{"_id":"66fc937c8b25b487f20f1f6a","slug":"no-books-to-students-up-to-8th-in-government-schools-high-court-notice-chandigarh-news-c-16-1-pkl1005-530949-2024-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: सरकारी स्कूलों में आठवीं तक के विद्यार्थियों को किताबें नहीं, हाईकोर्ट का नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: सरकारी स्कूलों में आठवीं तक के विद्यार्थियों को किताबें नहीं, हाईकोर्ट का नोटिस
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब व चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में आठवीं तक के विद्यार्थियों को आधा सत्र बीत जाने के बावजूद किताबें नहीं मिलने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार व यूटी प्रशासन को नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। जवाब न देने पर पंजाब के स्कूली शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव व चंडीगढ़ के शिक्षा निदेशक को हाजिर रहना होगा।
याचिका दाखिल करते हुए चंडीगढ़ निवासी दीप्ति सिंह ने एडवोकेट रंजन लखनपाल के माध्यम से बताया कि सरकार देश भर में आठवीं तक मुफ्त शिक्षा का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्थिति अलग है। याची ने बताया कि आधा सत्र बीत जाने के बावजूद सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को किताबें तक नहीं मिल पाई हैं। संविधान समान अवसर की गारंटी देता है लेकिन बिना किताबों के गरीब विद्यार्थी कैसे प्राइवेट स्कूल से प्रतिस्पर्धा करेंगे।
याचिकाकर्ता ने बताया कि इस संबंध में याची के पास हाईकोर्ट आने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं बचा था। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद कहा कि यह मामला बेहद अहम है और ऐसे में देरी नहीं होनी चाहिए। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार व यूटी प्रशासन को 4 अक्तूबर के लिए नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
याचिका दाखिल करते हुए चंडीगढ़ निवासी दीप्ति सिंह ने एडवोकेट रंजन लखनपाल के माध्यम से बताया कि सरकार देश भर में आठवीं तक मुफ्त शिक्षा का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्थिति अलग है। याची ने बताया कि आधा सत्र बीत जाने के बावजूद सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को किताबें तक नहीं मिल पाई हैं। संविधान समान अवसर की गारंटी देता है लेकिन बिना किताबों के गरीब विद्यार्थी कैसे प्राइवेट स्कूल से प्रतिस्पर्धा करेंगे।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता ने बताया कि इस संबंध में याची के पास हाईकोर्ट आने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं बचा था। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद कहा कि यह मामला बेहद अहम है और ऐसे में देरी नहीं होनी चाहिए। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार व यूटी प्रशासन को 4 अक्तूबर के लिए नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन