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रेसलिंग टूर्नामेंटः वीजा देने से एंबेसी का इंकार, तो बिना चीफ कोच के अमेरिका गईं आठ महिला पहलवान
Mon, 01 Apr 2019 12:58 PM IST
खुशबू गोयल
अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 01 Apr 2019 12:58 PM IST
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भारतीय महिला कुश्ती के चीफ कोच व दो पहलवानों को अमेरिका का वीजा नहीं मिला। इस वजह से आठ पहलवानों को चीफ कोच के बिना वहां खेलने के लिए जाना पड़ा। चीफ कोच व दो पहलवान मंगोलिया में अंडर 23 एशियन चैंपियनशिप में गए हुए थे, जहां से वापस लौटने के बाद अमेरिकन एंबेसी ने कम समय होने की बात कहते हुए वीजा देने से इंकार कर दिया।
इसके बाद यूएसए में 31 मार्च को हुए टूर्नामेंट के लिए साक्षी, विनेश, पूजा समेत आठ पहलवान ही जा सकीं और उनके साथ यूएसए से बुलाए गए अस्थाई कोच को भेजा गया। इसका बड़ा असर पहलवानों के तकनीकी खेल पर पड़ेगा, क्योंकि वहां चीफ कोच के जाने से पहलवानों की कमियों को देखकर एशियन चैंपियनशिप से पहले दूर किया जा सकता था, जो अब नहीं हो सकेगा।
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इसके बाद यूएसए में 31 मार्च को हुए टूर्नामेंट के लिए साक्षी, विनेश, पूजा समेत आठ पहलवान ही जा सकीं और उनके साथ यूएसए से बुलाए गए अस्थाई कोच को भेजा गया। इसका बड़ा असर पहलवानों के तकनीकी खेल पर पड़ेगा, क्योंकि वहां चीफ कोच के जाने से पहलवानों की कमियों को देखकर एशियन चैंपियनशिप से पहले दूर किया जा सकता था, जो अब नहीं हो सकेगा।
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समय कम होने की वजह से नहीं मिला वीजा
चीन में 23 अप्रैल से एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप होनी है, जिससे पहले सभी पहलवानों को 31 मार्च को अमेरिका में यूएसए बीट स्ट्रीट रेसलिंग टूर्नामेंट खेलना था। इसके लिए चीफ कोच कुलदीप मलिक के साथ सभी महिला पहलवानों ने वीजा के लिए आवेदन किया। इस बीच 21-24 मार्च तक मंगोलिया में अंडर 23 एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप आ गई। जिसमें चीफ कोच कुलदीप को दिव्या काकरान व रीना के साथ जाना पड़ा।
क्योंकि यह दोनों 23 साल से कम उम्र की होने के कारण सीनियर के साथ अंडर-23 में भी खेलती हैं। दूसरी ओर, यूएसए वीजा के लिए इनको 23 मार्च को बुलाया गया, लेकिन उस समय इन तीनों के मंगोलिया में होने के कारण वह पहुंच नहीं सके। वहां से 25 मार्च को आते ही वीजा के लिए बुलाए जाने की तारीख देने का आवेदन किया, लेकिन अमेरिका एंबेसी ने कम समय होने की बात कहते हुए वीजा देने से इंकार कर दिया।
मजबूरी में यूएसए से कुछ समय के लिए बुलाए गए अस्थाई कोच एंडी कुक के साथ आठ पहलवानों को टूर्नामेंट में भेजना पड़ा। इसका सबसे बड़ा नुकसान यह होगा कि एशियन चैंपियनशिप से पहले विदेशी पहलवानों संग भिड़ते समय कोई गलती पहलवान करती तो उस गलती में चीफ कोच बाद में सुधार करा सकते थे। इसके अलावा यूएसए के पहलवानों की नई तकनीक भी भारतीय पहलवानों को बता सकते थे जो अब नहीं हो सकेगा।
क्योंकि यह दोनों 23 साल से कम उम्र की होने के कारण सीनियर के साथ अंडर-23 में भी खेलती हैं। दूसरी ओर, यूएसए वीजा के लिए इनको 23 मार्च को बुलाया गया, लेकिन उस समय इन तीनों के मंगोलिया में होने के कारण वह पहुंच नहीं सके। वहां से 25 मार्च को आते ही वीजा के लिए बुलाए जाने की तारीख देने का आवेदन किया, लेकिन अमेरिका एंबेसी ने कम समय होने की बात कहते हुए वीजा देने से इंकार कर दिया।
मजबूरी में यूएसए से कुछ समय के लिए बुलाए गए अस्थाई कोच एंडी कुक के साथ आठ पहलवानों को टूर्नामेंट में भेजना पड़ा। इसका सबसे बड़ा नुकसान यह होगा कि एशियन चैंपियनशिप से पहले विदेशी पहलवानों संग भिड़ते समय कोई गलती पहलवान करती तो उस गलती में चीफ कोच बाद में सुधार करा सकते थे। इसके अलावा यूएसए के पहलवानों की नई तकनीक भी भारतीय पहलवानों को बता सकते थे जो अब नहीं हो सकेगा।