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Haryana: भर्ती फर्जीवाड़े के आरोपी अनिल नागर को झटका, जमानत याचिका पर बिना किसी राहत सुनवाई टली

Mon, 08 Aug 2022 08:13 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 08 Aug 2022 08:13 PM IST
सार

राज्य सतर्कता ब्यूरो ने 19 नवंबर को हरियाणा लोक सेवा आयोग के उप सचिव अनिल नागर व अन्य को गिरफ्तार किया था। याचिकाकर्ता पर आरोप था कि डेंटल सर्जन भर्ती की परीक्षा के आवेदकों के अंकों में याची ने हेरफेर किया था। 17 नवंबर को इस मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज की गई और इसके बाद कई ठिकानों पर छापा मारा गया था।

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No relief to Anil nagar from Punjab and Haryana high court
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डेंटल सर्जन और एचसीएस प्रारंभिक परीक्षा में हुए फर्जीवाड़े के आरोपी अनिल नागर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उन्हें बिना कोई राहत दिए जमानत याचिका पर सुनवाई टाल दी है। याचिका में नागर ने कहा कि इस मामले में सह आरोपियों से याची का संबंध साबित करने में पुलिस पूरी तरह से नाकाम रही है। 

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इस फर्जीवाड़े से याची का कोई लेना-देना नहीं है और पुलिस उसे फंसा रही है। इस मामले में जांच पूरी हो चुकी है और पुलिस चालान पेश कर चुकी है। इन सब के बाद अब याची को हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं बचता है। याची ने बताया कि उसकी पत्नी का केवल एक फेफड़ा काम कर रहा है और जल्द ही उसकी मेजर सर्जरी होनी है। ऐसे में याची को जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए। इस मामले में शुक्रवार को हरियाणा सरकार ने जवाब दाखिल किया। हाईकोर्ट ने जवाब को रिकॉर्ड पर लेते हुए नागर को बिना कोई राहत दिए सुनवाई स्थगित कर दी।
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यह है मामला
राज्य सतर्कता ब्यूरो ने 19 नवंबर को हरियाणा लोक सेवा आयोग के उप सचिव अनिल नागर व अन्य को गिरफ्तार किया था। याचिकाकर्ता पर आरोप था कि डेंटल सर्जन भर्ती की परीक्षा के आवेदकों के अंकों में याची ने हेरफेर किया था। 17 नवंबर को इस मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज की गई और इसके बाद कई ठिकानों पर छापा मारा गया। इस दौरान नवीन कुमार को 20 लाख रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। इसके बाद अश्वनी शर्मा को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद जब उसके घर की तलाशी ली गई तो 1 करोड़ 7 लाख 97 हजार रुपये की नकदी विजिलेंस के हाथ लगी। आगे की जांच के बाद स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने एचसीएस अनिल नागर को गिरफ्तार किया था।

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