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मोरनी गेस्ट हाउस मालिकों को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, कहा- ये वही गेस्ट हाउस हैं न जहां रेप होते हैं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 28 Aug 2018 04:07 PM IST
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मोरनी गैंगरेप के बाद मोरनी रोड पर बने 100 से अधिक गेस्ट हाउस पर लगे ताले को लेकर गेस्ट हाउस मालिकों को हाईकोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि यह वही गेस्ट हाउस हैं न जहां रेप होते हैं। एक मामला सामने आ गया और बाकी पर्दे में चलता रहता है। कोर्ट की इन टिप्पणियों के बाद गेस्ट हाउस मालिकों को याचिका वापस लेनी पड़ी। मामले की सुनवाई आरंभ होते ही गेस्ट हाउस मालिकों की ओर से हाईकोर्ट से अपील की गई कि पर्यटन के क्षेत्र में बने इन गेस्ट हाउस को रेगुलर किया जाए।
यहां से कई लोगों की रोजी रोटी जुड़ी है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि यह वही गेस्ट हाउस हैं न जहां रेप होते हैं। याची के वकील ने इस पर दलील देते हुए कहा कि वह एक जगह हुआ बाकी लोगों का इससे काई लेना देना नहीं है। कोर्ट ने कहा कि एक घटना जो सामने आ गई बाकी जगह जो होता है वह सामने नहीं आया, लेकिन होता वहां पर भी रेप ही है। इस पर याची के वकील ने कहा कि सभी गेस्ट हाउस में कैमरे लगे हुए हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि इन कैमरों से क्या होता है? हमें सब पता है यह कैमरे क्यों और कहां लगाए जाते हैं।
पहाड़ी क्षेत्र में निर्माण की अनुमति कैसे दी जा सकती है
कोर्ट ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र में इस प्रकार के निर्माण को अनुमति कैसे दी जा सकती है। बीते दिनों हिमाचल और उत्तराखंड में कैसे इस प्रकार की इमारतें ताश के पत्तों की तरह गिर गई उससे सबक नहंीं लिया क्या। कोर्ट ने कहा कि यह पूरी तरह से पॉलिसी मैटर है और सरकार चाहे तो इसमें कुछ कर सकती है। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद ऐसे अवैध निर्माण किए गए हैं। यदि याची इन गेस्ट हाउस को गिराने केलिए याचिका दाखिल करते तो कोर्ट को आदेश जारी करने में ज्यादा खुशी होती।
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चुनाव आने वाले हैं सरकार से गुहार लगाओ
हाईकोर्ट ने कहा कि कोर्ट याची को कोई राहत नहीं दे सकता है। यह काम एक्सपर्ट का है कि वह देखें कि क्या रेगुलर किया जा सकता है या नहीं। क्या गेस्ट हाउस सेफ हैं या नहीं। कोर्ट ने कहा कि चुनाव नजदीक आ रहे हैं इसलिए सरकार से गुहार लगाएं। क्योंकि कोर्ट याची को किसी भी प्रकार की राहत नहीं दे सकता है। इस पर याची ने याचिका को वापस लेने की छूट मांगी।
स्कूल और अस्पताल पूरे नहीं, गेस्ट हाउस सैकड़ों
हाईकोर्ट ने कहा कि मोरनी क्षेत्र में स्कूल व अस्पताल वहां के लोगों की जरूरत के हिसाब से पूरे नहीं है लेकिन सैकड़ों की संख्या में गेस्ट हाउस बने हुए हैं। इस पर याची ने कहा कि वहां सरकारी गेस्ट हाउस भी है। कोर्ट ने कहा कि उसके खिलाफ याचिका दाखिल करो उसे भी हटा देंगे। सरकार को कोई अधिकार नहीं है कि वह किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण करे।
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यहां से कई लोगों की रोजी रोटी जुड़ी है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि यह वही गेस्ट हाउस हैं न जहां रेप होते हैं। याची के वकील ने इस पर दलील देते हुए कहा कि वह एक जगह हुआ बाकी लोगों का इससे काई लेना देना नहीं है। कोर्ट ने कहा कि एक घटना जो सामने आ गई बाकी जगह जो होता है वह सामने नहीं आया, लेकिन होता वहां पर भी रेप ही है। इस पर याची के वकील ने कहा कि सभी गेस्ट हाउस में कैमरे लगे हुए हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि इन कैमरों से क्या होता है? हमें सब पता है यह कैमरे क्यों और कहां लगाए जाते हैं।
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पहाड़ी क्षेत्र में निर्माण की अनुमति कैसे दी जा सकती है
कोर्ट ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र में इस प्रकार के निर्माण को अनुमति कैसे दी जा सकती है। बीते दिनों हिमाचल और उत्तराखंड में कैसे इस प्रकार की इमारतें ताश के पत्तों की तरह गिर गई उससे सबक नहंीं लिया क्या। कोर्ट ने कहा कि यह पूरी तरह से पॉलिसी मैटर है और सरकार चाहे तो इसमें कुछ कर सकती है। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद ऐसे अवैध निर्माण किए गए हैं। यदि याची इन गेस्ट हाउस को गिराने केलिए याचिका दाखिल करते तो कोर्ट को आदेश जारी करने में ज्यादा खुशी होती।
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चुनाव आने वाले हैं सरकार से गुहार लगाओ
हाईकोर्ट ने कहा कि कोर्ट याची को कोई राहत नहीं दे सकता है। यह काम एक्सपर्ट का है कि वह देखें कि क्या रेगुलर किया जा सकता है या नहीं। क्या गेस्ट हाउस सेफ हैं या नहीं। कोर्ट ने कहा कि चुनाव नजदीक आ रहे हैं इसलिए सरकार से गुहार लगाएं। क्योंकि कोर्ट याची को किसी भी प्रकार की राहत नहीं दे सकता है। इस पर याची ने याचिका को वापस लेने की छूट मांगी।
स्कूल और अस्पताल पूरे नहीं, गेस्ट हाउस सैकड़ों
हाईकोर्ट ने कहा कि मोरनी क्षेत्र में स्कूल व अस्पताल वहां के लोगों की जरूरत के हिसाब से पूरे नहीं है लेकिन सैकड़ों की संख्या में गेस्ट हाउस बने हुए हैं। इस पर याची ने कहा कि वहां सरकारी गेस्ट हाउस भी है। कोर्ट ने कहा कि उसके खिलाफ याचिका दाखिल करो उसे भी हटा देंगे। सरकार को कोई अधिकार नहीं है कि वह किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण करे।