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फर्जी मुठभेड़ मामलाः पूर्व एसपी समेत नौ पुलिस कर्मियों को भेजा जेल, सिपाही को मारी थी गोली

Sat, 30 Mar 2019 07:40 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोपड़ (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोपड़ (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Sat, 30 Mar 2019 07:40 PM IST
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Nine policemen including former SP send to jail in fake encounter case
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI

रोपड़ जिला अदालत के आदेश पर 26 साल पहले पुलिस मुलाजिम की मौत के मामले में एक महिला और पंजाब पुलिस के पूर्व एसपी समेत दस पुलिस मुलाजिमों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। मामले में नामजद सभी लोगों ने अदालत में जमानत के लिए याचिका दायर कर दी है। अदालत ने जमानत याचिकाओं और मामले में कत्ल का आरोप तय करने की सुनवाई दो अप्रैल को रखी है। 

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जानकारी के अनुसार 1993 में सिपाही परमजीत सिंह निवासी गांव बुड्डा भोरा की गोली लगने से मौत हो गई थी। सिपाही परमजीत उस समय संगरूर में तैनात था और अपने घर छुट्टी पर आया हुआ था। मामले की पैरवी कर रहे परमजीत के भाई रणधीर सिंह ने बताया कि उसके दादा दलजीत सिंह ने इस संबंध में कत्ल का मामला दर्ज करने के लिए अदालत में याचिका दायर की थी। 
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2015 में उनकी मौत के बाद वह इस केस की पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांव खुआसपुरा निवासी भाग सिंह का महिंदर कौर निवासी मौजलीपुर के साथ पांच हजार रुपये का लेन देन था। यह लेन देन नौकर देने की एवज में था। रणधीर सिंह ने बताया कि भाग सिंह और परमजीत सिंह नौ जुलाई 1993 को सुबह महिंदर कौर के घर पैसे लेने गए थे। 

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Nine policemen including former SP send to jail in fake encounter case
सांकेतिक तस्वीर

तब महिंदर कौर ने पैसे शाम को देने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद परमजीत शाम को महिंदर कौर के घर पैसे लेने गया तो वहां पर पहले से मौजूद पुलिस कर्मियों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। परमजीत सिंह के पहचान पत्र से उसकी पहचान हुई। पुलिस ने इसे आतंकवादियों के साथ क्रास फायरिंग के दौरान गलती से गोली लगने का मामला बताया। इसके बाद परिवार कोर्ट गया।

1993 में पुलिस द्वारा अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर नंबर 32 चमकौर साहिब थाने में दर्ज की गई थी। परमजीत सिंह के परिवार ने मई 2002 में पुलिस के खिलाफ क्रिमिनल कंप्लेंट दायर की। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने धारा 304 (ए), 120 बी गैर इरातन हत्या का चार्ज लगा दिया था। ये चार्ज आरोपी तत्कालीन एसएसचओ हरपाल सिंह (सेवानिवृत्त एसपी) समेत तत्कालीन एएसआई संतोख सिंह, गुरनाम सिंह तत्कालीन एएसआई बेला चौकी, इकबाल मुहम्मद हेड कांस्टेबल, मोहिंदर सिंह कांस्टेबल, सुखविंदर लाल कांस्टेबल, परमेल सिंह कांस्टेबल, रजिंदर सिंह कांस्टेबल, जसविंदर सिंह कांस्टेबल और मोहिंदर कौर के खिलाफ लगा था। 

Nine policemen including former SP send to jail in fake encounter case
सांकेतिक तस्वीर

शिकायतकर्ता दलजीत सिंह ने मामले में हत्या की धारा 302 लगवाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी और हाईकोर्ट ने इस मामले में ट्रायल कोर्ट को ही कार्रवाई के लिए हिदायत दी थी। इसके बाद से सभी आरोपी जमानत पर चल रहे थे। दो मार्च 2009 में अदालत ने आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या का चार्ज लगाया। शनिवार को जिला के सिविल जज जूनियर डिवीजन हरीश कुमार ने मामले में गैर इरादतन हत्या के आरोप को हत्या के आरोप में तब्दील किया है। 

एडवोकेट अर्शनूर सिंह ने बताया कि महिंदर कौर ने एक अन्य मामले में अदालत में बयान देते हुए इस मामले की सच्चाई बताई थी। महिंदर कौर के यही बयान इस मामले में भी लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब अदालत ने इस संबंध में सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या का आरोप तय कर दिया है और सेशन कोर्ट में अगली सुनवाई होगी।

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