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Chandigarh News: अब प्रेस लाइट प्वाइंट पर देखिए जीनैट विमान

Sat, 07 Jan 2023 09:00 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 07 Jan 2023 09:00 AM IST
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Now see Zeenat aircraft on Press Light Point
चंडीगढ़। सेक्टर-18 स्थित गवर्नमेंट प्रेस बिल्डिंग में बन रहे वायु सेना के विरासत केंद्र का काम लगभग पूरा हो चुका है। वायु सेना ने प्रेस लाइट प्वाइंट के एक तरफ जीनैट विमान स्थापित किया जा रहा है। 31 जनवरी को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वायु सेना के इस केंद्र का उद्घाटन करेंगे।
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प्रेस लाइट प्वाइंट पर जो विमान लोग देख रहे हैं, वे फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों को समर्पित हैं। सेखों भारतीय वायु सेना के अधिकारी थे, जो भारत-पाकिस्तान युद्ध 1971 के दौरान पाकिस्तानी वायु सेना के हवाई हमले के खिलाफ श्रीनगर एयरबेस के बचाव में शहीद हो गए थे। उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। पहले ये विमान लाइट प्वाइंट के बीच में लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन प्रशासन की तरफ से कहा गया कि अगर बीच में एयरक्राफ्ट लगेगा तो इससे लोगों को परेशानी हो सकती है। इसलिए फैसला हुआ कि एयरक्राफ्ट को लाइट प्वाइंट के एक तरफ लगाया जाएगा और उसका सौंदर्यीकरण किया जाएगा, ताकि लोगों को पता लग सके कि पास में वायु सेना का विरासत केंद्र है। बता दें कि प्रेस बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर 15600 स्क्वॉयर फुट में ये हेरिटेज सेंटर बन रहा है। एमओयू के अनुसार हेरिटेज सेंटर के रखरखाव का काम प्रशासन देखेगा, जबकि यहां पर सभी तरह का सामान, हथियार व अन्य औजार वायु सेना उपलब्ध कराएगा।
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केंद्र में मिग-21, मिग-23, एचपीटी-32, एयरफोर्स कानपुर-1 को देख सकेंगे लोग
विरासत केंद्र में मिग-21 फाइटर, मिग-23, एचपीटी-32 (प्राइमरी ट्रेनर एयरक्राफ्ट), एयरफोर्स कानपुर-1 एयरक्राफ्ट, जीनैट आदि मौजूद होंगे। कानपुर-1 विमान को वर्ष 1967 में एवीएम हरजिंदर सिंह की ओर से पेक को उपहार में दिया गया था। नवंबर 2022 में पेक ने इसे वायु सेना को वापस सौंप दिया, जिसके बाद इसे अब विरासत केंद्र में रखा जाएगा। इस विमान को 1958 में दिवंगत एयर वाइस मार्शल हरजिंदर सिंह वीएसएम-1 ने डिजाइन किया था। इस सिंगल-इंजन दुर्लभ मशीन को अब लोग भी देख सकेंगे। इसके अलावा केंद्र में एयरो इंजन, कियोस्क और अन्य वायु सेना आर्टिफैक्ट्स जिसमें मशीन/फिक्स्चर इत्यादि, वायु सेना की उपलब्धियों और व्यक्तित्वों पर वीडियो, फिल्म सहित पर्याप्त प्रचार सामग्री देख सकेंगे। बता दें कि 27 अगस्त 2021 को पूर्व प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की उपस्थिति में चंडीगढ़ प्रशासन और वायु सेना के बीच इस विरासत केंद्र को बनाने के लिए सहमति बनी थी और तीन जून 2022 को समझौता हुआ था।
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