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हाईकमान के रुख से पंजाब के भाजपाई मायूस, वजह बड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 12 Feb 2016 09:14 AM IST
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पार्टी हाईकमान के रुख से पंजाब के भाजपाई काफी मायूस हैं, क्योंकि उन्हें अभी तक सुखबीर बादल और अमित शाह की बैठक की जानकारी नहीं दी गई है। बैठक के बाद सुखबीर के एलान से भाजपा नेताओं से लेकर वर्करों में और ज्यादा निराशा का आलम है।
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पिछले दिनों अमित शाह ने दिल्ली में पंजाब कोर ग्रुप की बैठक बुलाई थी। इसमें पंजाब के शीर्ष नेताओं ने अकाली दल के साथ गठबंधन के खिलाफ खुलकर आवाज बुलंद की थी। कहा था कि अकाली दल पंजाब में गठबंधन धर्म नहीं निभा रहा है। जिलों से लेकर राज्य स्तर तक भाजपाइयों की कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है।
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भाजपा नेता अपने वर्करों तक के काम नहीं करवा पा रहे हैं। भाजपा के चार मंत्री भी सिर्फ नाम के हैं। उनके महकमे डिप्टी सीएम सुखबीर बादल चला रहे हैं। कोर ग्रुप ने केंद्रीय नेतृत्व से मांग की थी कि या तो गठबंधन खत्म कर अलग चुनाव लड़ा जाए। या फिर अकाली दल के नेतृत्व पर दबाव बना कर उन्हें गठबंधन धर्म निभाने को कहा जाए।
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उसके तुरंत बाद सुखबीर की अमित शाह के साथ बैठक को पंजाब के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था, लेकिन बैठक के बाद भाजपा की तरफ से तो कोई प्रतिक्रिया आई नहीं। सुखबीर ने खुल कर एलान किया कि गठबंधन कायम रहेगा।
इतना ही नहीं, भाजपा पहले की तरह 23 सीटों पर ही चुनाव लडे़गी, बाकी सीटों पर अकाली दल अपने उम्मीदवार उतारेगा। इसके बाद से भाजपा में हड़कंप मचा हुआ है। वर्कर जिलों के नेताओं से और वे सूबे केनेताओं से इस बारे में पूछ रहे हैं, लेकिन किसी के पास कोई जवाब नहीं है।
सिद्धू दंपति ने बढ़ाईं मुश्किलें
पार्टी का एक वर्ग यह मान रहा है कि अमित शाह ने सिर्फ सुखबीर की बात सुनी है, उन्हें न तो कोई आश्वासन दिया है और न ही पार्टी ने इस पर अभी कोई फैसला किया है। पर केंद्रीय नेतृत्व द्वारा स्थिति स्पष्ट न किए जाने से पंजाब भाजपा में पूरी तरह असमंजस की स्थिति है। वहीं, नवजोत सिद्धू और उनकी पत्नी डॉ. नवजोत कौर ने भी पंजाब भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पर हाईकमान के रुख से लग रहा है कि पार्टी उन्हें छोड़ने को तैयार नहीं है।
संगठन मंत्री ने की शीर्ष नेताओं के साथ मुलाकात
पंजाब भाजपा में चल रहे असमंजस के बीच प्रदेश संगठन मंत्री दिनेश कुमार ने पिछले दो दिनों के दौरान दिल्ली में शीर्ष नेताओं के साथ मुलाकात की। जानकारी के मुताबिक दिनेश ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, वित्त मंत्री अरुण जेटली और गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ मुलाकात की। तीनों नेताओं ने उन्हें भरोसा दिलाया कि पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन जल्द होगा। इसके साथ ही मंत्रिमंडल में भी बदलाव किया जाएगा।