समय पर कार्रवाई कर सके।

जुमे की नमाज के मद्देनजर पुलिस अलर्ट
नूंह प्रकरण के बाद शुक्रवार को शहर की मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की जाएगी। ऐसे में पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है और लगातार गश्त करके असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा ने सभी डीसीपी, एसीपी, थाना व चौकी प्रभारियों को धार्मिक स्थलों के बाहर विशेष ड्यूटी लगाकर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

उधर, बृहस्पतिवार को विशेष समुदाय की बैठक आयोजित की गई। इसमें सीमित संख्या में नमाज अदा करने का निर्णय लिया गया। बल्लभगढ़ के ऊंचा गांव स्थित धार्मिक स्थल के मौलवी जमालुद्दीन ने समाज के लोगों से अपील की कि दूरदराज से आने वाले लोग अपने आसपास की मस्जिदों में ही नमाज अदा करें। समाज में भाईचारे के लिए दुआ करें, हिंसा से बिल्कुल दूर रहें। पुलिस और प्रशासन का सहयोग करें।


पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि लोगों को अपनी सुरक्षा को लेकर ज्यादा एहतियात बरतने की जरूरत है क्योंकि हाल ही के प्रकरणों को देखते हुए शहर में धारा 144 लागू है। असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखी जा रही है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि कुछ उपद्रवी लोग समाज का माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं लेकिन पुलिस उपद्रवियों पर नकेल कसने में पूरी तरह सक्षम है। सभी थानों के प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उनके एरिया में स्थित धार्मिक स्थलों पर लगातार पुलिस पेट्रोलिंग की जाए और किसी भी प्रकार की घटना को अंजाम देने वाले लोगों पर कड़ी निगरानी रखी जाए।

 

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