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Chandigarh Grenade Attack: आरोपी रोहन और विशाल के मोबाइल से हुए चौंकाने वाले खुलासे, NIA रिमांड पर लेगी
Wed, 19 Feb 2025 03:20 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Wed, 19 Feb 2025 03:20 PM IST
सार
शहर के सेक्टर-10 स्थित कोठी में हैंड ग्रेनेड फेंकने वाले आरोपी रोहन और विशाल महीस के मोबाइल से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। मामले की जांच कर रही नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) अब दोनों आरोपियों को दोबारा रिमांड पर लेगी।
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आरोपियों की तस्वीर।
- फोटो : संवाद
विस्तार
चंडीगढ़ के सेक्टर-10 स्थित कोठी में 11 सितंबर 2024 को हैंड ग्रेनेड बम ब्लास्ट हुआ था। सेक्टर-10 स्थित कोठी नंबर-575 में बम ब्लास्ट की घटना को अंजाम देने वाले दोनों आरोपी रोहन और विशाल मसीह का जांच करने वाली एनआईए की टीम फिर से रिमांड लेगी। दोनों आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार करने के लिए एनआईए की जांच टीम ने स्पेशल कोर्ट में आवेदन दायर किया है, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। बम ब्लास्ट की घटना को अंजाम देने के बाद भागते समय सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई आरोपियों की फोटो वीडियो मैच कर गई है। इससे पहले जनवरी महीने में भी एनआईए ने दोनों आरोपियों को प्रोक्डशन वारंट पर गिरफ्तार कर इनका तीन दिन का रिमांड लिया था।
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गौरतलब है कि बीती 11 सितंबर की शाम को करीब 6 बजे ऑटो में सवार दो अज्ञात बदमाशों ने 575 नंबर कोठी में हैंड ग्रेनेड बम फेंककर ब्लास्ट किया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि इसी कोठी में कुछ साल पहले तक पंजाब पुलिस से रिटायर एसपी जसकीरत सिंह चहल व उनका परिवार रहता था। चहल को मारने के लिए हैंड ग्रेनेड से बम धमाका किया गया था, जबकि घटना के समय वह इस कोठी में रहते भी नहीं थे। इनमें एक आरोपी को अमृतसर में पंजाब पुलिस की टीम ने केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ मिलकर गिरफ्तार कर लिया था, जबकि दूसरे आरोपी को अगले ही दिन मोबाइल लोकेशन के जरिये दिल्ली से पकड़ा गया था।
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जांच टीम ने कोर्ट में तर्क दिया कि आरोपियों से जब्त उनके मोबाइल फोन को डेटा निकालने के लिए सीएफएसएल चंडीगढ़ भेजा गया था। डेटा निष्कर्षण रिपोर्ट 15 जनवरी को प्राप्त हुई है और इसका विश्लेषण किया गया है। जांच के दौरान मामले में आरोपियों की भूमिका और संलिप्तता के संबंध में कई अन्य महत्वपूर्ण नए तथ्य प्रकाश में आए हैं।
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इसके अलावा, आरोपियों के निकाले गए डेटा के विश्लेषण से, मोबाइल फोन या व्हाट्सएप संपर्क सूची में विभिन्न आपत्तिजनक चैट, वीडियो, फोटो और विदेशी नंबर सहित उन्हें आपत्तिजनक सामग्री सहित सेव किए गए मिले थे। आरोपियों से इस बारे में पूछताछ की जा चुकी है। इसके अलावा, आरोपियों की इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सेक्टर-17 से ली गई सीसीटीवी फुटेज से भी मैच करवाई गई थी। दोनों आरोपियों ने यूएसए बेस्ट हैप्पी पसिया के कहने पर इस घटना को अंजाम दिया था।