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नो टोबैको डे: तंबाकू-स्मोकिंग पर सख्ती, कैंसर में गिरावट नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Tue, 31 May 2016 10:22 AM IST
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- फोटो : getty images
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स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि चंडीगढ़ में स्मोकिंग, तंबाकू के सेवन और बिक्री पर सख्ती बरती जा रही है। सेवन करने में कमी भी आई है, लेकिन इससे होने वाले कैंसर में कोई गिरावट नहीं देखी गई है। पीजीआई व टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई की ओर से जनसंख्या आधारित कैंसर पंजीकरण की रिपोर्ट बताती है कि चंडीगढ़ में लंग्स कैंसर का प्रेवलेंस सबसे ज्यादा है। लंग्स कैंसर के मामले में दिल्ली के बाद चंडीगढ़ का नंबर आता है। तंबाकू चबाने से मुंह का कैंसर होता है।
रिपोर्ट के मुताबिक चंडीगढ़ में लंग्स कैंसर 12.4, प्रोस्टेट कैंसर 8.8 और मुंह के कैंसर का रेट 4.3 है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दिल्ली के बाद चंडीगढ़ में लंग्स कैंसर का प्रेवलेंस रेट अधिक है। दिल्ली में 13.9 है, जबकि चंडीगढ़ का प्रीवलेंस रेट 12.4 है।
पीजीआई के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के प्रोफेसर जीएस ठाकुर का कहना है कि लंग्स कैंसर के इन्वायरमेंट फैक्टर भी हो सकते हैं, लेकिन लगातार स्मोकिंग करने से लंग्स कैंसर के पूरे चांस होते हैं। हालांकि एक स्टडी यह भी की जा रही है कि स्मोकिंग फ्री सिटी में कैंसर का क्या रेट है। यह स्टडी जल्द ही प्रकाशित होगी। ऐसी कोई स्टडी नहीं है, जिसमें बताया गया हो कि चंडीगढ़ में स्मोकिंग ट्रेंड में कमी आई हो।
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टोबैको ऐप या वाट्सअप नंबर पर शिकायत करें
यूटी टोबैको कंट्रोल सेल के इंचार्ज डा. दीपक बख्शी के मुताबिक पब्लिक प्लेस में स्मोकिंग, नाबालिग को तंबाकू बेचते या फिर स्कूल-कॉलेज के 100 मीटर के दायरे के भीतर तंबाकू या सिगरेट बेचता मिलता है तो उसकी शिकायत प्रशासन के टोबैको एप पर कर सकते हैं या फिर वाट्सअप नंबर 837318503 पर शिकायत भेज सकते हैं। गूगल प्ले पर टोबैको ऐप बिल्कुल मुफ्त है। इसे आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है।
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रिपोर्ट के मुताबिक चंडीगढ़ में लंग्स कैंसर 12.4, प्रोस्टेट कैंसर 8.8 और मुंह के कैंसर का रेट 4.3 है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दिल्ली के बाद चंडीगढ़ में लंग्स कैंसर का प्रेवलेंस रेट अधिक है। दिल्ली में 13.9 है, जबकि चंडीगढ़ का प्रीवलेंस रेट 12.4 है।
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पीजीआई के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के प्रोफेसर जीएस ठाकुर का कहना है कि लंग्स कैंसर के इन्वायरमेंट फैक्टर भी हो सकते हैं, लेकिन लगातार स्मोकिंग करने से लंग्स कैंसर के पूरे चांस होते हैं। हालांकि एक स्टडी यह भी की जा रही है कि स्मोकिंग फ्री सिटी में कैंसर का क्या रेट है। यह स्टडी जल्द ही प्रकाशित होगी। ऐसी कोई स्टडी नहीं है, जिसमें बताया गया हो कि चंडीगढ़ में स्मोकिंग ट्रेंड में कमी आई हो।
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टोबैको ऐप या वाट्सअप नंबर पर शिकायत करें
यूटी टोबैको कंट्रोल सेल के इंचार्ज डा. दीपक बख्शी के मुताबिक पब्लिक प्लेस में स्मोकिंग, नाबालिग को तंबाकू बेचते या फिर स्कूल-कॉलेज के 100 मीटर के दायरे के भीतर तंबाकू या सिगरेट बेचता मिलता है तो उसकी शिकायत प्रशासन के टोबैको एप पर कर सकते हैं या फिर वाट्सअप नंबर 837318503 पर शिकायत भेज सकते हैं। गूगल प्ले पर टोबैको ऐप बिल्कुल मुफ्त है। इसे आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है।
दो लाख से ज्यादा जुर्माने की राशि वसूली जाती है
'सिगरेट और बीड़ी के पैकेटों पर 85 फीसदी जरूरी'
- फोटो : PTI
चंडीगढ़ का टोबैको कंट्रोल सेल स्मोकिंग पर काफी सख्त है। उल्लंघन पर सिर्फ 200 रुपये का चालान काटा जाता है। इस हिसाब से पूरे साल में दो लाख रुपये से ज्यादा जुर्माने की राशि इकट्ठा की जाती है। कुछ माह पहले चंडीगढ़ सेक्टर-16 क्रिकेट स्टेडियम में आए फिल्मी स्टारों ने पब्लिक प्लेस पर धुएं के छल्ले उड़ाए थे। इसकी सूचना जैसे ही सेल को मिली, उन्होंने तुरंत स्टारों के चालान काट दिए गए थे।
इसलिए पड़ती है लत
तंबाकू में कई केमिकल होते हैं। इसमें निकोटिन नामक पदार्थ भी होता है, जो इंसान के नर्वस सिस्टम पर प्रभाव डालता है। जब व्यक्ति तनाव में होता है तो इसका सेवन करता है, इससे उसे थोड़ी देर में फील गुड का अनुभव होता है। इसके बाद व्यक्ति में लत पड़ जाती है और वह बार-बार इसका सेवन करने लगता है।
तंबाकू के नुकसान
पीजीआई से जुड़े कैंसर और यूरोलॉजी विशेषज्ञ बताते हैं कि तंबाकू चबाने और स्मोकिंग करने से कई प्रकार की बीमारियां होने के खतरे होते हैं। तंबाकू चबाने से मुंह का कैंसर और दांतों को नुकसान पहुंचता है। स्मोकिंग से ब्रेन स्ट्रोक ,लंग्स कैंसर, बांझपन, अस्थमा और सांस की बीमारी होने की संभावना रहती है। इसके अलावा जो लोग स्मोकिंग नहीं करते और स्मोकिंग करने वाले के साथ खड़े रहते हैं तो वह भी उसकी चपेट में आ सकते हैं।
मलेरिया आफिस पहला टोबैको फ्री दफ्तर
सेक्टर नौ स्थित चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग का मलेरिया दफ्तर शहर का पहला टोबैको फ्री दफ्तर बन गया है। यहां आने वाले कोई भी कर्मचारी तंबाकू का सेवन नहीं करते हैं। एडिशनल डायरेक्टर मलेरिया डॉ. दीपक बख्शी ने बताया कि दफ्तर के कुछ कर्मचारी तंबाकू का सेवन करते थे, लेकिन जब उन्हें इसके नुकसान के बारे में बताया गया तो उन्होंने तंबाकू छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया जल्द ही कई सरकारी दफ्तरों को भी तंबाकू फ्री बनाया जाएगा। इसके अलावा एलांते मॉल को भी टोबैको फ्री बनाने की बात चल रही है।
इसलिए पड़ती है लत
तंबाकू में कई केमिकल होते हैं। इसमें निकोटिन नामक पदार्थ भी होता है, जो इंसान के नर्वस सिस्टम पर प्रभाव डालता है। जब व्यक्ति तनाव में होता है तो इसका सेवन करता है, इससे उसे थोड़ी देर में फील गुड का अनुभव होता है। इसके बाद व्यक्ति में लत पड़ जाती है और वह बार-बार इसका सेवन करने लगता है।
तंबाकू के नुकसान
पीजीआई से जुड़े कैंसर और यूरोलॉजी विशेषज्ञ बताते हैं कि तंबाकू चबाने और स्मोकिंग करने से कई प्रकार की बीमारियां होने के खतरे होते हैं। तंबाकू चबाने से मुंह का कैंसर और दांतों को नुकसान पहुंचता है। स्मोकिंग से ब्रेन स्ट्रोक ,लंग्स कैंसर, बांझपन, अस्थमा और सांस की बीमारी होने की संभावना रहती है। इसके अलावा जो लोग स्मोकिंग नहीं करते और स्मोकिंग करने वाले के साथ खड़े रहते हैं तो वह भी उसकी चपेट में आ सकते हैं।
मलेरिया आफिस पहला टोबैको फ्री दफ्तर
सेक्टर नौ स्थित चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग का मलेरिया दफ्तर शहर का पहला टोबैको फ्री दफ्तर बन गया है। यहां आने वाले कोई भी कर्मचारी तंबाकू का सेवन नहीं करते हैं। एडिशनल डायरेक्टर मलेरिया डॉ. दीपक बख्शी ने बताया कि दफ्तर के कुछ कर्मचारी तंबाकू का सेवन करते थे, लेकिन जब उन्हें इसके नुकसान के बारे में बताया गया तो उन्होंने तंबाकू छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया जल्द ही कई सरकारी दफ्तरों को भी तंबाकू फ्री बनाया जाएगा। इसके अलावा एलांते मॉल को भी टोबैको फ्री बनाने की बात चल रही है।
फतेहगढ़ साहिब को टोबैको व स्मोक फ्री बनाया जाएगा
देव आदेश के चलते घाटी की एक दर्जन पंचायतों में बीड़ी-सिगरेट का प्रवेश निषेध है।
- फोटो : Demo pic
पीजीआई के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ और फतेहगढ़ साहिब एडमिनिस्ट्रेशन ने जिले को सौ फीसदी तंबाकू स्मोक फ्री बनाने के लिए हाथ मिलाया है। जिले में 24 से लेकर 31 मई तक एक अभियान चलाया गया।
अभियान के आखिरी दिन पीजीआई के एन्वायरमेंट हेल्थ के एसोसिएट प्रोफेसर डा. रविंद्रा खैवाल ने बताया कि सिगरेट को जलाने में चार हजार से ज्यादा हानिकारक केमिकल मिले होते हैं। सिविल अस्पताल के सिविल सर्जन डा. हरजिंदर कौर ने बताया कि पीजीआई के प्रयास से जिले को तंबाकू स्मोक फ्री बनाने के लिए पुरजोर कोशिश की जाएगी।
ऐसे छोड़ सकते हैं सिगरेट और तंबाकू
- सिगरेट व तंबाकू छोड़ने के लिए डाक्टर व काउंसलर से मिलें।
- तनावरहित रहने के लिए कम से कम 45 मिनट एक्सरसाइज करें।
- यदि खाली रहते हैं तो अपने आपको व्यस्त रखें।
- तंबाकू छोड़ने के दौरान हेल्दी खाना लें।
- घर और आफिस से सिगरेट के पैकेट हटा दें।
अभियान के आखिरी दिन पीजीआई के एन्वायरमेंट हेल्थ के एसोसिएट प्रोफेसर डा. रविंद्रा खैवाल ने बताया कि सिगरेट को जलाने में चार हजार से ज्यादा हानिकारक केमिकल मिले होते हैं। सिविल अस्पताल के सिविल सर्जन डा. हरजिंदर कौर ने बताया कि पीजीआई के प्रयास से जिले को तंबाकू स्मोक फ्री बनाने के लिए पुरजोर कोशिश की जाएगी।
ऐसे छोड़ सकते हैं सिगरेट और तंबाकू
- सिगरेट व तंबाकू छोड़ने के लिए डाक्टर व काउंसलर से मिलें।
- तनावरहित रहने के लिए कम से कम 45 मिनट एक्सरसाइज करें।
- यदि खाली रहते हैं तो अपने आपको व्यस्त रखें।
- तंबाकू छोड़ने के दौरान हेल्दी खाना लें।
- घर और आफिस से सिगरेट के पैकेट हटा दें।