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Chandigarh News: हरियाणा में 1032 अस्थाई स्कूलों को राहत नहीं, भरनी होगी बाॅंन्ड राशि
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शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने जारी किया पत्र
60 हजार बच्चों का भविष्य पर निजी स्कूलों के हाथों में
चंडीगढ़। हरियाणा के अस्थाई मान्यता प्राप्त 1032 स्कूलों को सरकार और राहत देने के मूड में नहीं है। शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने पत्र जारी कर साफ कर दिया है कि स्कूलों को स्थाई मान्यता के लिए तय निर्धारित बाॅन्ड राशि भरनी होगी, जो स्कूल बाॅन्ड राशि जमा करा देगा, वह हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से सत्र 2023-24 के लिए संबंद्धता ले सकेगा और उसके विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे। साथ ही 31 मार्च, 2024 तक स्थाई मान्यता हासिल करें।
सरकार के पत्र के बाद अब 10वीं और 12वीं के 60 हजार बच्चों का भविष्य निजी स्कूल संचालकों के हाथ में है। अगर स्कूलों ने बाॅन्ड राशि जमा नहीं कराई तो विद्यार्थी परीक्षा देने से वंचित रह सकते हैं। क्योंकि फरवरी में बोर्ड की परीक्षाएं हैं और अभी तक इन विद्यार्थियों के बोर्ड के फार्म नहीं भरे जा सकेंगे। ये फार्म तभी भरे जा सकेंगे, जब सरकार स्कूलों को एक साल के लिए मान्यता देगी।
मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री पहले से ही इन स्कूलों को एक और साल की अस्थाई मान्यता देने से इंकार कर चुके हैं। निजी स्कूल बॉन्ड राशि में छूट की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार ने साफ कर दिया है कि अब और राहत नहीं मिलने वाली। पालिसी के तहत कक्षा पांच तक के स्कूल को एक लाख, 8वीं तक के स्कूल को 1.50 लाख और सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूल के लिए 2 लाख रुपये बॉन्ड (बीमा) राशि तय कर रखी है। अगर तय अवधि में स्कूल मान्यता लेता है तो यह राशि बाद में स्कूल को वापस दे दी जाएगी और अगर कोई स्कूल ऐसा नहीं करता है तो उसकी राशि जब्त हो जाएगी।
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बॉन्ड राशि अधिक है, इसमें छूट दी जानी चाहिए। स्कूलों की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि वह इतनी मोटी राशि जमा करा सकें। सरकार को 60 हजार बच्चों के भविष्य को देखते हुए फैसला लेना चाहिए। दूसरा, अगर विभाग ने ऐसा ही करना था तो ये पत्र एक माह पहले जारी हो सकता था, अब परीक्षाओं की तिथि भी तय हो गई है। अब एक साथ में स्कूल इतनी राशि कहां से जुटाएंगे। इस संंबंध में जल्द ही शिक्षा मंत्री से मुलाकात की जाएगी। - सत्यवान कुंडू, राज्य प्रधान, प्राइवेट स्कूल संघ।
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60 हजार बच्चों का भविष्य पर निजी स्कूलों के हाथों में
चंडीगढ़। हरियाणा के अस्थाई मान्यता प्राप्त 1032 स्कूलों को सरकार और राहत देने के मूड में नहीं है। शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने पत्र जारी कर साफ कर दिया है कि स्कूलों को स्थाई मान्यता के लिए तय निर्धारित बाॅन्ड राशि भरनी होगी, जो स्कूल बाॅन्ड राशि जमा करा देगा, वह हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से सत्र 2023-24 के लिए संबंद्धता ले सकेगा और उसके विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे। साथ ही 31 मार्च, 2024 तक स्थाई मान्यता हासिल करें।
सरकार के पत्र के बाद अब 10वीं और 12वीं के 60 हजार बच्चों का भविष्य निजी स्कूल संचालकों के हाथ में है। अगर स्कूलों ने बाॅन्ड राशि जमा नहीं कराई तो विद्यार्थी परीक्षा देने से वंचित रह सकते हैं। क्योंकि फरवरी में बोर्ड की परीक्षाएं हैं और अभी तक इन विद्यार्थियों के बोर्ड के फार्म नहीं भरे जा सकेंगे। ये फार्म तभी भरे जा सकेंगे, जब सरकार स्कूलों को एक साल के लिए मान्यता देगी।
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मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री पहले से ही इन स्कूलों को एक और साल की अस्थाई मान्यता देने से इंकार कर चुके हैं। निजी स्कूल बॉन्ड राशि में छूट की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार ने साफ कर दिया है कि अब और राहत नहीं मिलने वाली। पालिसी के तहत कक्षा पांच तक के स्कूल को एक लाख, 8वीं तक के स्कूल को 1.50 लाख और सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूल के लिए 2 लाख रुपये बॉन्ड (बीमा) राशि तय कर रखी है। अगर तय अवधि में स्कूल मान्यता लेता है तो यह राशि बाद में स्कूल को वापस दे दी जाएगी और अगर कोई स्कूल ऐसा नहीं करता है तो उसकी राशि जब्त हो जाएगी।
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बॉन्ड राशि अधिक है, इसमें छूट दी जानी चाहिए। स्कूलों की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि वह इतनी मोटी राशि जमा करा सकें। सरकार को 60 हजार बच्चों के भविष्य को देखते हुए फैसला लेना चाहिए। दूसरा, अगर विभाग ने ऐसा ही करना था तो ये पत्र एक माह पहले जारी हो सकता था, अब परीक्षाओं की तिथि भी तय हो गई है। अब एक साथ में स्कूल इतनी राशि कहां से जुटाएंगे। इस संंबंध में जल्द ही शिक्षा मंत्री से मुलाकात की जाएगी। - सत्यवान कुंडू, राज्य प्रधान, प्राइवेट स्कूल संघ।