{"_id":"536276f7081a7a35f7fe4f992f9a387d","slug":"no-sale-of-smoking-products-in-haryana-without-licence-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना लाइसेंस बीड़ी, सिगरेट बेची तो खैर नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना लाइसेंस बीड़ी, सिगरेट बेची तो खैर नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 25 Jun 2015 12:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में अब बीड़ी-सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पाद बेचने के लिए ठीक वैसे ही लाइसेंस की जरूरत होगी, जैसी अन्य विष की सूची में शामिल वस्तुओं को रखने और बेचने के लिए अनिवार्य है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा है कि हरियाणा विष स्वामित्व एवं विक्रय नियम-1966 के तहत अब तक घोषित 19 प्रकार के विष की अनुसूची में ‘निकोटीन’ को भी शामिल कर लिया गया है।
विज्ञापन
यह बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू जैसे पदार्थों में पाया जाता है। कानून बनने के बाद कोई भी बिना लाइसेंस बिड़ी-सिगरेट नहीं बेच पाएगा और ऐसा करता पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि निकोटीन विष जैसे पदार्थों की सूची में शामिल किए जाने के बाद अब इनकी संख्या 20 हो गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इसकी मंजूरी प्रदान कर दी है।
उन्होंने कहा है कि अब निकोटीन बेचने वालों को भी उन्हीं नियमों का पालन करना पड़ेगा, जोकि पहले से अधिसूचित विषों के स्वामित्व एवं विक्रय करने वालों पर लागू होते हैं। निकोटीन को किसी भी वस्तु से निकालने (व्युत्पादित) या संयोग (ऐडटिव) करके किसी भी रूप में प्राप्त किया जा सकता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि विष की सूची में शामिल सभी प्रकार के विष को खरीदने व बेचने के लिए नियम निर्धारित किए गए हैं। इसके तहत कोई भी व्यवसायी ऐसी वस्तुओं को किसी शैक्षिक संस्था, चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान, अस्पताल, औषधालय, मान्यता प्राप्त चिकित्सा संस्था, औद्योगिक फर्म और सरकारी विभागों में नियमानुसार ही सप्लाई कर सकता है।
इस संबंध में जल्द ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। सूची में अब तक शामिल विषः ऐसिटिक ऐसिड, ऐसिटिक एनहाइडराइड, सल्फयूरिक ऐसिड, हाइड्रोक्लोरिक ऐसिड, फास्फोरिक ऐसिड, परक्लोरिक ऐसिड, फोरमिक ऐसिड, हाइड्रोश्यानिक ऐसिड, नाइट्रिक ऐसिड, ऑक्सेलिक ऐसिड, मरकरी का परक्लोराइड, पोटाशियम हाइड्रोक्साइड, सोडियम हाइड्रोक्साइड, हाइड्रोजन पैराक्साइड, फारमेल्डीहाइड, फिनोल और सोडियम हाईपोक्लोराइड।
प्रदेश सरकार जल्द जारी करेगी अधिसूचना
प्रदेश में नशे पर लगाम कसने के लिए बीड़ी व सिगरेट की बिना लाइसेंस बिक्री को प्रतिबंधित किया जा रहा है। निकोटीन को जहर की सूची में शामिल करने की अधिसूचना जारी होने के बाद यदि कोई बिना लाइसेंस बीड़ी-सिगरेट बेचता पाया जाता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।
-अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री