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अब दमा के बाद डैमेज नहीं होंगे फेफड़े
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 26 Oct 2014 04:37 PM IST
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दमा के मरीजों में अक्सर फंगस एलर्जी का खतरा बना रहता है। यदि फंगस एलर्जी का समय रहते पता नहीं चलता है तो उससे फेफड़े डैमेज हो जाते हैं। हाल ही में पीजीआई ने अपनी स्टडी में पाया कि इसे जांचने के लिए एस्परजीलस स्पेसिज आईजीई टेस्ट बेहद सटीक है।
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फंगस एलर्जी को जांचने के लिए स्किन टेस्ट और एस्परजीलस स्पेसिज आईजीई टेस्ट का इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन दोनों में कौन सा सटीक है, इस बारे में किसी को पता नहीं था। इससे मरीजों के इलाज में काफी दिक्कत आती थी।
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इसके लिए पीजीआई के पल्मनेरी डिपार्टमेंट के डाक्टर रितेश अग्रवाल, डा. आशुतोष, डा. धीरज और डा. अरुणलोक चक्रवर्ती ने करीब 372 मरीजों पर दोनों टेस्ट एप्लाई किए गए। जांच में पाया कि एस्परजीलस स्पेसिज टेस्ट फंगस एलर्जी को जांचने में पूरी तरह से फिट है।
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उसके बाद पीजीआई में एस्परजीलस स्पेसिज टेस्ट का इस्तेमाल किया जाने लगा है। इस टेस्ट के बाद से मरीजों को काफी फायदा पहुंचा है। फेफड़े डैमेज के केस में काफी कमी देखी गई है।
स्किन टेस्ट से नहीं पकड़ में आया फंगस एलर्जी:
पल्मनरी मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डा. रितेश अग्रवाल ने बताया कि स्किन टेस्ट की एफिशिएंसी कम है। इसका रिजल्ट 94 फीसदी आया। यानी हर 100 में से छह मरीजों में यह टेस्ट बीमारी पकड़ नहीं पाया। वहीं एस्परजीलस टेस्ट सौ प्रतिशत कारगर रहा।
पीजीआई में 400, बाहर 2000 रुपये में:
एस्परजीलस टेस्ट का रेट बाहर 2000 रुपये में होता है, जबकि पीजीआई में यह मात्र 400 रुपये में है। डॉ. रितेश ने इस टेस्ट की प्रक्रिया को समझाते हुए कहा कि जब भी कोई दमा मरीज आता है तो उसका ब्लड सैंपल लेकर एंटीबॉडीज को तलाशा जाता है। इससे आसानी से फंगस एलर्जी के बारे में पता चल जाता है।
इस तरह से मरीजों का हो रहा है फायदा
डा. रितेश के मुताबिक इस टेस्ट समय पर ही फंगस एलर्जी का पता चल जाता है, जिससे उसका ट्रीटमेंट कर दिया जाता है। इससे फेफड़े डैमेज होने का खतरा रुक जाता है।