अब चीन की तरफ से माउंट एवरेस्ट फतेह करेगी 'बेटी'
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हिसार की बेटी अनीता कुंडू के इरादे अब भी बुलंद है। यही दिखाने के लिए अनीता अब एवरेस्ट की चोटी को फिर से फतेह करने के लिए निकल पड़ी हैं। मगर अनीता इस बार एवरेस्ट पर चीन की तरफ से चढ़ेंगी।
इससे पहले अनीता ने जब 2013 में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतेह किया था, उस समय उन्होंने तिब्बत की तरफ से चढ़ाई की थी। अगर अनीता इस दफा भी चोटी फतेह करने में सफल हो जातीं हैं, तो उनके नाम एक और खिताब जुड़ जाएगा। अनीता देश की पहली पर्वतारोही बन जाएंगी, जिसने दोनों तरफ से एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की।
अनीता के मुताबिक इस तरफ से चढ़ाई करने पर बेस कैंप ही 21 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जबकि तिब्बत की तरफ वाला बेस कैंप 17 हजार फीट पर स्थित है। अनीता का कहना है कि इस तरफ से चढ़ाई करने पर पर्वतारोही को सबसे ज्यादा परेशानी तेज चलने वाली हवाओं से होती हैं। तिब्बत वाली साइट की अपेक्षा इस साइड पर हवाओं की गति कुछ ज्यादा है।
वह शुक्रवार को काडमांडू से बेस कैंप से निकलेंगी। बेस कैंप जाकर वह साफ मौसम के लिए इंतजार करेगी। जब उन्हें यह कंफर्म हो जाएगा कि अगले चार पांच दिन तक मौसम साफ रहेगा, तो चढ़ाई शुरू की जाएगी। मगर इस साफ मौसम के लिए उसे 20 दिन तक भी इंतजार करना पड़ सकता है। वह 10 मई से पहले पहले ही साफ मौसम का इंतजार कर सकते हैं। क्योंकि इसके बाद एवरेस्ट पर चढ़ाई नहीं की जाती। बेस कैंप में रहकर खुद को फिट रख पाना भी एक पर्वतारोही के लिए एक चुनौती होती है।
नहीं मिली आर्थिक मदद
अनीता ने बताया कि उसे अपने विभाग की तरफ से सिर्फ अनुमति मिली, लेकिन कोई आर्थिक मदद नहीं मिली। वह इसे लेकर सीएम से भी मिलीं थीं। उन्होंने उसे मदद का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिली।
उसे विश्वास है कि प्रदेश सरकार उसकी मदद अवश्य करेगी। इस चढ़ाई पर उसका 20 लाख रुपये से ज्यादा का खर्च आएगा। अनीता कुंडू मूल रूप से हिसार के गांव फरीदपुर की रहने वाली है। उसने 18 मई 2013 को एवरेस्ट फतेह किया था। फिलहाल वह पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का बैनर फहराएंगी
अनीता का कहना है कि इस चढ़ाई से वह पूरे देश व दुनिया को बताना चाहती है कि महिला कमजोर नहीं है और वह कोई भी काम कर सकतीं हैं। इस दौरान वह अपने बेटी बचाओ व बेटी पढ़ाओ का बैनर भी लेकर जा रही है, जिसे वह एवरेस्ट की चोटी पर लहराएगी। अनीता के मुताबिक अगर वह चोटी फतेह करने में सफल हो जाती है, तो वह सभी देशों की सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ना चाहती हैं।