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Hindi News ›   Chandigarh ›   Nine years ago decision was taken to build multilevel parking in sector 43, till date no approval has been received

स्मार्ट सिटी चंडीगढ़ का हाल: नौ साल पहले मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का हुआ था फैसला, आज तक मंजूरी ही नहीं मिली  

Mon, 07 Mar 2022 10:56 AM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 07 Mar 2022 10:56 AM IST
सार

पहली बार अगस्त 2013 में प्रशासक के तत्कालीन सलाहकार केके शर्मा ने लोगों की समस्याओं को देखते हुए सेक्टर-43 स्थित आईएसबीटी में मल्टीलेवल पार्किंग की मंजूरी दी थी ताकि जिला अदालत और आईएसबीटी आने वाले लोगों को सुविधा मिल सके। तब 18.33 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आंकी गई थी। 

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Nine years ago decision was taken to build multilevel parking in sector 43, till date no approval has been received
सेक्टर 43 बस स्टैंड चंडीगढ़ - फोटो : फाइल

विस्तार

नौ साल पहले चंडीगढ़ के सेक्टर-43 में मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का फैसला हुआ था, लेकिन आज तक इसे प्रशासनिक स्वीकृति ही नहीं मिली। वर्ष 2013 में इस पर 18 करोड़ की लागत आती और अब मंजूरी मिली तो 81 करोड़ खर्च होंगे। हालांकि इसकी मंजूरी कब तक मिलेगी, कुछ पता नहीं। 

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कई वर्षों से जिला अदालत में आने वाले लोग वाहनों की पार्किंग को लेकर परेशान रहते हैं। सैकड़ों दफा पत्र लिखे जा चुके हैं, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ है। पहली बार अगस्त 2013 में प्रशासक के तत्कालीन सलाहकार केके शर्मा ने लोगों की समस्याओं को देखते हुए सेक्टर-43 स्थित आईएसबीटी में मल्टीलेवल पार्किंग की मंजूरी दी थी ताकि जिला अदालत और आईएसबीटी आने वाले लोगों को सुविधा मिल सके। तब 18.33 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आंकी गई थी। 
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योजना पर कोई काम नहीं हुआ और इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। कुछ साल बाद फैसला हुआ कि जिला अदालत और ज्यूडिशियल अकादमी के बीच खाली पड़ी जगह पर मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाएगी। इसके लिए 62 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत तैयार की गई। ये योजना भी कई साल तक लटकी रही और कोई कार्य नहीं हुआ। वर्ष 2020 में प्रशासक के तत्कालीन सलाहकार मनोज परिदा ने योजना में फिर बदलाव किया और फैसला हुआ कि वहां खाली पड़े 4.5 एकड़ प्लॉट के आधे हिस्से में चार मंजिला मल्टीलेवल पार्किंग बनेगी। इसके लिए 81 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत तैयार की गई लेकिन आज तक इस योजना पर भी काम शुरू नहीं हुआ है। यहां तक कि प्रशासनिक मंजूरी भी नहीं मिली है। 

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सलाहकार परिषद की बैठक में पवन बंसल ने उठाया सवाल 

10 फरवरी 2021 को हुई प्रशासकीय सलाहकार परिषद की बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल ने पूछा था कि सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत और ज्यूडिशियल अकादमी के बीच खाली पड़ी जगह पर यूटी प्रशासन ने मल्टीलेवल पार्किंग बनाने का फैसला किया था, लेकिन उस पर काफी समय बीतने के बावजूद कोई काम नहीं हुआ। इसका जवाब बीते दिनों प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित की अध्यक्षता में हुई सलाहकार परिषद की बैठक में दिया गया। एक्शन टेकन रिपोर्ट में इंजीनियरिंग विभाग ने कहा है कि विभाग को अब भी प्रशासनिक स्वीकृति का इंतजार है। मल्टीलेवल पार्किंग के लिए अनुमानित लागत 81 करोड़ की तैयार की गई है लेकिन इसके मंजूरी मिलने के बाद ही काम को आगे शुरू किया जा सकेगा।

वर्षों से आम लोग हो रहे परेशान लेकिन अधिकारियों को परवाह नहीं

सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत और बस स्टैंड पर रोजाना हजारों लोग आते हैं। पार्किंग की उचित जगह नहीं होने की वजह से लोग आईएसबीटी-43 की तरफ सड़क पर ही अपनी गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। कोर्ट के अंदर पार्किंग की सुविधा है, लेकिन सिर्फ वकीलों के लिए। आम लोगों को पार्किंग के लिए जगह तलाशने में काफी दिक्कत होती है। अभी जो खाली जगह का इस्तेमाल पार्किंग के लिए हो रहा है, वहां बारिश के दिनों में कीचड़ हो जाता है। ये समस्या पिछले कई सालों से है लेकिन प्रशासन के अधिकारियों ने जिला अदालत के लिए आंखें मूंद रखी हैं। अगर प्रशासन की योजना के अनुसार मल्टीलेवल पार्किंग बन जाती तो आज पार्किंग की ऐसी समस्या नहीं होती।

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