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पीयू का बजट यूजीसी ने शामिल किया या नहीं, किसी को नहीं पता
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी का बजट यूजीसी ने शामिल किया या नहीं, यह किसी को पता नहीं चल पा रहा है। यदि बजट शामिल नहीं हुआ होगा तो पीयू को आर्थिक संकट हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि पीयू के अधिकारी यूजीसी से संपर्क साधकर बजट के बारे में जानकारी ले रहे हैं। अभी तक बजट को लेकर राहतभरी खबर नहीं मिल रही है।
पीयू में सीनेट व सिंडिकेट का कार्यकाल खत्म होने के कारण बजट पास करने में देरी हो गई। लगभग तीन माह देरी से इस बार बजट प्रस्ताव यूजीसी को भेजा गया। सूत्रों का कहना है कि अक्तूबर या नवंबर माह तक यूजीसी को बजट प्रस्ताव भेज दिया होता तो यह यूजीसी बजट में शामिल हो जाता। हालांकि बजट अभी भी शामिल होगा, लेकिन इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है। सूत्रों का कहना है कि पीयू को निर्धारित बजट तो समय-समय पर मिल जाएगा, लेकिन अन्य मदों के लिए मांगे गए बजट की मंजूरी पर संशय है। हर साल जो छह फीसदी बजट बढ़ाकर दिया जाता है उस पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। बताया जाता है कि बजट को मंजूरी वहां से नहीं मिलेगी तो आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। एक कमी यह भी रही कि बिना सिंडिकेट व सीनेट की मंजूरी के बजट प्रस्ताव यूजीसी को भेजा गया है।
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पीयू में सीनेट व सिंडिकेट का कार्यकाल खत्म होने के कारण बजट पास करने में देरी हो गई। लगभग तीन माह देरी से इस बार बजट प्रस्ताव यूजीसी को भेजा गया। सूत्रों का कहना है कि अक्तूबर या नवंबर माह तक यूजीसी को बजट प्रस्ताव भेज दिया होता तो यह यूजीसी बजट में शामिल हो जाता। हालांकि बजट अभी भी शामिल होगा, लेकिन इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है। सूत्रों का कहना है कि पीयू को निर्धारित बजट तो समय-समय पर मिल जाएगा, लेकिन अन्य मदों के लिए मांगे गए बजट की मंजूरी पर संशय है। हर साल जो छह फीसदी बजट बढ़ाकर दिया जाता है उस पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। बताया जाता है कि बजट को मंजूरी वहां से नहीं मिलेगी तो आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। एक कमी यह भी रही कि बिना सिंडिकेट व सीनेट की मंजूरी के बजट प्रस्ताव यूजीसी को भेजा गया है।
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